विशेष पिछड़ी जनजाति पर डाका : फर्जी बैगा प्रमाण पत्र के खेल का पर्दाफाश

Umeshwari Baghel | Jun 07, 2026, 20:06 IST
Share
fake-baiga-caste-certificate-scam
fake-baiga-caste-certificate-scam

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में फर्जी बैगा जाति प्रमाण पत्र बनवाकर गोंड़, भूमिया और उरांव जाति के लोग सरकारी नौकरी ले रहे हैं। असली बैगा युवाओं के रोजगार प्रभावित हैं। उच्च स्तरीय कमेटी ने 19 प्रकरणों की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ में फर्जी बैगा जाति प्रमाण पत्र का खेल
  • कोटा-मस्तूरी ब्लॉक में सरकारी नौकरी में फर्जीवाड़ा
  • असली बैगा युवाओं के रोजगार पर फर्जीवाड़े का असर
  • हाई-पावर स्क्रूटनी कमेटी ने 19 प्रकरणों की समीक्षा की
  • प्रशासन ने फर्जी प्रमाण पत्र मामले की जांच के निर्देश दिए

NEWS IN DETAIL

Bilaspur। छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा के नाम पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने का खेल तेजी से बढ़ रहा है। सरकारी रिकॉर्ड में जिन ब्लॉकों में बैगा जाति दर्ज नहीं है, वहीं से दर्जनों लोग फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरी में शामिल हो गए हैं। इस खेल ने असली बैगा युवाओं के लिए आरक्षण का लाभ लेना मुश्किल कर दिया है और रोजगार के अवसरों पर सीधा असर डाला है।

कोटा और मस्तूरी ब्लॉक में फर्जीवाड़ा

बिलासपुर जिले के कोटा और मस्तूरी ब्लॉक में फर्जीवाड़ा सबसे ज्यादा देखा गया है। गोंड़, भूमिया और उरांव जाति के लोग विशेष पिछड़ी बैगा जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरी हासिल कर रहे हैं।

अधिकांश मामले शिक्षाकर्मी पदों में हैं। जनपद पंचायत की कार्रवाई के बावजूद यह खेल पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पहले कोटा ब्लॉक की सामान्य प्रशासन समिति ने शिकायत के बाद 13 लोगों को नौकरी से बर्खास्त किया था।

दस्तावेज़ों में असलियत और फर्जीवाड़ा

जांच में यह सामने आया कि जिन लोगों के पास बैगा अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र है, उनके पूर्वजों की जाति अलग दर्ज है। राजस्व रिकॉर्ड, स्कूल दाखिला और निर्वाचन दस्तावेजों में अक्सर इन्हें ढीमर या ओबीसी जाति के रूप में दर्ज किया गया है।

कुछ मामलों में पति-पत्नी की जाति अलग-अलग है। 2011 की जनगणना के अनुसार विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति की आबादी 89,744 है। 1949 से पहले कुछ ढीमर समुदाय के लोग अपने आप को बैगा बताने की प्रवृत्ति रखते थे।

मस्तूरी क्षेत्र में बैगा समुदाय नहीं

सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि 2015-16 में किए गए बैगा जनजाति सर्वे में मस्तूरी क्षेत्र में बैगा समुदाय निवासरत नहीं पाया गया। विधानसभा सत्र के दौरान विभागीय मंत्री ने भी स्पष्ट किया कि मस्तूरी क्षेत्र में बैगा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग नहीं रहते।

इसके बावजूद, दर्जनों लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए और सरकारी नौकरी के पदों पर नियुक्त हो गए। ज्यादातर मामले ढीमर और धीवर समुदाय से जुड़े पाए गए हैं, जो वास्तविक में ओबीसी वर्ग से हैं।

जांच की आवश्यकता वाले गांव

कोटा ब्लॉक के तहसील बेलगहना के आसपास इन ग्राम पंचायतों में विशेष जांच की जरूरत है: बहेरामुड़ा, लुफा, दालसागर (कुपाबांध), बासाझाल, अखराडॉड, लठौरी, चॉटीड़ाड, करहीकछार, छुईहा, चूनाखोदरा (कुरदर), लमनाझार, खसरियापारा, गोंड़पारा (कंचनपुर), टांटीधार, चिखलाडबरी, खैरझिटी, बानाबेल, उपका, बैगापारा (लूफा), मझगाँव, औरापानी, कोरीपारा, सौंतापारा, मीनी मोहल्ला करवा, पहन्दा, दवनपुर और बारीडीह।

प्रशासन का रुख

बिलासपुर संभाग के कमिश्नर सुनील कुमार जैन ने बताया कि कुछ ब्लॉकों से फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने की शिकायतें मिली हैं। संबंधित विभागों को पत्र भेजकर जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और फर्जीवाड़ा करने वालों को सजा दी जाएगी।

हाई-पावर स्क्रूटनी कमेटी की बैठक

आदिम जाति और अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति ने कुल 19 प्रकरणों की समीक्षा की। इसमें से सात प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए थे, जिनमें चार पर आदेश जारी किए गए।

371
371


दो प्रकरणों में पुनः अवसर दिया गया और एक प्रकरण में सोशल स्टेटस प्रस्तुत करने के लिए विजिलेंस टीम को निर्देशित किया गया। इस बैठक का उद्देश्य फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह की पहचान करना और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करना था।

IMP FACTS

मुख्य ब्लॉक: बिलासपुर जिले के कोटा और मस्तूरी ब्लॉक में फर्जी बैगा जाति प्रमाण पत्र का खेल।

लाभार्थी जातियां : गोंड़, भूमिया और उरांव जाति के लोग फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरी में शामिल।

असली बैगा प्रभावित: असली विशेष पिछड़ी बैगा युवाओं के आरक्षण और रोजगार के अवसर प्रभावित।

जनगणना आंकड़ा: 2011 में विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति की आबादी 89,744 थी।

सरकारी कार्रवाई: उच्च स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी ने 19 प्रकरणों की समीक्षा की, 4 पर आदेश जारी, 2 को पुनः मौका दिया और 1 प्रकरण पर सोशल स्टेटस मांगा गया।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में फर्जी बैगा जाति प्रमाण पत्र बनाने का मामला तेजी से बढ़ रहा है। इससे असली बैगा आदिवासियों का हक छिन रहा है और उन्हें सरकारी नौकरी नहीं मिल पा रही है। अगर प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों ने मिलकर इस पर जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं की, तो यह धोखाधड़ी आने वाले समय में और ज्यादा बढ़ जाएगी।

FAQ

  1. फर्जी बैगा प्रमाण पत्र का खेल कहा चल रहा है?
    यह खेल मुख्य रूप से बिलासपुर जिले के कोटा और मस्तूरी ब्लॉक में चल रहा है।
  2. फर्जी प्रमाण पत्र किस जाति के लोग बना रहे हैं?
    गोंड़, भूमिया और उरांव जाति के लोग फर्जी बैगा प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी नौकरी में शामिल हो रहे हैं।
  3. सरकार ने अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
    उच्च स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी ने 19 प्रकरणों की समीक्षा की, 4 पर आदेश जारी, 2 को पुनः मौका और 1 प्रकरण पर सोशल स्टेटस मांगा गया है।

यह खबरें भी पढ़े...

गरियाबंद में विशेष पिछड़ी जनजाति की महिलाओं ने की नसबंदी की मांग, कलेक्टर बोले- ये संभव नहीं

ED की जांच में खुलासा: सालों से हो रहा इंदौर निगम में फर्जी बिल घोटाला, 125.75 करोड़ के फर्जी बिल

आदिवासियों को चाहिए पहचान और मान, डीलिस्टिंग और धर्म कोड पर बंट रहा समाज

Chhattisgarh के आदिम जाति विभाग का मामला | 11 मरों को नौकरी



Tags:
  • सर्व आदिवासी समाज
  • विशेष पिछड़ी जनजाति
  • आदिम जाति विभाग
  • फर्जीवाड़ा
  • बिलासपुर संभाग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा