छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में मनमानी फीस वसूली पर हंटर, सरकार ने जारी किए नए नियम
Harrison Masih | Sept 02, 2026, 16:40 IST
छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में फीस वसूली
छत्तीसगढ़ में निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के तकनीकी और फार्मेसी कोर्स की फीस अब AFRC के नियमों के अनुसार तय होगी। सत्र 2026-27 की फार्मेसी काउंसिलिंग के लिए सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है।
छत्तीसगढ़ में निजी कॉलेजों और निजी विश्वविद्यालयों में चल रहे तकनीकी पाठ्यक्रमों की फीस अब मनमाने तरीके से तय नहीं की जा सकेगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन संस्थानों में फीस का निर्धारण प्रवेश एवं शुल्क विनियामक आयोग (AFRC) के नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।
कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की फार्मेसी काउंसिलिंग को लेकर आदेश जारी किया है। इसमें निजी संस्थानों के लिए फीस से जुड़े नियम साफ किए गए हैं। सरकार का कहना है कि जिन संस्थानों की फीस का निर्धारण AFRC में अभी लंबित है, उन्हें भी कुछ शर्तों के साथ काउंसिलिंग में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
जिन निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की फीस का निर्धारण AFRC में अभी पूरा नहीं हुआ है, उन्हें काउंसिलिंग से बाहर नहीं किया जाएगा। ऐसे संस्थानों को निर्धारित शर्तों के साथ शपथ-पत्र (अंडरटेकिंग/एफिडेविट) देना होगा।
शपथ-पत्र में संस्थान को यह भरोसा देना होगा कि AFRC के अंतिम निर्णय तक विद्यार्थियों से मनमानी या अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। इसके साथ ही संस्थानों को राज्य सरकार और AFRC के सभी निर्देशों का पालन करना होगा।
जिन निजी कॉलेजों या विश्वविद्यालयों की फीस पहले AFRC द्वारा निर्धारित की जा चुकी है, लेकिन नए सत्र 2026-27 के लिए फीस का निर्धारण अभी लंबित है, उनके लिए भी सरकार ने नियम स्पष्ट कर दिए हैं।
ऐसे संस्थान विद्यार्थियों से पिछले वर्ष AFRC द्वारा निर्धारित फीस से अधिक राशि नहीं ले सकेंगे। यानी नए सत्र की फीस तय होने तक पुरानी निर्धारित फीस ही लागू रहेगी।
ऐसे नए निजी कॉलेज या विश्वविद्यालय, जिनके किसी तकनीकी पाठ्यक्रम की फीस पहले कभी AFRC द्वारा तय नहीं की गई है, वे भी अपनी तरफ से मनमानी फीस निर्धारित नहीं कर सकेंगे।
ऐसे संस्थानों को संबंधित पाठ्यक्रम के लिए AFRC द्वारा निर्धारित न्यूनतम शुल्क से अधिक फीस लेने की अनुमति नहीं होगी। जब तक आयोग की ओर से अंतिम शुल्क निर्धारण नहीं हो जाता, संस्थान इसी सीमा के भीतर विद्यार्थियों से फीस ले सकेंगे।
काउंसिलिंग में शामिल होने के लिए ऐसे संस्थानों को शपथ-पत्र देना होगा, जिसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि AFRC का अंतिम फैसला आने तक विद्यार्थियों से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इसका मतलब है कि कोई कॉलेज या विश्वविद्यालय काउंसिलिंग में शामिल होने के बाद अपनी तरफ से अचानक फीस बढ़ाकर विद्यार्थियों से अतिरिक्त रकम नहीं मांग सकेगा।
सरकार के इस फैसले का सीधा असर निजी संस्थानों में तकनीकी और फार्मेसी पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों पर पड़ेगा। फीस निर्धारण के लिए AFRC की व्यवस्था लागू होने से छात्रों और अभिभावकों को पहले से फीस की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
इससे निजी कॉलेजों द्वारा अलग-अलग तरीके से फीस लेने या अतिरिक्त शुल्क वसूलने की शिकायतों पर भी रोक लग सकती है।
सरकार का यह आदेश मुख्य रूप से सत्र 2026-27 की फार्मेसी काउंसिलिंग के लिए जारी किया गया है। इसमें निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को फीस से जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य किया गया है।
सरकार ने साफ किया है कि AFRC में फीस निर्धारण की प्रक्रिया लंबित होने का मतलब यह नहीं है कि संस्थान विद्यार्थियों से अपनी मर्जी की फीस वसूल सकते हैं। अंतिम शुल्क तय होने तक उन्हें निर्धारित नियमों और शुल्क सीमा का पालन करना होगा।
प्रवेश एवं शुल्क विनियामक आयोग (AFRC) राज्य में निजी शैक्षणिक संस्थानों के विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस से जुड़े मामलों को नियंत्रित करने वाली व्यवस्था है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निजी संस्थान विद्यार्थियों से तय नियमों के अनुसार ही शुल्क लें।
सरकार के नए आदेश से उम्मीद है कि निजी तकनीकी संस्थानों में फीस निर्धारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और विद्यार्थियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
मनमानी फीस वसूलने पर स्कूलों पर एक्शन, लौटानी होगी 40 करोड़ फीस
डीपीएस, कैंपियन समेत सेज इंटरनेशनल स्कूल वसूल रहे थे मनमानी फीस, अब करना होगी शुल्क वापसी
जबलपुर में मनमानी फीस मामले में अब बच्चे हो रहे प्रताड़ित
छत्तीसगढ़ कॉलेज एडमिशन: कॉलेजों में एडमिशन शुरू, छात्र अब आवेदन कर सकेंगे
कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 की फार्मेसी काउंसिलिंग को लेकर आदेश जारी किया है। इसमें निजी संस्थानों के लिए फीस से जुड़े नियम साफ किए गए हैं। सरकार का कहना है कि जिन संस्थानों की फीस का निर्धारण AFRC में अभी लंबित है, उन्हें भी कुछ शर्तों के साथ काउंसिलिंग में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
काउंसिलिंग में शामिल हो सकेंगे कॉलेज
शपथ-पत्र में संस्थान को यह भरोसा देना होगा कि AFRC के अंतिम निर्णय तक विद्यार्थियों से मनमानी या अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। इसके साथ ही संस्थानों को राज्य सरकार और AFRC के सभी निर्देशों का पालन करना होगा।
पुरानी फीस तय है तो उससे ज्यादा नहीं ले सकेंगे
ऐसे संस्थान विद्यार्थियों से पिछले वर्ष AFRC द्वारा निर्धारित फीस से अधिक राशि नहीं ले सकेंगे। यानी नए सत्र की फीस तय होने तक पुरानी निर्धारित फीस ही लागू रहेगी।
नए संस्थानों के लिए भी तय की गई सीमा
ऐसे संस्थानों को संबंधित पाठ्यक्रम के लिए AFRC द्वारा निर्धारित न्यूनतम शुल्क से अधिक फीस लेने की अनुमति नहीं होगी। जब तक आयोग की ओर से अंतिम शुल्क निर्धारण नहीं हो जाता, संस्थान इसी सीमा के भीतर विद्यार्थियों से फीस ले सकेंगे।
अतिरिक्त फीस नहीं लेने का देना होगा शपथ-पत्र
इसका मतलब है कि कोई कॉलेज या विश्वविद्यालय काउंसिलिंग में शामिल होने के बाद अपनी तरफ से अचानक फीस बढ़ाकर विद्यार्थियों से अतिरिक्त रकम नहीं मांग सकेगा।
फीस को लेकर पारदर्शिता लाने की कोशिश
इससे निजी कॉलेजों द्वारा अलग-अलग तरीके से फीस लेने या अतिरिक्त शुल्क वसूलने की शिकायतों पर भी रोक लग सकती है।
2026-27 फार्मेसी काउंसिलिंग में लागू होंगे नियम
सरकार ने साफ किया है कि AFRC में फीस निर्धारण की प्रक्रिया लंबित होने का मतलब यह नहीं है कि संस्थान विद्यार्थियों से अपनी मर्जी की फीस वसूल सकते हैं। अंतिम शुल्क तय होने तक उन्हें निर्धारित नियमों और शुल्क सीमा का पालन करना होगा।
क्या है AFRC?
सरकार के नए आदेश से उम्मीद है कि निजी तकनीकी संस्थानों में फीस निर्धारण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और विद्यार्थियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
ये खबरें भी पढ़ें...
डीपीएस, कैंपियन समेत सेज इंटरनेशनल स्कूल वसूल रहे थे मनमानी फीस, अब करना होगी शुल्क वापसी
जबलपुर में मनमानी फीस मामले में अब बच्चे हो रहे प्रताड़ित
छत्तीसगढ़ कॉलेज एडमिशन: कॉलेजों में एडमिशन शुरू, छात्र अब आवेदन कर सकेंगे
एमपी में 10 से ज्यादा जिलों के कलेक्टर बदलने की तैयारी, कमिश्नर भी बदलेंगे; अटक सकती है IPS लिस्ट
By Sourabh Bhatnagar
निजी कॉलेजों के 31 कोर्स की फीस अब AFRC तय करेगा, मंजूरी बिना काउंसलिंग-एडमिशन पर सरकार ने लगाई रोक
By VINAY VERMA
जंगल सफारी से आगे बढ़ेगा एमपी टूरिज्म: बांधवगढ़ से कान्हा तक बदलेगी तस्वीर, 520 करोड़ से बनेंगे लग्जरी रिजॉर्ट
By Arohi Raj
बैरवा बोले-हारते ही कांग्रेस लगाने लगती है आरोप, कभी वोट चोरी तो कभी EVM,हार के बाद शुरू हो जाते हैं बहाने
By Jyoti Mahender Bhardwaj
MP High Court Vacancy: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 418 पदों पर भर्ती, ऐसे करें आवेदन
By Manya Jain
इंदौर में कारोबारी राजीव धाम को 4.16 करोड़ की धोखाधड़ी में नहीं मिली अग्रिम जमानत
By Sanjay Gupta
पंचायत चुनाव से पहले गहलोत-पायलट में पिघल रही बर्फ? जयपुर की बैठक में दिखी कांग्रेस की नई केमिस्ट्री
By Saurabh Mishra