शिक्षा विभाग की लचर व्यवस्था, किताबों के बिना अधूरी पढ़ाई, सरकारी स्कूलों में भगवान भरोसे शिक्षा
Krishna Kumar Sikander | Jul 21, 2025, 13:33 IST
Poor system of education department the sootr
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में किताबों की कमी ने शिक्षा विभाग के बड़े-बड़े दावों की पोल खोल दी है। जब तक किताबें समय पर उपलब्ध नहीं होंगी, तब तक न तो छात्र ठीक से पढ़ पाएंगे और न ही शिक्षक प्रभावी ढंग से पढ़ा पाएंगे।
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र शुरू हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन स्कूलों में अब तक छात्रों को पूरी किताबें नहीं मिली हैं। शिक्षा विभाग ने सत्र शुरू होने से पहले दावा किया था कि सभी पुस्तकें समय पर स्कूलों में पहुंच जाएंगी, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। किताबों की कमी के कारण छात्र अधूरी पढ़ाई करने को मजबूर हैं, वहीं शिक्षकों को भी पढ़ाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ के स्कूलों की किताबों में AI और रोबोटिक्स की धमक, 2026-27 से किताबें नए रंग-रूप में
कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित, और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों की किताबें अब तक नहीं मिली हैं। राजेंद्र नगर के गजानंद शास्त्री स्कूल में बच्चों ने बताया कि उनके पास जो किताबें उपलब्ध हैं, उसी के आधार पर पढ़ाई हो रही है। बाकी विषयों की पढ़ाई कब शुरू होगी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। सिंधी कॉलोनी की प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में भी यही हाल है, जहां आधी-अधूरी किताबों के साथ पढ़ाई चल रही है।
ये खबर भी पढ़ें... स्कूल की किताबें कबाड़ी को बेचते रंगे हाथों पकड़ी गई संकुल समन्वयक, DEO ने किया निलंबित
छात्रों ने किताबों की कमी से होने वाली परेशानियों को खुलकर बताया।
कक्षा 8वीं का छात्र : “हमें विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित, और अंग्रेजी की किताबें मिली हैं, लेकिन हिंदी और संस्कृत की किताबें अब तक नहीं आईं। पुरानी किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन समझने में दिक्कत हो रही है।”
कक्षा 6वीं का छात्र : “सिर्फ गणित और संस्कृत की किताबें मिली हैं। बाकी विषयों की पढ़ाई मुश्किल हो रही है। होमवर्क भी नहीं कर पा रहे।”
कक्षा 7वीं की छात्रा : “पूरी किताबें न होने से ठीक से पढ़ाई नहीं हो पा रही। शिक्षक खाली समय में कुछ सामान्य जानकारी देते हैं, लेकिन बिना किताब के कुछ समझ नहीं आता।”
ये खबर भी पढ़ें... कैसे शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र... अभी तक नहीं छपी किताबें
शिक्षकों का कहना है कि डिपो से जितनी किताबें मिली हैं, उन्हें बांट दिया गया है। हालांकि, कई किताबों में बारकोड न होने के कारण स्कैनिंग में समस्या आ रही है, जिससे वितरण रुका हुआ है। कुछ स्कूलों में बच्चे अभी तक नियमित रूप से नहीं आ रहे, जिससे किताबों का वितरण और पढ़ाई की प्रक्रिया और जटिल हो रही है। शिक्षकों ने बताया कि इस मुद्दे पर विभागीय अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है।
ये खबर भी पढ़ें... निजी स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें बैन, DEO ने जारी किया सख्त आदेश
शिक्षा विभाग का दावा था कि सत्र शुरू होने से पहले सभी किताबें स्कूलों में पहुंच जाएंगी, लेकिन एक महीने बाद भी स्थिति जस की तस है। किताबों की कमी ने न केवल छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित किया है, बल्कि शिक्षकों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया है। बिना किताबों के पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही है, जिससे सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
यह स्थिति शिक्षा विभाग की लापरवाही और खराब नियोजन को दर्शाती है। किताबों की समय पर आपूर्ति और स्कैनिंग की तकनीकी समस्याओं का समाधान न होने से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर प्रभावित हो रहा है। सरकार को इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की जरूरत है, ताकि छात्रों का भविष्य और शिक्षा का अधिकार सुरक्षित रह सके।
thesootr links
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूल किताबें | CG शिक्षा विभाग लापरवाही | स्कूलों में अधूरी पढ़ाई छत्तीसगढ़ | छत्तीसगढ़ शैक्षणिक सत्र 2025 | किताबों की कमी छत्तीसगढ़
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ के स्कूलों की किताबों में AI और रोबोटिक्स की धमक, 2026-27 से किताबें नए रंग-रूप में
किताबों की कमी से जूझ रहे स्कूल
ये खबर भी पढ़ें... स्कूल की किताबें कबाड़ी को बेचते रंगे हाथों पकड़ी गई संकुल समन्वयक, DEO ने किया निलंबित
छात्रों की आपबीती, पढ़ाई में असमंजस
कक्षा 8वीं का छात्र : “हमें विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित, और अंग्रेजी की किताबें मिली हैं, लेकिन हिंदी और संस्कृत की किताबें अब तक नहीं आईं। पुरानी किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन समझने में दिक्कत हो रही है।”
कक्षा 6वीं का छात्र : “सिर्फ गणित और संस्कृत की किताबें मिली हैं। बाकी विषयों की पढ़ाई मुश्किल हो रही है। होमवर्क भी नहीं कर पा रहे।”
कक्षा 7वीं की छात्रा : “पूरी किताबें न होने से ठीक से पढ़ाई नहीं हो पा रही। शिक्षक खाली समय में कुछ सामान्य जानकारी देते हैं, लेकिन बिना किताब के कुछ समझ नहीं आता।”
ये खबर भी पढ़ें... कैसे शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र... अभी तक नहीं छपी किताबें
शिक्षकों की मजबूरी
ये खबर भी पढ़ें... निजी स्कूलों में प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें बैन, DEO ने जारी किया सख्त आदेश
शिक्षा विभाग के दावों की पोल
लापरवाही और खराब नियोजन
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
छत्तीसगढ़ सरकारी स्कूल किताबें | CG शिक्षा विभाग लापरवाही | स्कूलों में अधूरी पढ़ाई छत्तीसगढ़ | छत्तीसगढ़ शैक्षणिक सत्र 2025 | किताबों की कमी छत्तीसगढ़
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari