6 महीने में नौकरी नहीं दी तो डॉक्टरों का बांड होगा खत्म, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
Harrison Masih | Jun 20, 2026, 19:44 IST
6 महीने में सरकारी नौकरी नहीं तो डॉक्टरों का सर्विस बॉन्ड खत्म 2026
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने MBBS छात्रों के सेवा बांड को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट के अनुसार, यदि राज्य सरकार नियमों के तहत निर्धारित 6 महीने के भीतर नियुक्तिआदेश जारी नहीं करती है, तो छात्रों द्वारा हस्ताक्षरित सेवा बॉन्ड स्वतः समाप्त माना जाएगा।
समझें क्या है पूरा मामला
किसने दायर की याचिका
इन छात्रों का कहना था कि सरकार ने नियमों में तय 6 महीने की अवधि के भीतर नियुक्ति आदेश नहीं दिया। लेकिन फिर भी NOC यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC - No Objection Certificate) देने से इनकार किया जा रहा था। NOC न मिलने से इन छात्रों की उच्च शिक्षा और करियर के अवसर प्रभावित हो रहे थे।
छात्रों ने क्या दलील दी
इस नियम के अनुसार MBBS और इंटर्नशिप पूरी होने के 6 महीने के भीतर नियुक्ति आदेश देना जरूरी है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो सेवा बांड अपने आप खत्म हो जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि समय-सीमा खत्म होने के बाद आयोजित काउंसलिंग के आधार पर समाप्त हो चुके बांड को फिर से लागू नहीं किया जा सकता।
सरकार ने क्या कहा
सरकार ने यह भी कहा कि छात्र काउंसलिंग में शामिल हुए थे और बाद में नियुक्ति आदेश जारी किए गए थे।
हाईकोर्ट ने क्या फैसला दिया
6 महीने की तय अवधि में नियुक्ति आदेश नहीं मिला तो सेवा बांड अपने आप समाप्त माना जाएगा। वैधानिक समय-सीमा खत्म होने के बाद की काउंसलिंग और नियुक्ति आदेश कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं रहते।
काउंसलिंग में भाग लेना अधिकार नहीं छीनता
कोर्ट ने कहा कि किसी वैधानिक प्रावधान के खिलाफ एस्टॉपल का सिद्धांत यानी रुकावट का नियम लागू नहीं होता। काउंसलिंग में हिस्सा लेने से छात्रों का वैधानिक अधिकार खत्म नहीं होता।
बांड राशि वसूली पर भी रोक
सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों से 25 लाख रुपए और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों से 20 लाख रुपए की बांड राशि वसूलना भी गैरकानूनी होगा।
सरकार को NOC का आदेश
पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय को भी निर्देश मिला। यदि याचिकाकर्ताओं को अब तक MBBS की डिग्री नहीं दी गई है तो नियमानुसार डिग्री प्रदान की जाए।
अन्य MBBS छात्रों पर भी असर
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य में ऐसे मामलों में यह फैसला एक महत्वपूर्ण नजीर के रूप में उद्धृत किया जा सकता है।
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