कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहने के मिले तीन ऑप्शन, क्या त्रिकोण में कटेगा वक्त
The Sootr | Feb 05, 2026, 22:31 IST
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सशर्त जमानत पर जेल से बाहर आए पूर्व मंत्री कवासी लखमा अब कहां निर्वासित जीवन बिताएंगे। उन्हें छत्तीसगढ़ से बाहर रहने के लिए तीन ऑप्शन मिले हैं। इनमें सबसे बड़ा ऑफर तेलंगाना की मंत्री अनसुईया ने दिया है, जो सरेंडर नक्सली हैं।
News in short
- शराब घोटाले में फंसे कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहने के मिले तीन ऑप्शन।
- पूर्व मंत्री कवासी लखमा को इस शर्त पर बेल मिली कि वे छत्तीसगढ़ से रहेंगे बाहर।
- सबसे बड़ा ऑप्शन तेलंगाना की मंत्री दसारी अनसुईया ने दिया, जो सरेंडर नक्सली हैं।
- दूसरा ऑप्शन ओडिशा के मलकानगिरी जिला कांग्रेस अध्यक्ष चिट्टी भाई ने दिया।
- कवासी लखमा के लिए तीसरा और सबसे दिलचस्प विकल्प तेलंगाना के मरईगुड़ा गांव का।
News in Detail
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क्यों खास है यह प्रस्ताव?
सिटक्का की मुलुगु विधानसभा सीट छत्तीसगढ़ बॉर्डर से लगी है और बताया जाता है कि उनके पिछले तीन चुनावों में कवासी लखमा ने पर्दे के पीछे से बड़ी मदद की थी। आज जब लखमा संकट में हैं, तो सिटक्का ने 'दोस्ती का कर्ज' चुकाने के लिए अपने राज्य के द्वार खोल दिए हैं। भद्राचलम से लखमा का पुश्तैनी गांव 'नागा रास' मात्र 165 किलोमीटर दूर है।
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भौगोलिक लाभ
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राजनीतिक मायने
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