सतपुड़ा भवन की पुनर्विकास योजना पर लगी रोक, Walk to Work की दिशा में काम करने की योजना
Sourabh Bhatnagar | Oct 05, 2024, 10:38 IST
रोक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में सतपुड़ा भवन की पुनर्विकास योजना को रोकते हुए अरेरा हिल्स को सेंट्रल विस्टा मॉडल पर विकसित करने का सुझाव दिया है। इससे सभी सरकारी कार्यालय एक जगह पर होंगे, जिससे नागरिकों और कर्मचारियों को सहूलियत होगी।
भोपाल में सतपुड़ा भवन (Satpura Bhawan) की पुनर्विकास योजना को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल रोकते हुए एक नए दृष्टिकोण का सुझाव दिया है। उनके अनुसार, अरेरा हिल्स (Arera Hills) को दिल्ली के सेंट्रल विस्टा (Central Vista) की तर्ज पर विकसित करना चाहिए, जिससे सभी सरकारी कार्यालय एक स्थान पर हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे आम नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों में भटकने की समस्या से निजात मिलेगी और सरकारी कार्यों की गति भी तेज होगी।
उन्होंने हेलीपैड के निर्माण की भी बात की, जिससे स्टेट हैंगर (State Hangar) से वल्लभ भवन (Vallabh Bhawan) तक की यात्रा के दौरान लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, उन्होंने 'वॉक टू वर्क' (Walk to Work) की सुविधा पर जोर दिया, ताकि सरकारी कर्मचारी आसानी से अपने कार्यस्थल तक पैदल पहुंच सकें और भोपाल को एक स्मार्ट शहर के रूप में विकसित किया जा सके।
ये भी पढ़ें...MP में पहली बार होगी ओपन एयर कैबिनेट बैठक, लिए जाएंगे ये बड़े फैसले
बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (Building Development Corporation) की योजना थी कि सतपुड़ा भवन को गिराकर उसे दोगुने क्षेत्रफल में फिर से बनाया जाए, जिसमें विंध्याचल भवन (Vindhyachal Bhawan) के कार्यालयों को शिफ्ट किया जा सके। इस पुनर्विकास के लिए लगभग 750 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च था, लेकिन अब इसे रोकते हुए नए सिरे से योजना बनाने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री का सुझाव था कि जिस तरह दिल्ली के सेंट्रल विस्टा में संसद भवन (Parliament), राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhawan), नॉर्थ ब्लॉक (North Block), और साउथ ब्लॉक (South Block) जैसे प्रमुख सरकारी भवन एक ही क्षेत्र में स्थित हैं, उसी प्रकार अरेरा हिल्स में भोपाल के सभी बड़े सरकारी कार्यालय बनाए जाएं। इससे सरकारी कामकाज में समन्वय स्थापित होगा और शहर के विकास को एक नई दिशा मिलेगी।
ये भी पढ़ें...लाड़ली बहना योजना : आज आएगा खातों में पैसा, सीएम मोहन यादव इतने बजे दबाने वाले हैं बटन
मुख्यमंत्री ने इंदौर में ईस्टर्न बायपास परियोजना के लिए किसानों और स्थानीय निवासियों की सहमति के साथ आगे बढ़ने का निर्देश दिया। लैंड पुलिंग फॉर्मूले के तहत किसानों को उनकी जमीन के बदले दूसरी जमीन दी जाएगी, जिससे अधिक मुआवजा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह योजना सरकारी और नागरिक हितों को साथ में लेकर चलने की ओर एक कदम है।
उन्होंने हेलीपैड के निर्माण की भी बात की, जिससे स्टेट हैंगर (State Hangar) से वल्लभ भवन (Vallabh Bhawan) तक की यात्रा के दौरान लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, उन्होंने 'वॉक टू वर्क' (Walk to Work) की सुविधा पर जोर दिया, ताकि सरकारी कर्मचारी आसानी से अपने कार्यस्थल तक पैदल पहुंच सकें और भोपाल को एक स्मार्ट शहर के रूप में विकसित किया जा सके।
ये भी पढ़ें...MP में पहली बार होगी ओपन एयर कैबिनेट बैठक, लिए जाएंगे ये बड़े फैसले
सतपुड़ा भवन की पुनर्विकास योजना पर रोक
सेंट्रल विस्टा मॉडल पर आधारित विकास
ये भी पढ़ें...लाड़ली बहना योजना : आज आएगा खातों में पैसा, सीएम मोहन यादव इतने बजे दबाने वाले हैं बटन
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari