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RAIPUR. डीएमएफ घोटाले में ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो ने घोटाले के किंगपिन सतपाल छाबड़ा को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अवैध कमीशन के तौर पर कमाई गई रकम को खुद के साथ अपने रिश्तेदारों के खाते में जमा करवाया।
भाई भतीजों के खाते में अवैध कमाई
DMF घोटाले की जांच में साक्ष्य और दस्तावेजों के आधार पर यह पाया गया। DMF फंड से संचालित कृषि अनुदान कार्यों में नियमों का उल्लंघन किया गया। वित्तीय अनियमितताएं की गईं। जिससे शासन को गंभीर आर्थिक क्षति हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी द्वारा सिंडिकेट के साथ मिलकर यह गड़बड़ी की गई।
सिंडिकेट में शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, व्यापारी शामिल थे। इन सभी ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र कर कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी की गई। गिरफ्तार आरोपी ने कई करोड़ की अवैध कमीशन नगद और अपने नातेदारों के बैंक खातों में प्राप्त की।
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वित्तीय लेनदेन के डिजिटल साक्ष्य
जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्य और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की गई। इसमें आरोपी की संलिप्तता के पर्याप्त प्रमाण प्राप्त हुए। इसी आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। आरोपी सतपाल छाबड़ा को 25/02/2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया। इस प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्तियों और पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।
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इन धाराओं में कार्रवाई
डीएमएफ मामले में ब्यूरो के अपराध क्रमांक 02/2024, धारा-7, और 12, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, संगोधित अधिनियम 2018, 420, 120बी, 467, 468, 471 भा.द.वि. की विवेचना के तहत जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) फंड में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से संबंधित चल रही जांच में आरोपी सतपाल छाबड़ा को गिरफ्तार किया गया है।
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