तकनीक से कानून तक का सधा हुआ सफर...आईपीएस हिमांशु गुप्ता
Harrison Masih | Jul 03, 2026, 16:14 IST
आईपीएस हिमांशु गुप्ता
आईपीएस हिमांशु गुप्ता छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों में शामिल हैं। इंजीनियरिंग से UPSC पास कर 1994 बैच के आईपीएस बने गुप्ता ने मध्यप्रदेश से करियर शुरू कर छत्तीसगढ़ कैडर चुना। वर्तमान में वे डीजी जेल के पद पर कार्यरत हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों में गिने जाने वाले हिमांशु गुप्ता का करियर अनुशासन, रणनीति और नेतृत्व का एक मजबूत उदाहरण है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई से लेकर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के शीर्ष स्तर तक पहुंचने का उनका सफर न सिर्फ प्रेरक है, बल्कि युवा अभ्यर्थियों के लिए मार्गदर्शक भी है। 30 जून 1969 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में जन्मे हिमांशु गुप्ता एक साधारण परिवार से आते हैं। बचपन से ही पढ़ाई में तेज रहे गुप्ता ने इंजीनियरिंग में बीई (इलेक्ट्रॉनिक्स) की डिग्री हासिल की। तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के बजाय उन्होंने देश सेवा का रास्ता चुना और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। यही वह मोड़ था, जहां से उनकी जिंदगी ने एक नई दिशा पकड़ी।
आईपीएस बनने के बाद उनकी शुरुआती नियुक्ति मध्य प्रदेश कैडर में हुई। लेकिन वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन होने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ कैडर को चुना। यह फैसला उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ, क्योंकि यहीं उन्होंने अपने नेतृत्व और प्रशासनिक कौशल की असली पहचान बनाई।
उनका ज़मीनी अनुभव भी जबरदस्त है। एसपी से लेकर आईजी तक उन्होंने हर जगह अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हिमांशु गुप्ता का फील्ड अनुभव काफी गहरा रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कई संवेदनशील जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में काम किया, जिनमें धमतरी, कोरबा और जगदलपुर प्रमुख है। इन जिलों में काम करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी प्रभावी रणनीति अपनाई। इसके बाद उन्हें सरगुजा और दुर्ग रेंज का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक नियंत्रण और फील्ड मैनेजमेंट का बेहतरीन संतुलन दिखाया।
![IPS Himanshu Gupta]()
हिमांशु गुप्ता को गुप्तवार्ता (इंटेलिजेंस) के क्षेत्र में भी विशेष अनुभव हासिल है। वे आईजी इंटेलिजेंस और एडीजी इंटेलिजेंस भी रहे हैं। इन भूमिकाओं में उन्होंने राज्य की आंतरिक सुरक्षा, खुफिया नेटवर्क और रणनीतिक फैसलों में अहम भूमिका निभाई। दुर्ग रेंज के आईजी रहते हुए ही उन्हें एडीजी पद पर प्रमोशन मिला। दिलचस्प बात यह रही कि प्रमोशन के बाद भी राज्य सरकार ने उन्हें करीब चार महीने तक दुर्ग रेंज का आईजी बनाए रखा। यह उनके कामकाज पर भरोसे को दर्शाता है। एडीजी प्रशासन के पद पर भी रहे, जहां उन्होंने पूरे पुलिस विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था, नीतियों और संचालन की जिम्मेदारी संभाली है। वर्तमान में वे डीजी जेल की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
हिमांशु गुप्ता की पहचान एक शांत, रणनीतिक और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में होती है। तकनीकी बैकग्राउंड होने के कारण वे आधुनिक पुलिसिंग पर जोर देते हैं। निर्णय लेने में संतुलन और सटीकता उनकी खासियत है। फील्ड और हेडक्वार्टर, दोनों स्तर पर मजबूत पकड़ है। आईपीएस हिमांशु गुप्ता का करियर इस बात का उदाहरण है कि कैसे एक तकनीकी छात्र अपने लक्ष्य, मेहनत और सही फैसलों के दम पर देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ बन सकता है। छत्तीसगढ़ पुलिस में उनकी भूमिका न सिर्फ प्रशासनिक मजबूती देती है, बल्कि युवा अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।.
DG जेल हिमांशु गुप्ता को राष्ट्रपति पदक, IPS सुनील शर्मा सहित 14 अधिकारियों को गैलेंट्री अवॉर्ड
इंजीनियर से आईएएस तक… मयंक चतुर्वेदी की कहानी
दंतेवाड़ा से दिल्ली, आईपीएस से आईएएस तक ....नम्रता जैन की प्रेरक यात्रा
9 जिलों में कप्तानी, चार रेंज की कमान संभालने वाले आईपीएस बीएन मीणा की कहानी
मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़
उनका ज़मीनी अनुभव भी जबरदस्त है। एसपी से लेकर आईजी तक उन्होंने हर जगह अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हिमांशु गुप्ता का फील्ड अनुभव काफी गहरा रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कई संवेदनशील जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में काम किया, जिनमें धमतरी, कोरबा और जगदलपुर प्रमुख है। इन जिलों में काम करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी प्रभावी रणनीति अपनाई। इसके बाद उन्हें सरगुजा और दुर्ग रेंज का पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया। इन पदों पर रहते हुए उन्होंने प्रशासनिक नियंत्रण और फील्ड मैनेजमेंट का बेहतरीन संतुलन दिखाया।
IPS Himanshu Gupta
इंटेलिजेंस और रणनीति में महारत
व्यक्तित्व और कार्यशैली
ये खबरें भी पढ़ें...
इंजीनियर से आईएएस तक… मयंक चतुर्वेदी की कहानी
दंतेवाड़ा से दिल्ली, आईपीएस से आईएएस तक ....नम्रता जैन की प्रेरक यात्रा
9 जिलों में कप्तानी, चार रेंज की कमान संभालने वाले आईपीएस बीएन मीणा की कहानी
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA