गणित के विद्यार्थी से सहकारिता के सूत्रधार बने आईएएस रमेश शर्मा

Harrison Masih | Jun 10, 2026, 17:33 IST
Share
आईएएस रमेश शर्मा
आईएएस रमेश शर्मा

आईएएस रमेश कुमार शर्मा छत्तीसगढ़ की नौकरशाही के शांत और प्रभावी अधिकारी हैं, जिन्होंने जिला प्रशासन, समाज कल्याण, भू-अभिलेख, मार्कफेड और गृह विभाग जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाया है।

छत्तीसगढ़ की नौकरशाही में कुछ अधिकारी ऐसे हैं, जो सुर्खियों से दूर रहकर अपने काम के जरिए पहचान बनाते हैं। आईएएस रमेश कुमार शर्मा उन्हीं अधिकारियों में गिने जाते हैं। शांत स्वभाव, प्रशासनिक अनुशासन और जमीनी अनुभव के दम पर उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर राज्य शासन के कई महत्वपूर्ण विभागों में अपनी कार्यशैली की छाप छोड़ी है। नई पदस्थापना के मुताबिक अब वे छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग में आयुक्त एवं रजिस्ट्रार (सहकारी समितियां) के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे।

सादगी से शुरू हुआ सफर

रमेश कुमार शर्मा का जन्म 1 जनवरी 1971 को हुआ। वे राज्य सिविल सेवा से पदोन्नत होकर भारतीय प्रशासनिक सेवा में पहुंचे अधिकारियों में शामिल हैं। उनकी प्रशासनिक यात्रा इस बात का उदाहरण है कि निरंतर मेहनत और अनुभव किसी भी अधिकारी को शासन की सर्वोच्च जिम्मेदारियों तक पहुंचा सकता है। वे छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में गिने जाते हैं। रमेश कुमार शर्मा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि विज्ञान और गणित की रही है। उन्होंने गणित विषय में एमएससी की उपाधि प्राप्त की। कहा जाता है कि गणित केवल अंकों का खेल नहीं, बल्कि समस्याओं को तार्किक ढंग से हल करने की कला भी सिखाता है। यही विशेषता उनके प्रशासनिक कामकाज में भी दिखाई देती है। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, आंकड़ों के विश्लेषण और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में उनकी गणितीय सोच उन्हें अलग पहचान देती है।

राज्य सेवा से आईएएस तक का सफर

रमेश कुमार शर्मा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे और बाद में पदोन्नति के जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए। वे वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। राज्य सेवा के अनुभव ने उन्हें ग्रामीण प्रशासन, राजस्व व्यवस्था और स्थानीय शासन की गहरी समझ दी, जिसका लाभ उन्हें बाद की जिम्मेदारियों में मिला। अप्रैल 2018 में उन्हें मुख्य सचिव कार्यालय में उप सचिव के रूप में पदस्थ किया गया। मई 2020 तक इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में रहते हुए उन्होंने शासन की नीति निर्माण प्रक्रिया और प्रशासनिक समन्वय को करीब से समझा। मुख्य सचिव कार्यालय का अनुभव उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, जहां उन्हें राज्य स्तर के फैसलों और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला।



IAS Ramesh Kumar Sharma
IAS Ramesh Kumar Sharma


कबीरधाम कलेक्टर के रूप में जमीनी प्रशासन

मई 2020 में उन्हें कबीरधाम जिले का कलेक्टर बनाया गया। जून 2022 तक वे जिले की कमान संभालते रहे। कलेक्टर के रूप में उनका कार्यकाल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधारों और कानून-व्यवस्था के बेहतर प्रबंधन के लिए जाना जाता है। कोविड काल जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी जिला प्रशासन का नेतृत्व करना उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी रही। जमीनी प्रशासन के इस अनुभव ने उन्हें शासन की वास्तविक चुनौतियों और जनता की अपेक्षाओं से सीधे जोड़ दिया।

