छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के नियम बदले, सिर्फ एग्री स्टैक पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

Harrison Masih | Aug 05, 2026, 13:03 IST
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छत्तीसगढ़ में एग्री स्टैक पंजीयन
छत्तीसगढ़ में एग्री स्टैक पंजीयन

छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब किसानों को राज्य के किसान पोर्टल पर अलग से पंजीयन नहीं कराना होगा। धान बेचने के लिए केवल केंद्र सरकार के एग्री स्टैक पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य होगा।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के लिए अब सिर्फ Agri Stack पंजीयन अनिवार्य।
  • राज्य के किसान पोर्टल पर अलग से पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी।
  • किसानों को सोसायटी में ही एग्री स्टैक पंजीयन की सुविधा मिलेगी।
  • फार्मर आईडी नहीं होने पर पहले एग्री स्टैक में पंजीयन कराना होगा।
  • बिना पंजीयन वाले किसानों को 31 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन पूरा करना जरूरी।
खाद्य विभाग ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों, खाद्य संचालक और अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

सबसे बड़ी राहत यह है कि अब सोसायटियों में भी एग्री स्टैक पंजीयन की सुविधा मिलेगी। इससे किसानों को अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

यह बदलाव आगामी धान खरीदी सीजन को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और तेज हो सके।

सोसायटी में ही मिलेगा लॉगिन आईडी-पासवर्ड

एग्री स्टैक में पंजीयन कराने के लिए सोसायटी के ऑपरेटरों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा, ताकि किसान को पंजीयन के लिए भटकना न पड़े। इससे एक ही स्थान पर सारा काम पूरा हो सकेगा।

विभाग के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2026-27 में धान बेचने के लिए किसानों का रकबा सिर्फ एग्री स्टैक पोर्टल पर दर्ज डिजिटल क्रॉप सर्वे में दिखने वाले रकबे को ही मान्य किया जाएगा।

जिनके पास नहीं है फार्मर आईडी, उन्हें करना होगा यह काम

जिन किसानों ने पिछले सीजन में धान नहीं बेचा और जिनके पास एग्री स्टैक फार्मर आईडी व किसान कोड नहीं है, उन्हें पहले पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा।

इसके बाद उन्हें समिति या उपार्जन केंद्र में जाकर जमीन के खसरे का विवरण, बैंक डिटेल और नॉमिनी की जानकारी ऑनलाइन सोसाइटी मॉड्यूल में दर्ज करानी होगी। यह काम समिति के जरिए ही किया जाएगा।

एग्री स्टैक पर रजिस्ट्रेशन
एग्री स्टैक पर रजिस्ट्रेशन


28 लाख किसान पहले से पंजीकृत

जानकारी के मुताबिक प्रदेश में करीब 28 लाख से ज्यादा किसान पहले से एग्री स्टैक पोर्टल पर पंजीकृत हैं। हालांकि अब भी लाखों की संख्या में किसान इससे छूटे हुए हैं।

ऐसे किसानों के पास पंजीयन कराने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। इस तारीख के बाद पंजीयन में देरी होने पर धान बेचने में दिक्कत आ सकती है।

क्या है एग्री स्टैक?

एग्री स्टैक केंद्र सरकार की डिजिटल कृषि पहल है, जिसके तहत किसानों का एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। इसमें किसान की पहचान, भूमि रिकॉर्ड, फसल और अन्य कृषि संबंधी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहती है।

इसका मकसद सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचाना और कृषि सेवाओं को पारदर्शी बनाना है। छत्तीसगढ़ में इसी सिस्टम को अब धान खरीदी से भी जोड़ दिया गया है।

किसानों के लिए क्या है सलाह

जिन किसानों ने अब तक एग्री स्टैक पोर्टल पर पंजीयन नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द अपनी नजदीकी सोसायटी या उपार्जन केंद्र से संपर्क करना चाहिए।

समय पर पंजीयन पूरा करने से आने वाले सीजन में धान बेचने की प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आएगी। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए हैं।

FAQ

  1. एग्री स्टैक पंजीयन के लिए आखिरी तारीख क्या है?
    जिन किसानों ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है, उनके पास 31 अक्टूबर तक का समय है। प्रदेश में करीब 28 लाख किसान पहले से इस पोर्टल पर पंजीकृत हैं।
  2. एग्री स्टैक रजिस्ट्रेशन कहां कराया जा सकता है?
    किसान अपनी नजदीकी प्राथमिक कृषि साख समिति (सोसायटी) या संबंधित उपार्जन केंद्र में जाकर Agri Stack रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।


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