छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र 2026-27 से सरकारी स्कूलों की फीस में हुई वृद्धि

VINAY VERMA | May 21, 2026, 12:11 IST
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उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में विभिन्न शुल्क बढ़ाए गए हैं। कार्यकलाप, क्रीड़ा, विज्ञान प्रायोगिक, बलचर और क्लब निधि में वृद्धि की गई। निर्धन छात्र सहायता और रेडक्रॉस निधि में मामूली बदलाव।

RAIPUR : छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र 2026-27 से सरकारी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ज्यादा स्थानीय शुल्क देना होगा। राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा विभाग की अनुशंसा पर विभिन्न मदों में शुल्क वृद्धि को मंजूरी दे दी है। फैसले के बाद अब अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि स्कूलों में बढ़ती जरूरतों और संसाधनों की लागत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

बढ़ती लागत के बाद भेजा गया प्रस्ताव

जानकारी के अनुसार, लोक शिक्षण संचालनालय यानी डीपीआई ने सरकार को शुल्क संशोधन का प्रस्ताव भेजा था। विभाग का तर्क था कि स्कूलों में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों, खेल प्रतियोगिताओं, विज्ञान प्रयोगशाला और शैक्षणिक कार्यक्रमों की लागत लगातार बढ़ रही है। खेल सामग्री, प्रयोगशाला उपकरण और अन्य संसाधनों की कीमतें पहले की तुलना में काफी ज्यादा हो चुकी हैं। इसी आधार पर प्रशासकीय समिति ने शुल्क बढ़ाने की अनुशंसा की।

हाईस्कूल छात्रों के लिए कितनी बढ़ी फीस

Fees Increased for High School Students
Fees Increased for High School Students


हाईस्कूल स्तर पर कई मदों में शुल्क बढ़ाया गया है। कार्यकलाप शुल्क अब 50 रुपए से बढ़ाकर 65 रुपए कर दिया गया है। निर्धन छात्र सहायता निधि 10 से बढ़ाकर 15 रुपए हो गई है। विज्ञान क्लब निधि 20 से बढ़कर 25 रुपए कर दी गई है। बलचर निधि 50 से बढ़ाकर 60 रुपए की गई है। क्रीड़ा निधि अब 65 रुपए होगी, जो पहले 50 रुपए थी। विज्ञान प्रायोगिक शुल्क भी 50 से बढ़ाकर 65 रुपए कर दिया गया है। हालांकि रेडक्रॉस निधि में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह पहले की तरह 30 रुपए ही रहेगी।

हायर सेकेंडरी में भी बढ़े कई शुल्क

Fee Hikes for High School Students
Fee Hikes for High School Students


उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए भी शुल्क वृद्धि लागू की गई है। कार्यकलाप शुल्क 50 रुपए से बढ़ाकर 75 रुपए कर दिया गया है। निर्धन छात्र सहायता निधि अब 15 रुपए होगी। विज्ञान क्लब निधि 20 से बढ़ाकर 30 रुपए कर दी गई है। बलचर निधि 60 रुपए कर दी गई है। क्रीड़ा निधि 65 से बढ़ाकर 75 रुपए की गई है। विज्ञान प्रायोगिक शुल्क 70 रुपए से बढ़ाकर 85 रुपये कर दिया गया है। यहां भी रेडक्रॉस निधि 30 रुपए ही रखी गई है।

सरकार ने बताई शुल्क बढ़ाने की वजह

स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि यह वृद्धि सीमित और जरूरी जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई है। अधिकारियों के मुताबिक बढ़े हुए शुल्क का उपयोग विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा। इसमें विज्ञान प्रयोगशालाओं की सामग्री, खेल उपकरण, सांस्कृतिक गतिविधियां और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रम शामिल हैं। विभाग का दावा है कि इससे स्कूलों में सुविधाओं का स्तर बेहतर होगा।

अभिभावकों में बढ़ी चिंता

फीस बढ़ोतरी की खबर सामने आने के बाद अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। कई परिवारों का कहना है कि पहले से ही शिक्षा, परिवहन और रोजमर्रा के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ेगा। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह फैसला मुश्किल बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। कुछ अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि यदि शुल्क बढ़ाया जा रहा है तो स्कूलों में सुविधाओं में भी स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए।

स्कूलों को दिए जाएंगे निर्देश

शिक्षा विभाग ने कहा है कि सभी स्कूलों को नई शुल्क व्यवस्था की जानकारी स्पष्ट रूप से अभिभावकों और विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बढ़ा हुआ शुल्क केवल निर्धारित मदों में ही खर्च हो। नए शिक्षा सत्र में यह व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेशभर के हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों पर इसका सीधा असर दिखाई देगा। फिलहाल स्कूल प्रबंधन आगामी सत्र की तैयारियों में जुट गया है।

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