शिवराज सरकार की इस योजना की जांच कराएगी मोहन सरकार, मंत्री बोले- जरूरत नहीं थी

Sourabh Bhatnagar | Mar 05, 2025, 10:25 IST
Share
thesootr
thesootr

मोहन सरकार ने पशु संजीवनी योजना के तहत खरीदी गई 65 करोड़ रुपए की एंबुलेंस की जांच कराने का निर्णय लिया है। योजना के तहत 406 विशेष एंबुलेंस खरीदी गई थीं।

मध्य प्रदेश में पशुओं के लिए डोर-टू-डोर इमरजेंसी सेवाएं देने के उद्देश्य से तत्कालीन शिवराज सरकार ने 12 मई 2023 को पशु संजीवनी योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत 65 करोड़ रुपए की लागत से 406 विशेष एंबुलेंस खरीदी गई थीं, जो पशु चिकित्सा सुविधाओं से लैस थीं। अब मोहन सरकार इस योजना की जांच करने जा रही है।

'एंबुलेंस को खरीदने की आवश्यकता नहीं थी'

पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने एक मीडिया समूह से बातचीत में कहा, इन एंबुलेंस को खरीदने की आवश्यकता नहीं थी, सरकार पूरे मामले की जांच कराएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के बाद ही तय किया जाएगा कि इन एंबुलेंस का भविष्य क्या होगा। शिवराज सरकार ने महिंद्रा बोलेरो कैंपर गोल्ड पिकअप वाहनों को कस्टमाइज करके एंबुलेंस में बदला था। इन वाहनों में 2 दवा कैबिनेट, वॉशबेसिन और फ्रिज लगाए गए थे, जो बाद में हटा दिए गए।

खबर यह भी...

पशु संजीवनी योजना का उद्देश्य और संचालन

इस योजना के तहत, 1962 टोल फ्री नंबर के माध्यम से पशुपालकों को सेवाएं प्रदान की जानी थीं। योजना के अनुसार, राज्य के 313 विकासखंडों में एक-एक एंबुलेंस भेजी गई थी और 55 जिला मुख्यालयों में एक-एक एंबुलेंस रखी गई थी। इस योजना का खर्च 60% केंद्र सरकार और 40% राज्य सरकार ने वहन किया था। महिंद्रा बोलेरो कैंपर गोल्ड पिकअप को मॉडिफाई करके एंबुलेंस बनाया गया था। इसके संचालन के लिए एक पशु चिकित्सक, एक सहायक और एक ड्राइवर नियुक्त किए गए थे।

खबर यह भी...

दुर्घटनाओं के कारण एंबुलेंस में बदलाव

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इन एंबुलेंस में पीछे की ओर रखे गए भारी सामान की वजह से बार-बार दुर्घटनाएं हो रही थीं। गाड़ियों के पलटने की घटनाएं बढ़ गईं, जिससे जान-माल का नुकसान हो रहा था। इस कारण, इन एंबुलेंस से कैबिनेट, फ्रिज और वॉशबेसिन हटाने का फैसला लिया गया। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि गाड़ियों का चेसिस और कमानी अतिरिक्त भार से क्षतिग्रस्त हो रहे थे। जानकारी के अनुसार कई जिलों में एंबुलेंस खराब हो चुकी हैं।

एंबुलेंस की कीमत और खर्चे पर सवाल

शिवराज सरकार ने इन एंबुलेंस को मॉडिफाई करने के लिए 6 लाख रुपए खर्च किए थे, जबकि एक बोलेरो की कीमत करीब 10 लाख थी। इन एंबुलेंस को मॉडिफाई करने के बाद इनकी कीमत 16 लाख रुपए तक पहुंच गई थी। अब, मोहन सरकार ने इस मामले की जांच शुरू करने का फैसला किया है और यह तय करने का काम किया है कि इन एंबुलेंस का भविष्य क्या होगा।

FAQ

  1. 1. पशु संजीवनी योजना कब शुरू की गई थी?
    पशु संजीवनी योजना 12 मई 2023 को तत्कालीन शिवराज सरकार द्वारा शुरू की गई थी।
  2. 2. पशु संजीवनी योजना के तहत कितनी एंबुलेंस खरीदी गई थीं?
    पशु संजीवनी योजना के तहत 406 एंबुलेंस खरीदी गई थीं।


thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें



Tags:
  • MP News
  • SHIVRAJ SINGH CHOUHAN
  • मोहन सरकार
  • मोहन यादव
  • मध्य प्रदेश
  • शिवराज सरकार
  • शिवराज
  • एमपी एंबुलेंस सर्विस
  • पशुपालन मंत्री लखन पटेल
  • गो एंबुलेंस मप्र
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा