निकाह अवैध, स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी ही मान्य

Krishna Kumar Sikander | Jun 12, 2025, 14:15 IST
Share
Nikah is illegal, only marriage under Special Marriage Act is valid the sootr
Nikah is illegal, only marriage under Special Marriage Act is valid the sootr

छत्तीसगढ़ के कटघोरा की एक युवती के मामले में बिलासपुर हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मस्जिद में हुआ निकाह कानूनी रूप से वैध नहीं है और यदि दोनों पक्ष साथ रहना चाहते हैं, तो उन्हें स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी करनी होगी।

छत्तीसगढ़ के कटघोरा की एक युवती से जुड़े मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मस्जिद में हुआ निकाह कानूनी रूप से वैध नहीं है और यदि दोनों पक्ष साथ रहना चाहते हैं, तो उन्हें स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी करनी होगी। यह मामला तौशीफ मेमन नामक युवक द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा है, जिसमें उसने खुद को युवती का पति बताते हुए उसे अपने साथ रहने की अनुमति मांगी थी।

ये खबर भी पढ़ें... अविवाहित बेटी की संपत्ति पर दत्तक पिता का अधिकार नहीं, हाईकोर्ट का अहम फैसला

यह था पूरा मामला

21 अप्रैल 2025 को कटघोरा की एक कॉलेज छात्रा अचानक लापता हो गई थी। वह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की और कटघोरा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में पता चला कि युवती कोलकाता में तौशीफ मेमन के साथ देखी गई थी। दोनों ने वहां एक मस्जिद में निकाह किया था। पुलिस ने दोनों को कोरबा वापस लाया और पूछताछ शुरू की। प्रारंभ में युवती को तौशीफ के घर भेजा गया, लेकिन स्थानीय हिंदू संगठनों के विरोध के बाद उसे पहले सखी सेंटर और फिर शक्ति सदन भेजा गया। इसके बाद तौशीफ ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसमें दावा किया कि वह युवती का पति है और उसे अपने साथ रहने का अधिकार है।

ये खबर भी पढ़ें... युक्तियुक्तकरण पर हाईकोर्ट सख्त: शिक्षकों को मिली 3 दिन की राहत

हाई कोर्ट में सुनवाई और मध्यस्थता समिति की रिपोर्ट

हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक मध्यस्थता समिति गठित की थी। समिति ने अपनी जांच में पाया कि युवती अपने परिजनों के साथ नहीं, बल्कि तौशीफ के साथ रहना चाहती है। हालांकि, जांच में यह भी सामने आया कि दोनों ने कोलकाता में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी नहीं की थी, बल्कि तौशीफ के धर्म के अनुसार मस्जिद में निकाह किया गया था। कोर्ट ने इस निकाह को कानूनी रूप से अवैध माना, क्योंकि यह स्पेशल मैरिज एक्ट के प्रावधानों का पालन नहीं करता। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि चूंकि दोनों बालिग हैं, इसलिए उन्हें साथ रहने से रोका नहीं जा सकता, बशर्ते वे कानूनी रूप से स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी करें। फिलहाल, कोर्ट ने युवती को कोरबा के सखी सेंटर में भेजने का आदेश दिया है।

ये खबर भी पढ़ें... कोरबा लव जिहाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जज ने सुनाया ये फैसला

कोर्ट का स्पष्ट निर्देश

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में जोर दिया कि भारत में अंतर-धार्मिक विवाह के लिए स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत पंजीकरण अनिवार्य है। कोर्ट ने कहा, "निकाह, जो धार्मिक रीति-रिवाजों के तहत हुआ, कानूनी रूप से मान्य नहीं है। दोनों पक्षों को अपनी मर्जी से साथ रहने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगा।" कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि युवती और तौशीफ, यदि चाहें, तो स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी कर सकते हैं, क्योंकि दोनों की उम्र बालिग होने की कानूनी सीमा को पूरा करती है।

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, प्रशासन में मचा हड़कंप

सामाजिक और कानूनी पहलू

यह मामला न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता को भी उजागर करता है। कटघोरा में हिंदू संगठनों के विरोध ने इस मामले को और जटिल बना दिया था। संगठनों का दावा था कि यह मामला जबरन धर्मांतरण से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, मध्यस्थता समिति की रिपोर्ट ने साफ किया कि युवती अपनी मर्जी से तौशीफ के साथ है।

रिश्ते को कानूनी रूप से वैध बनाएं

हाई कोर्ट के इस फैसले ने स्पेशल मैरिज एक्ट की अहमियत को एक बार फिर रेखांकित किया है। यह कानून अंतर-धार्मिक और अंतर-जातीय विवाहों को कानूनी मान्यता देता है, बशर्ते निर्धारित प्रक्रिया का पालन हो। तौशीफ और युवती के लिए अब यह विकल्प खुला है कि वे कोर्ट के निर्देशानुसार शादी करें और अपने रिश्ते को कानूनी रूप से वैध बनाएं। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर भी चर्चा छेड़ दी है। जहां एक ओर कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला मान रहे हैं, वहीं कुछ संगठन इसे धार्मिक और सामाजिक मुद्दों से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल, युवती सखी सेंटर में है और मामले का अगला कदम दोनों पक्षों के फैसले पर निर्भर करता है।

रीति-रिवाजों से हुए विवाह को कानूनी मान्यता

बिलासपुर हाई कोर्ट का यह फैसला स्पेशल मैरिज एक्ट के महत्व को रेखांकित करता है और यह संदेश देता है कि धार्मिक रीति-रिवाजों के आधार पर हुए विवाह को कानूनी मान्यता तभी मिल सकती है, जब वह देश के कानून के दायरे में हो। यह मामला न केवल कटघोरा, बल्कि पूरे देश में अंतर-धार्मिक विवाहों से जुड़े कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर बहस को और तेज कर सकता है।



निकाह अवैध | स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी ही मान्य | निकाह अवैध | स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी ही मान्य | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा | निकाह अवैध | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा | स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी ही मान्य | Nikah is illegal | Nikah is illegal | only marriage under Special Marriage Act is valid | Chhattisgarh High Court decision

Tags:
  • Chhattisgarh High Court decision
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला
  • निकाह अवैध
  • स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी ही मान्य
  • निकाह अवैध, स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी ही मान्य
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा, निकाह अवैध
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा,स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी ही मान्य
  • Nikah is illegal
  • Nikah is illegal, only marriage under Special Marriage Act is valid
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा