रायपुर DJ विवाद: 1.05 करोड़ जुर्माने की गूंज अब हाईकोर्ट में

Umeshwari Baghel | Jul 12, 2026, 21:06 IST
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ध्वनि प्रदूषण और नए कानून पर हाईकोर्ट सख्त
ध्वनि प्रदूषण और नए कानून पर हाईकोर्ट सख्त

रायपुर में गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण के कथित उल्लंघन का मामला अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने 1.05 करोड़ रुपए की पेनल्टी की मांग से जुड़ी याचिका पर निर्णायक अधिकारी को नोटिस जारी किया है।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur। छत्तीसगढ़ के रायपुर में तेज आवाज में DJ बजाने का मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया है। शंकर नगर चौक पर गणेशोत्सव कार्यक्रम के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियमों के उल्लंघन की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

शिकायतकर्ता डॉ. राकेश गुप्ता के अनुसार वर्ष 2023 में गणेश स्थापना और विसर्जन कार्यक्रम के दौरान सात बार नियमों का उल्लंघन हुआ था। उन्होंने हर उल्लंघन पर 15 लाख रुपए का आर्थिक दंड लगाने की मांग की थी।

इस आधार पर कुल 1.05 करोड़ रुपए की पेनल्टी लगाने की मांग की गई। इसके अलावा रायपुर के करबला तालाब सौंदर्यीकरण कार्य में वेटलैंड नियमों के उल्लंघन को लेकर भी शिकायत की गई थी।

पर्यावरण कानून में बदलाव के बाद उठा विवाद

यह मामला पर्यावरण संरक्षण अधिनियम में हुए संशोधन के बाद सामने आया है। वर्ष 2023 में कानून में बदलाव करते हुए कई पर्यावरणीय उल्लंघनों में आपराधिक कार्रवाई की जगह आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया।

इसके लिए पर्यावरण संरक्षण अधिनियम में धारा 15C जोड़ी गई। इस प्रावधान के तहत राज्यों में निर्णायक अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में यह जिम्मेदारी आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव को दी गई है। निर्णायक अधिकारी पर्यावरण नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की सुनवाई कर आर्थिक दंड तय कर सकते हैं।

अधिकारी के फैसले को हाईकोर्ट में दी गई चुनौती

शिकायतकर्ता का कहना है कि निर्णायक अधिकारी ने दोनों मामलों में सीधे गुण-दोष के आधार पर फैसला नहीं किया। अधिकारी ने यह कहते हुए शिकायतों को खारिज कर दिया कि पेनल्टी लगाने की प्रक्रिया अभी तय नहीं हुई है।

इसके बाद इस फैसले के खिलाफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई। मामले की शुरुआती सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने निर्णायक अधिकारी को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

पर्यावरण उल्लंघन पर कितना जुर्माना लग सकता है?

संशोधित पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के अनुसार नियमों के उल्लंघन पर 10 हजार रुपए से लेकर 15 लाख रुपए तक आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।

यदि उल्लंघन लगातार जारी रहता है तो हर दिन अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सरकारी विभाग या अधिकारी द्वारा नियम तोड़ने पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।

दंड राशि जमा नहीं करने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान भी कानून में मौजूद है। इसके अलावा दोगुना जुर्माना या दोनों कार्रवाई की जा सकती है।

देश का पहला मामला होने का दावा

डॉ. राकेश गुप्ता ने दावा किया है कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम में आर्थिक दंड की नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह देश का पहला ऐसा मामला है।

उनके अनुसार इसमें ध्वनि प्रदूषण और वेटलैंड नियमों के उल्लंघन पर आर्थिक दंड लगाने की मांग की गई है।

उनका कहना है कि ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई होने पर सार्वजनिक आयोजनों में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी नजर

यह मामला सिर्फ एक DJ कार्यक्रम तक सीमित नहीं है। इससे यह भी तय होगा कि पर्यावरण कानून के नए आर्थिक दंड प्रावधानों को किस तरह लागू किया जाएगा।

हाईकोर्ट के फैसले से भविष्य में ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरण नियमों के उल्लंघन वाले मामलों में कार्रवाई की दिशा तय हो सकती है।

IMP FACTS

मामला: रायपुर में DJ से ध्वनि प्रदूषण का मामला
स्थान: शंकर नगर चौक, रायपुर (छत्तीसगढ़)
घटना: गणेशोत्सव स्थापना और विसर्जन के दौरान ध्वनि नियमों के उल्लंघन का आरोप
शिकायत वर्ष: 2023
उल्लंघन की संख्या: 7 बार ध्वनि प्रदूषण नियम तोड़ने का आरोप
मांगी गई पेनल्टी: 1.05 करोड़ रुपए
पेनल्टी का आधार: हर उल्लंघन पर 15 लाख रुपए का दंड लगाने की मांग
कोर्ट: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर
हाईकोर्ट का कदम: निर्णायक अधिकारी को नोटिस जारी
जवाब की समय सीमा: 4 सप्ताह
कानूनी आधार: पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 में 2023 का संशोधन
नई धारा: धारा 15C के तहत आर्थिक दंड का प्रावधान
दंड सीमा: 10 हजार रुपए से 15 लाख रुपए तक आर्थिक जुर्माना
लगातार उल्लंघन पर: प्रतिदिन अतिरिक्त जुर्माने का प्रावधान
शिकायतकर्ता: डॉ. राकेश गुप्ता
दावा: आर्थिक दंड व्यवस्था लागू होने के बाद इसे देश का पहला ऐसा मामला बताया गया है।

FAQ

  1. रायपुर DJ ध्वनि प्रदूषण मामले में कितने रुपए की पेनल्टी की मांग की गई है?
    इस मामले में 1.05 करोड़ रुपए की आर्थिक पेनल्टी लगाने की मांग की गई है।
  2. हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या आदेश दिया है?
    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निर्णायक अधिकारी को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
  3. पर्यावरण संरक्षण कानून के तहत कितना जुर्माना लगाया जा सकता है?
    संशोधित कानून के अनुसार पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर 10 हजार रुपए से 15 लाख रुपए तक आर्थिक दंड लगाया जा सकता है।

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