मंत्री ने माना कि भारतमाला कोरिडोर में बड़ा भ्रष्टाचार, सदन में हंगामा
Arun Tiwari | Mar 12, 2025, 17:37 IST
Minister admitted huge corruption Bharatmala Corridor uproar House the sootr
रायपुर से विशाखापट्नम कोरिडोर में हुए भ्रष्टाचार का मामला विधानसभा में गूंजा। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि इस परियोजना में 350 करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ है जिसमें बड़े अधिकारी शामिल हैं।
रायपुर से विशाखापट्नम कोरिडोर में हुए भ्रष्टाचार का मामला विधानसभा में गूंजा। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि इस परियोजना में 350 करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ है जिसमें बड़े अधिकारी शामिल हैं। महंत ने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। यदि ये जांच नहीं कराएंगे तो हमको हाईकोर्ट तक जाना पड़ेगा।
महंत ने कहा कि यह मामला पिछली सरकार में हुए भ्रष्टाचार का है तो फिर इस सरकार को सीबीआई जांच में क्या आपत्ति है। इस सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने माना कि इस प्रोजेक्ट में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी लगातार शिकायतें आ रही हैं और कार्रवाई भी हो रही है।
मंत्री ने कहा कि इस मामले की आयुक्त से जांच कराएंगे। वहीं सीएम बोले कि कांग्रेस सरकार में तो सीबीआई बैन थी,जब उस पर भरोसा नहीं तो फिर जांच की मांग क्यों कर रहे हैं। इस मामले पर सदन में हंगामा हुआ। सरकार के जवाब से नाराज विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
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भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापटनम तक बन रहे इकानामिक कारीडोर के लिए भू अर्जन में की गई करोड़ों की गड़बड़ी का मामला नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने उठाया। डा महंत ने कहा कि राजस्व अफसरों ने 13 मूल खातेदारों के खसरों को 54 टुकड़ों में बांटा दिया।
रायपुर जिले के अभनपुर तहसील के चार गांव का मुआवजा प्रकरण में 43 करोड़ 19 लाख का आर्थिक नुकसान केंद्र सरकार को कराया गया है। बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की जांच का मुद्दा उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की।
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारत माला परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में बन रहे सड़कों के लिए भू अर्जन में अफसरों ने 350 करोड़ से अधिक का घोटाला किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि बड़े पैमाने में किए गए घोटाले की जांच सीबीआई से कराने में सरकार को क्यों आपत्ति हो रही है। राजस्व मंत्री से डा महंत ने कहा कि दोषी अफसरों के खिलाफ एफआईआर कराएं और जेल में डालें।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भारत माला परियोजना के तहत भू अर्जन की प्रक्रिया में गड़बड़ी की बात को स्वीकार किया। राजस्व मंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय राजमार्ग में भूअर्जन में गड़बड़ी की गई है। रायपुर विशाखापटनम इकानामिक सड़क निर्माण में गड़बड़ी को लेकर कृष्णकुमार साहू व हेमंत देवांगन ने शिकायत की थी।
मंत्री ने कहा कि इस परियोजना में दो तीन तरह की गड़बड़ी हुई है। अधिसूचना जारी करने के बाद जमीनों को टुकडों में बांट दिया गया गया,ट्रस्ट की जमीन का मुआवजा ट्रस्ट के बजाय निजी व्यक्ति को दिया गया है। इस मामले में अब भी लगातार शिकायतें मिल रही है।
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डिप्टी कलेक्टर, पटवारी, तहसीलदार व अपर कलेक्टर को निलंबित किया गया है। जांच चल रही है और कार्रवाई भी हो रही है। मंत्री टंकराम ने बताया कि भू अर्जन में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद राज्य शासन ने इस पर प्रभावी ढंग से रोकने लगाने के लिएअधिनियम पारित किया है।
राजस्व मंत्री के जवाब से नाखुश नेता प्रतिपक्ष डा महंत ने पूछा कि अफसरों के खिलाफ एफआईआर कराने में क्यों दिक्कतें आ रही है। जाल ऐसा है कि मायाजाल कहिए या फिर अधिकारियों का जाल कहिए। ,इसे काटकर अफसर फिर आ जाते हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त हो जाते हैं।
हम सचेत नहीं हुए तो लोकतंत्र में इसका अच्छा संदेश नहीं जाएगा। जांच कराने में क्या दिक्कत है। नेता प्रतिपक्ष के सीबीआई जांच की मांग को खारिज करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि पूरे मामले की कमिश्नर से जांच कराएंगे। सदन को आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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हर हाल में कार्रवाई करेंगे। मंत्री के जवाब के बाद नेता प्रतिपक्ष ने सीबीआई जांच की मांग दोहराई,इस पर विधानसभा अध्यक्ष डा रमन सिंह ने कहा कि मंत्री ने कमिश्नर से जांच कराने की बात कही है और कार्रवाई को लेकर सदन को आश्वस्त कराया है। जांच होने दीजिए और रिपोर्ट आने दीजिए। इस पर महंत ने स्पीकर से कहा कि विधायकों का दल बना दें समिति से जांच करा लें, ये तो आप कर सकते हैं। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
महंत ने कहा कि यह मामला पिछली सरकार में हुए भ्रष्टाचार का है तो फिर इस सरकार को सीबीआई जांच में क्या आपत्ति है। इस सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने माना कि इस प्रोजेक्ट में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी लगातार शिकायतें आ रही हैं और कार्रवाई भी हो रही है।
मंत्री ने कहा कि इस मामले की आयुक्त से जांच कराएंगे। वहीं सीएम बोले कि कांग्रेस सरकार में तो सीबीआई बैन थी,जब उस पर भरोसा नहीं तो फिर जांच की मांग क्यों कर रहे हैं। इस मामले पर सदन में हंगामा हुआ। सरकार के जवाब से नाराज विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
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सदन में फिर उठा भारतमाला प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार का मामला
रायपुर जिले के अभनपुर तहसील के चार गांव का मुआवजा प्रकरण में 43 करोड़ 19 लाख का आर्थिक नुकसान केंद्र सरकार को कराया गया है। बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की जांच का मुद्दा उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की।
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारत माला परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ में बन रहे सड़कों के लिए भू अर्जन में अफसरों ने 350 करोड़ से अधिक का घोटाला किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि बड़े पैमाने में किए गए घोटाले की जांच सीबीआई से कराने में सरकार को क्यों आपत्ति हो रही है। राजस्व मंत्री से डा महंत ने कहा कि दोषी अफसरों के खिलाफ एफआईआर कराएं और जेल में डालें।
मंत्री ने माना प्रोजेक्ट में बड़ा भ्रष्टाचार
मंत्री ने कहा कि इस परियोजना में दो तीन तरह की गड़बड़ी हुई है। अधिसूचना जारी करने के बाद जमीनों को टुकडों में बांट दिया गया गया,ट्रस्ट की जमीन का मुआवजा ट्रस्ट के बजाय निजी व्यक्ति को दिया गया है। इस मामले में अब भी लगातार शिकायतें मिल रही है।
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डिप्टी कलेक्टर, पटवारी, तहसीलदार व अपर कलेक्टर को निलंबित किया गया है। जांच चल रही है और कार्रवाई भी हो रही है। मंत्री टंकराम ने बताया कि भू अर्जन में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद राज्य शासन ने इस पर प्रभावी ढंग से रोकने लगाने के लिएअधिनियम पारित किया है।
सदन से विपक्ष का वॉकआउट
हम सचेत नहीं हुए तो लोकतंत्र में इसका अच्छा संदेश नहीं जाएगा। जांच कराने में क्या दिक्कत है। नेता प्रतिपक्ष के सीबीआई जांच की मांग को खारिज करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि पूरे मामले की कमिश्नर से जांच कराएंगे। सदन को आश्वस्त किया कि जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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हर हाल में कार्रवाई करेंगे। मंत्री के जवाब के बाद नेता प्रतिपक्ष ने सीबीआई जांच की मांग दोहराई,इस पर विधानसभा अध्यक्ष डा रमन सिंह ने कहा कि मंत्री ने कमिश्नर से जांच कराने की बात कही है और कार्रवाई को लेकर सदन को आश्वस्त कराया है। जांच होने दीजिए और रिपोर्ट आने दीजिए। इस पर महंत ने स्पीकर से कहा कि विधायकों का दल बना दें समिति से जांच करा लें, ये तो आप कर सकते हैं। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
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