रायपुर में साइबर ठगी : एक दिन में हुए 356 मोबाइल हैक
Aishwarya Dwivedi | Jun 03, 2026, 16:29 IST
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रायपुर में साइबर ठगों ने निमंत्रण और ई-चालान के नाम पर एक दिन में 356 मोबाइल हैक किए। एपीके फाइल के जरिए तीन लोगों से 4 लाख 76 हजार रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया।
NEWS IN SHORT
शातिर ठगों ने तीन लोगों से 4.76 लाख रुपये लूटे।
शादी के निमंत्रण और ई-चालान के नाम पर आई एपीके फाइल।
फाइल खोलते ही मोबाइल का पूरा कंट्रोल साइबर ठगों के पास।
अंजान लिंक्स न खोलें और अननोन सोर्स सेटिंग्स बंद रखें।
NEWS IN DETAIL
निमंत्रण और ई-चालान के नाम पर धोखाधड़ी
पीड़ितों की जुबानी: कैसे हुए शिकार?
केस 2 : मुकुट नगर निवासी एक महिला के मोबाइल पर ई-चालान का मैसेज आया, जिसमें एपीके फाइल थी। फाइल खोलते ही उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से किस्तों में 3 लाख 67 हजार रुपए निकाल लिए गए।
केस 3: एक अन्य मामले में शादी का निमंत्रण खोलने पर एक व्यक्ति के खाते से 60 हजार रुपए और एक अन्य पीड़ित के खाते से करीब 59 हजार रुपए साफ हो गए।
बचाव के तरीके और साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह
cyber crime experts Advice
साइबर क्राइम एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है:
1. अपरिचित फाइल्स न खोलें : व्हाट्सएप, टेलीग्राम या एसएमएस पर आई ऐसी किसी भी फाइल को ओपन न करें जिसके अंत में apk लिखा हो।
2. केवल ऑफिशियल ऐप्स का उपयोग करें : किसी भी ऐप को डाउनलोड करने के लिए सिर्फ गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर का ही इस्तेमाल करें।
3. Unknown Sources बंद रखें : अपने मोबाइल की सेटिंग्स में जाकर Install Unknown Apps या Unknown Sources को हमेशा बंद रखें।
4. परमिशन पर ध्यान दें : ऐप इंस्टॉल करते समय एसएमएस (SMS), कॉन्टैक्ट और एक्सेसिबिलिटी जैसी परमिशन को ध्यान से देखें और बिना जरूरत के अलाउ न करें।
सभी मामलों में पीड़ितों द्वारा साइबर सेल और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई है, और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
निष्कर्ष
FAQ
- APK का फुल फॉर्म क्या है और यह
साइबर ठगी में कैसे काम करता है?
उत्तर: APK का फुल फॉर्म Android Package (एंड्रॉइड पैकेज) है। यह एंड्रॉइड ऐप्स की एक फाइल फॉर्मेट है। साइबर ठग इसमें वायरस (Malware) छुपाकर भेजते हैं। जैसे ही यूजर इसे इंस्टॉल करता है, फोन का पूरा कंट्रोल (ओटीपी, चैट्स, बैंक डिटेल्स) ठगों के पास चला जाता है। - भारत सरकार द्वारा जारी किया गया राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर क्या है?
राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 है। - मोबाइल में 'Unknown Sources' सेटिंग को बंद रखना क्यों जरूरी है?
उत्तर: यदि यह सेटिंग ऑन (चालू) रहती है, तो कोई भी अनधिकृत या वायरस वाली फाइल (जैसे .apk) बैकग्राउंड में अपने आप इंस्टॉल हो जाती है। इसे बंद रखने से बाहरी या असुरक्षित ऐप्स फोन में इंस्टॉल नहीं हो पाते।
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