समाज कल्याण से लेकर मार्कफेड तक

जून 2022 में उन्हें समाज कल्याण विभाग का संचालक बनाया गया। इस दौरान उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों से जुड़ी योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभाली। इसी अवधि में उन्हें भूमि अभिलेख, मुद्रण एवं लेखन सामग्री, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया। एक साथ कई विभागों का संचालन उनकी प्रशासनिक क्षमता और बहुआयामी अनुभव को दर्शाता है। जुलाई 2023 से अक्टूबर 2024 तक रमेश कुमार शर्मा ने भू-अभिलेख विभाग के पूर्णकालिक संचालक के रूप में काम किया। भूमि रिकॉर्ड, राजस्व प्रबंधन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने की दिशा में इस विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस जिम्मेदारी ने उन्हें राज्य की राजस्व व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से को संभालने का अवसर दिया। अक्टूबर 2024 में उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित यानी मार्कफेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया। मार्कफेड राज्य में किसानों से धान खरीदी और कृषि विपणन की सबसे महत्वपूर्ण संस्थाओं में से एक है। एमडी के रूप में उन्होंने इस विशाल व्यवस्था के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। किसानों और सहकारी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल रहा।

गृह विभाग के बाद अब सहकारिता

मार्कफेड के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग में विशेष सचिव और बाद में सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। गृह विभाग किसी भी राज्य का सबसे संवेदनशील विभाग माना जाता है। कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय से जुड़े मामलों में काम करते हुए उन्होंने शासन के महत्वपूर्ण निर्णयों में भूमिका निभाई। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के बाद रमेश कुमार शर्मा को सहकारिता विभाग में आयुक्त एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां बनाया गया। वर्तमान में वे राज्य की सहकारी संस्थाओं, किसान हितैषी योजनाओं और सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने की जिम्मेदारी संभालेंगे। सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना उनके विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण

एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी होने के बावजूद उन्होंने निरंतर सीखने की प्रक्रिया को जारी रखा। वर्ष 2025 में उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी द्वारा आयोजित 23वें चरण के फेज-3 मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह प्रशिक्षण वरिष्ठ अधिकारियों को बदलती प्रशासनिक चुनौतियों और आधुनिक शासन व्यवस्था के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।

एक शांत लेकिन प्रभावी प्रशासक

आईएएस रमेश कुमार शर्मा की प्रशासनिक यात्रा कई महत्वपूर्ण विभागों से होकर गुजरी है। मुख्य सचिव कार्यालय की नीति निर्माण प्रक्रिया, कबीरधाम का जमीनी प्रशासन, समाज कल्याण की जनहित योजनाएं, भू-अभिलेख का तकनीकी प्रबंधन, मार्कफेड के जरिए किसानों से जुड़ाव, गृह विभाग की संवेदनशील जिम्मेदारी और अब सहकारिता विभाग का नेतृत्व। इन सभी भूमिकाओं ने उन्हें एक बहुआयामी प्रशासक के रूप में स्थापित किया है। सुर्खियों से दूर रहकर काम करने वाले रमेश कुमार शर्मा उन अधिकारियों में शामिल हैं, जिनकी पहचान विवादों से नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों को शांत और व्यवस्थित ढंग से निभाने की कार्यशैली से बनती है। गणित के विद्यार्थी से लेकर छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभ बनने तक का उनका सफर युवा प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी प्रेरणादायक माना जा सकता है।

यह खबरें भी पढ़ें...

सहकारिता आयुक्त की कुर्सी पर आईएएस रमेश शर्मा की एंट्री, 10 दिन से खाली था पद

इंजीनियरिंग के क्लासरूम से वर्दी तक, आईपीएस नीथू कमल की प्रेरक कहानी

जंगलों की चुनौती से एनआईए तक: आईपीएस डी श्रवण की दिलचस्प कहानी

सरकारी स्कूल से रायपुर पुलिस कमिश्नर तक…सादगी से भरी आईपीएस डॉ. संजीव शुक्ला की कहानी

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • कबीरधाम
  • आईएएस अधिकारी
  • आईएएस रमेश शर्मा
  • IAS Ramesh Kumar Sharma
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा