विशेष पिछड़ी जनजाति पर डाका : फर्जी बैगा प्रमाण पत्र के खेल का पर्दाफाश
Umeshwari Baghel | Jun 07, 2026, 20:06 IST
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में फर्जी बैगा जाति प्रमाण पत्र बनवाकर गोंड़, भूमिया और उरांव जाति के लोग सरकारी नौकरी ले रहे हैं। असली बैगा युवाओं के रोजगार प्रभावित हैं। उच्च स्तरीय कमेटी ने 19 प्रकरणों की जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ में फर्जी बैगा जाति प्रमाण पत्र का खेल
- कोटा-मस्तूरी ब्लॉक में सरकारी नौकरी में फर्जीवाड़ा
- असली बैगा युवाओं के रोजगार पर फर्जीवाड़े का असर
- हाई-पावर स्क्रूटनी कमेटी ने 19 प्रकरणों की समीक्षा की
- प्रशासन ने फर्जी प्रमाण पत्र मामले की जांच के निर्देश दिए
NEWS IN DETAIL
कोटा और मस्तूरी ब्लॉक में फर्जीवाड़ा
अधिकांश मामले शिक्षाकर्मी पदों में हैं। जनपद पंचायत की कार्रवाई के बावजूद यह खेल पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पहले कोटा ब्लॉक की सामान्य प्रशासन समिति ने शिकायत के बाद 13 लोगों को नौकरी से बर्खास्त किया था।
दस्तावेज़ों में असलियत और फर्जीवाड़ा
कुछ मामलों में पति-पत्नी की जाति अलग-अलग है। 2011 की जनगणना के अनुसार विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति की आबादी 89,744 है। 1949 से पहले कुछ ढीमर समुदाय के लोग अपने आप को बैगा बताने की प्रवृत्ति रखते थे।
मस्तूरी क्षेत्र में बैगा समुदाय नहीं
इसके बावजूद, दर्जनों लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए और सरकारी नौकरी के पदों पर नियुक्त हो गए। ज्यादातर मामले ढीमर और धीवर समुदाय से जुड़े पाए गए हैं, जो वास्तविक में ओबीसी वर्ग से हैं।
जांच की आवश्यकता वाले गांव
प्रशासन का रुख
हाई-पावर स्क्रूटनी कमेटी की बैठक
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दो प्रकरणों में पुनः अवसर दिया गया और एक प्रकरण में सोशल स्टेटस प्रस्तुत करने के लिए विजिलेंस टीम को निर्देशित किया गया। इस बैठक का उद्देश्य फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह की पहचान करना और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करना था।
IMP FACTS
लाभार्थी जातियां : गोंड़, भूमिया और उरांव जाति के लोग फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी नौकरी में शामिल।
असली बैगा प्रभावित: असली विशेष पिछड़ी बैगा युवाओं के आरक्षण और रोजगार के अवसर प्रभावित।
जनगणना आंकड़ा: 2011 में विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति की आबादी 89,744 थी।
सरकारी कार्रवाई: उच्च स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी ने 19 प्रकरणों की समीक्षा की, 4 पर आदेश जारी, 2 को पुनः मौका दिया और 1 प्रकरण पर सोशल स्टेटस मांगा गया।
निष्कर्ष
FAQ
- फर्जी बैगा प्रमाण पत्र का खेल कहा चल रहा है?
यह खेल मुख्य रूप से बिलासपुर जिले के कोटा और मस्तूरी ब्लॉक में चल रहा है। - फर्जी प्रमाण पत्र किस जाति के लोग बना रहे हैं?
गोंड़, भूमिया और उरांव जाति के लोग फर्जी बैगा प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी नौकरी में शामिल हो रहे हैं। - सरकार ने अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
उच्च स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी ने 19 प्रकरणों की समीक्षा की, 4 पर आदेश जारी, 2 को पुनः मौका और 1 प्रकरण पर सोशल स्टेटस मांगा गया है।
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