CSMCL घोटाला: MD बदलते रहे, 183 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान जारी रहा, चार्जशीट में दावा

VINAY VERMA | Jun 03, 2026, 14:49 IST
Share
csmcl-183-crore-overtime-payment-scam
csmcl-183-crore-overtime-payment-scam

CSMCL में कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले में 183 करोड़ का फर्जी भुगतान सामने आया है। जांच में 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। नकद और चेक ट्रैकिंग से कई खुलासे हुए है।

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले के बाद अब स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। एसीबी-ईओडब्ल्यू की चार्जशीट में दावा किया गया है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच मैनपावर एजेंसियों को करीब 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया। यह राशि ओवरटाइम, बोनस, एक्स्ट्रा वर्क डे और सर्विस चार्ज के नाम पर जारी हुई।

मुख्य सचिव रहते हैं कंपनी के चेयरमैन

CSMCL राज्य सरकार की कंपनी है। इसका चेयरमैन प्रदेश का मुख्य सचिव होता है। कथित गड़बड़ियों के दौरान तत्कालीन मुख्य सचिव अमिताभ जैन कंपनी के अध्यक्ष थे। उनके सेवानिवृत्त होने के बाद वर्तमान मुख्य सचिव विकास शील यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतने बड़े भुगतान पर निगरानी कैसे नहीं हुई।

MD बदलते रहे, भुगतान जारी रहा

चार्जशीट के अनुसार निगम में कई बार प्रबंध निदेशक बदले गए। अरुणपति त्रिपाठी की गिरफ्तारी के बाद राकेश मंडावी, जनक प्रसाद पाठक और महादेव कावरे को एमडी बनाया गया। इसके बावजूद भुगतान की व्यवस्था नहीं बदली। जांच एजेंसी का दावा है कि अतिरिक्त भुगतान लगातार जारी रहा।

जांच के बीच भी चलता रहा सिस्टम

ACB-EOW के मुताबिक जब ईडी और अन्य एजेंसियां शराब घोटाले की जांच कर रही थीं, तब भी निगम में यह व्यवस्था जारी रही। जांच एजेंसी का कहना है कि भुगतान प्रक्रिया में किसी स्तर पर प्रभावी रोक नहीं लगी। इसी वजह से अनियमितताओं का दायरा बढ़ता गया।

28.80 लाख की नकदी से खुली परतें

मामले में बड़ा मोड़ 29 नवंबर 2023 को आया। ईडी ने कार्रवाई कर 28.80 लाख रुपए नकद जब्त किए। इसके बाद जांच की दिशा बदल गई। एजेंसियों को भुगतान और नकदी लेन-देन के बीच संबंधों के संकेत मिले।

दिल्ली से आए चेक, रायपुर में निकली नकदी

चार्जशीट में दावा किया गया है कि मैनपावर एजेंसियों से जुड़े चेक दिल्ली से एयर कुरियर के जरिए रायपुर भेजे गए थे। जांच में सामने आया कि अभिषेक सिंह और तिजऊराम निर्मलकर एयरपोर्ट से चेक लेकर आए। इसके आधार पर करीब 29.40 लाख रुपए नकद निकाले गए।

अफसरों तक पहुंचनी थी रकम?

जांच एजेंसी का आरोप है कि निकाली गई राशि में से 60 हजार रुपए कार्यालय खर्च के लिए अलग रखे गए। बाकी रकम कथित रूप से निगम से जुड़े अधिकारियों तक पहुंचाई जानी थी। हालांकि लाभांडी क्षेत्र में रकम सौंपे जाने से पहले ईडी ने कार्रवाई कर नकदी जब्त कर ली।

फर्जी दावों से हुआ करोड़ों का भुगतान?

जांच में कई कर्मचारियों, अधिकारियों और एजेंसी प्रतिनिधियों के बयान दर्ज किए गए। इनके आधार पर दावा किया गया कि वर्ष 2019 से फर्जी ओवरटाइम, बोनस और एक्स्ट्रा वर्क डे के दावे तैयार किए जा रहे थे। कई मामलों में कर्मचारियों को वास्तविक भुगतान नहीं मिला। लेकिन एजेंसियों को बड़ी राशि जारी होती रही।

2019 के टेंडर के बाद बदला खेल

जांच में बताया गया है कि वर्ष 2017 में सरकार ने शराब दुकानों का संचालन अपने नियंत्रण में लिया था। शुरुआत में एजेंसियों को केवल वेतन, पीएफ, ईएसआईसी और सेवा शुल्क का भुगतान होता था। लेकिन अगस्त 2019 के नए टेंडर के बाद व्यवस्था बदल गई। एजेंसियों को लंबे समय तक काम देने और अतिरिक्त विस्तार का प्रावधान जोड़ा गया। इसके बाद ओवरटाइम भुगतान तेजी से बढ़ा।

12 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट

ACB-EOW ने इस मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट पेश की है। इनमें से 8 आरोपी रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है। आने वाले समय में और नाम सामने आ सकते हैं।

शराब घोटाले के बाद नया सवाल

यह मामला अब केवल शराब घोटाले तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियों का दावा है कि सरकारी शराब दुकानों के संचालन और वित्तीय प्रबंधन में भी गंभीर अनियमितताएं हुईं। अब निगाहें अदालत की सुनवाई और आगे की जांच पर टिकी हैं। क्योंकि 183 करोड़ रुपए के कथित अतिरिक्त भुगतान ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

FAQ

  1. CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला क्या है?
    CSMCL (छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड) में 2019-20 से 2023-24 के बीच मैनपावर एजेंसियों को ओवरटाइम, बोनस और एक्स्ट्रा वर्क के नाम पर करीब 182.98 करोड़ रुपए के कथित अतिरिक्त भुगतान का मामला सामने आया है, जिसे जांच एजेंसियां घोटाला मान रही हैं।
  2. CSMCL घोटाला कैसे सामने आया?
    मामले का खुलासा नकदी जब्ती, चेक ट्रैकिंग और जांच एजेंसियों (ED, ACB-EOW) की जांच के दौरान हुआ। 28.80 लाख रुपए नकद जब्ती और एयर कुरियर से आए चेकों की जांच ने पूरे मामले को उजागर किया।

यह खबरें भी पढ़ें...

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला ; 13 ठिकानों पर रेड से हिला छत्तीसगढ़, निकला करोड़ों का सोना, कैश और दस्तावेज

छत्तीसगढ़ मैनपावर घोटाला: 7 आरोपी गिरफ्तार, 3200 करोड़ के शराब घोटाले से जुड़ा है ये मामला

CG Liquor Scam | 2500 रुपए के शराब घोटाले से जुड़े राज पर राज उगल रही ईडी की डायरी

CSMCL ओवर टाइम घोटाला: कर्मचारियों के नाम पर निकाले करोड़ों, 12 के खिलाफ चालान पेश

Tags:
  • छत्तीसगढ़ शराब घोटाला
  • चार्जशीट
  • CG liquor scam
  • मैनपावर घोटाला
  • CSMCL
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा