रायपुर पुलिस की कार्रवाई: D-कंपनी का डर दिखा अरबों ठगने वाला गिरोह गिरफ्तार
Umeshwari Baghel | Aug 22, 2026, 21:57 IST
पुणे के रिसॉर्ट से 7 शातिर ठग गिरफ्तार
रायपुर पुलिस ने D-कंपनी के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह काले कागजों को केमिकल से असली नोट बनाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगता था। पुणे से 7 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। पुलिस ने करोड़ों की नकदी और सामान जब्त किया।
समझें क्या है पूरा मामला
- D-कंपनी के नाम पर ठगी का खुलासा
- काले नोटों का झांसा, गिरोह गिरफ्तार
- रायपुर पुलिस ने पकड़ा ठग गैंग
- पुणे से 7 आरोपी गिरफ्तार
- करोड़ों की ठगी का बड़ा खुलासा
पुलिस ने इस मामले में पुणे के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह साल 2005 से सक्रिय था और अब तक देशभर में 100 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
1.13 करोड़ की ठगी से खुला पूरा नेटवर्क
गिरफ्तार आरोपियों में ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन, मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर, विवेक सिंह, शुभम पांडेय, योगेंद्र चौहान और बालमुकुंद दीक्षित शामिल हैं।
पुलिस ने इनके पास से 4 करोड़ रूपए से ज्यादा नकदी, 17 मोबाइल फोन, काले कागज, कांच की प्लेट और ठगी में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की है।
ऐसे बनाते थे लोगों को अपना शिकार
आरोपी पांच सितारा होटलों में बैठक करते थे। वहां वे खुद को प्रभावशाली दिखाने के लिए नेताओं और फिल्मी कलाकारों के साथ तस्वीरें दिखाते थे। कई बार निजी सुरक्षा गार्ड भी साथ रखते थे, जिससे पीड़ितों को उनकी पहुंच पर भरोसा हो जाए। इसके बाद रकम दोगुनी करने और बड़े प्रोजेक्ट में निवेश का लालच दिया जाता था।
काले कागजों को नोट बनाने का दिखाते थे झांसा
वे नकली प्रक्रिया का प्रदर्शन भी करते थे। इसके लिए कांच की प्लेट और कुछ रसायनों का इस्तेमाल किया जाता था। पूरी प्रक्रिया इतनी योजनाबद्ध होती थी कि पीड़ित को यह असली लगने लगता था। इसके बाद केमिकल खरीदने, विदेशी तकनीक और अन्य खर्चों के नाम पर लगातार पैसे लिए जाते थे।
पुलिस ने मोबाइल चैट से पकड़ी गिरोह की कड़ी
इन्हीं डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस गिरोह के मुख्य सदस्यों तक पहुंची। जांच के बाद आरोपियों की लोकेशन पुणे में मिली। टीम ने कई दिनों तक निगरानी के बाद खंडाला के रिसॉर्ट में दबिश दी।
रिसॉर्ट में करोड़ों लेकर पहुंचा था दूसरा शिकार
पहले भी जेल जा चुके हैं कई आरोपी
गिरोह में हर सदस्य की अलग जिम्मेदारी तय थी। कोई ग्राहक तलाशता था तो कोई होटल में पूरा माहौल तैयार करता था। कुछ सदस्य केमिकल प्रक्रिया का नाटक कर लोगों को भरोसे में लेते थे।
कई राज्यों में फैला था ठगी का जाल
फरार आरोपियों की तलाश जारी
FAQ
- रायपुर ठगी मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने पुणे से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले 2 महिला आरोपी भी पकड़ी गई थीं। - गिरोह लोगों को कैसे ठगता था?
आरोपी काले कागजों को केमिकल से असली नोट बनाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए ऐंठते थे। - पुलिस ने आरोपियों से क्या बरामद किया?
पुलिस ने 4 करोड़ रुपए से ज्यादा नकदी, मोबाइल फोन और ठगी में इस्तेमाल सामान बरामद किया है। - वॉश-वॉश ठगी क्या होती है?
वॉश-वॉश एक ठगी का तरीका है, जिसमें ठग काले कागजों या नकली नोट जैसे दिखने वाले कागजों को केमिकल से असली नोट बनाने का झांसा देकर लोगों से पैसे लेते हैं।
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