महादेव सट्टा में IPS अफसर जांच से बाहर, प्रोटेक्शन मनी वाले चार्जशीट में नहीं

Arun Tiwari | Jul 11, 2026, 16:29 IST
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IPS महादेव बेटिंग जांच चार्जशीट
IPS महादेव बेटिंग जांच चार्जशीट

छत्तीसगढ़ के महादेव सट्टा ऐप घोटाले में सीबीआई ने छह चार्जशीट दाखिल कर 72 लोगों को आरोपी बनाया है। हालांकि, प्रोटेक्शन मनी के आरोपों के बावजूद बड़े पुलिस अफसरों के नाम इससे बाहर हैं।

Raipur : छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत में एक साथ छह आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किए हैं। इन चार्जशीट में महादेव ऐप के मुख्य सरगनाओं समेत कुल 72 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने अपनी जांच में दावा किया है कि अवैध सट्टा कारोबार को संचालित करने के लिए कुछ पुलिस अधिकारियों को प्रोटेक्शन मनी दी जाती थी और फर्जी बैंक खातों के जरिए सट्टे की करोड़ों रुपये की रकम विदेश भेजी गई।

हालांकि सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन अधिकारियों को कथित तौर पर संरक्षण राशि दिए जाने का उल्लेख जांच में किया गया है उनके नाम चार्जशीट में शामिल नहीं किए गए हैं। महादेव सट्टा ऐप मामले की जांच पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) कर रही थीं। इन एजेंसियों की जांच के दौरान कई प्रभावशाली राजनेताओं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम सामने आए थे। इसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपा गया था।

सीबीआई कर चुकी है छापेमारी :

सीबीआई ने 18 दिसंबर 2024 को 21 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान एजेंसी ने छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें आईजी, डीआईजी, एसपी, एएसपी और थाना प्रभारी स्तर के अधिकारी भी शामिल थे। कई अधिकारियों से रायपुर पुलिस लाइन स्थित ऑफिसर्स मेस और नई दिल्ली में भी पूछताछ की गई थी।

इन पर आरोप था कि इन्होंने महादेव सट्टा एप के संचालन के लिए प्रोटेक्शन मनी ली थी। करीब डेढ़ वर्ष तक चली जांच के बाद अब सीबीआई ने अदालत में छह चार्जशीट पेश की हैं, लेकिन इनमें किसी भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को आरोपी नहीं बनाया गया है। यही वजह है कि जांच की दिशा और निष्कर्षों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि जिन लोगों पर पहले से अन्य एजेंसियां कार्रवाई कर चुकी थीं, सीबीआई ने भी मुख्य रूप से उन्हीं के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए हैं।

महादेव सट्टा में IPS अफसर जांच से बाहर
महादेव सट्टा में IPS अफसर जांच से बाहर


सीबीआई का आरोप पत्र :

सीबीआई ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में अलग से एक आरोप पत्र दाखिल किया है, जिसमें छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार विशाल और धीरज महादेव ऐप के प्रमोटरों, उनके परिजनों और सहयोगियों के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकटों की बुकिंग करते थे। इसके लिए उन्होंने टिकट सेवा प्रदाताओं के पास वॉलेट बैलेंस जमा कराया और उसी माध्यम से लगातार टिकट बुक किए। इन आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अलावा भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।

इसके अलावा सीबीआई ने पांच अन्य चार्जशीट में 66 लोगों को आरोपी बनाया है। एजेंसी का आरोप है कि ये सभी लोग सट्टेबाजी सिंडिकेट के विभिन्न पैनलों का संचालन करते थे और अवैध कमाई को छिपाने तथा मनी लॉन्ड्रिंग में सक्रिय भूमिका निभाते थे। जांच के मुताबिक इस सिंडिकेट ने देश के अलग-अलग राज्यों में सट्टेबाजी नेटवर्क तैयार किया और डिजिटल विज्ञापनों व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों लोगों को इस अवैध कारोबार से जोड़ा। इन मामलों में भारतीय दंड संहिता और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं।

सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ प्रमाण :

जांच एजेंसी ने महादेव ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ भी अतिरिक्त साक्ष्य अदालत में पेश किए हैं। सीबीआई के अनुसार, दोनों आरोपी और उनके कई सहयोगी फिलहाल पश्चिम एशिया के देशों में रहकर पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। इनके खिलाफ इंटरपोल पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर चुका है। सीबीआई अब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से दोनों आरोपियों को भारत लाने की प्रक्रिया तेज कर रही है।

FAQ

  1. महादेव सट्टा ऐप मामले में सीबीआई ने कितने लोगों को आरोपी बनाया है?
    उत्तर: सीबीआई ने अदालत में दाखिल की गई छह चार्जशीट में कुल 72 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें ऐप के प्रमोटर और पैनल संचालक शामिल हैं।
  2. क्या महादेव सट्टा ऐप मामले में चार्जशीट में छत्तीसगढ़ के पुलिस अधिकारियों के नाम हैं?
    उत्तर: नहीं, सीबीआई की इस नई चार्जशीट में किसी भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी या आईपीएस अफसर का नाम आरोपी के रूप में शामिल नहीं है।
  3. महादेव ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ और रवि अभी कहाँ हैं?
    उत्तर: महादेव ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल फिलहाल पश्चिम एशिया के देशों में रहकर अपना नेटवर्क चला रहे हैं। उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी है।

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