बालाघाट के आदिवासी इलाकों के लिए 400 करोड़ का डेवलपमेंट प्लान, बच्चों की मौत वाले गांवों में बढ़ेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं
Sumit Kumar | Oct 03, 2026, 16:56 IST
बालाघाट के आदिवासी इलाकों में 400 करोड़ रुपए से सड़क, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े काम किए जाएंगे।
बालाघाट के आदिवासी इलाकों में अब करीब 400 करोड़ रुपए के विकास काम किए जाएंगे। बच्चों की मौत के मामले सामने आने के बाद सरकार ने यहां स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने पर फोकस बढ़ाया है। पांच ब्लॉक में सड़क, पानी, हेल्थ सेंटर और छोटे बांध से जुड़े करीब 1,500 काम कराने की तैयारी है।
पांच ब्लॉक में होंगे 1500 काम
सरकार इन पांचों ब्लॉक में करीब 1,500 विकास काम कराएगी। इसमें सड़क, सीसी रोड, पुलिया, स्टॉप डैम, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े काम शामिल हैं।
योजना को मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। अलग-अलग विभागों ने अपने स्तर पर काम भी शुरू कर दिया है।
13 विभागों को मिली जिम्मेदारी
जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा को विभागों के बीच तालमेल की जिम्मेदारी दी गई है। योजना की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी दी गई है।
सड़कों पर खर्च होंगे करीब 269 करोड़
इन कामों पर करीब 268.94 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सड़कें बनने से दूरस्थ गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
इसके अलावा 69 पुलिया और कल्वर्ट भी बनाए जाएंगे। इनके निर्माण के लिए करीब 34.02 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
60 स्टॉप डैम भी बनेंगे
स्टॉप डैम बनने से बारिश का पानी रोका जा सकेगा। इससे स्थानीय जल स्रोतों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
20 से ज्यादा हेल्थ सेंटर बनेंगे
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उपस्वास्थ्य केंद्रों के लिए भी भवन बनाए जाएंगे। दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली की समस्या को देखते हुए इन केंद्रों में सोलर पैनल लगाने की योजना है।
इसका मकसद आदिवासी गांवों के लोगों को इलाज के लिए दूर शहरों तक जाने की परेशानी कम करना है।
बच्चों की मौत वाले गांव प्राथमिकता में
अब सरकार इन गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान दे रही है। सड़क, पानी और इलाज की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इन क्षेत्रों को प्राथमिकता में रखा गया है।
पेयजल के लिए भी अलग इंतजाम
जिन गांवों में नल-जल योजना के लिए जरूरी मापदंड पूरे नहीं होते, वहां पानी पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
सरकार की कोशिश है कि दूरस्थ आदिवासी बस्तियों तक नियमित पेयजल पहुंच सके।
बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार, 1 अक्टूबर को बालाघाट पहुंचकर आदिवासी परिवारों से मुलाकात की थी।
उन्होंने प्रभावित परिवारों के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, जमीन और वन अधिकार से जुड़े मुद्दे भी उठाए थे।
राहुल गांधी के दौरे के बाद आदिवासी इलाकों की बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आया। अब राज्य सरकार ने इन्हीं क्षेत्रों के लिए बड़े स्तर पर विकास काम आगे बढ़ाने की तैयारी की है।
एक साल में काम आगे बढ़ाने की तैयारी
करीब 400 करोड़ रुपए के इस डेवलपमेंट प्लान में सड़क और स्वास्थ्य सबसे बड़े हिस्से हैं। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बच्चों की मौत से प्रभावित गांवों तक ये सुविधाएं कितनी जल्दी पहुंचती हैं।
मध्य भारत में मौसम ने बदली करवट! मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश, राजस्थान में बादल, छत्तीसगढ़ में सूखा रहेगा मौसम
By Amresh Kushwaha
मध्य भारत में मौसम ने बदली करवट! मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश, राजस्थान में बादल, छत्तीसगढ़ में सूखा रहेगा मौसम
By Amresh Kushwaha
मध्य भारत में मौसम ने बदली करवट! मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश, राजस्थान में बादल, छत्तीसगढ़ में सूखा रहेगा मौसम
By Amresh Kushwaha
मध्य प्रदेश में सरप्लस उत्पादन फिर भी महंगी बिजली खरीदेगी सरकार, कांग्रेस ने उठाए सवाल
By Sanjay Sharma
पहले शिकायत, फिर नियुक्ति और अब विदाई! डिप्टी सीएम देवड़ा के यहां किसकी चली? OSD की नियुक्ति की फाइलों पर सवाल
By Ramanand Tiwari
27% ओबीसी आरक्षण: हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस की चूक गिनाई, अब भाजपा का रास्ता क्या?
By Ramanand Tiwari
OBC आरक्षण पर हाई कोर्ट का फैसला: CM मोहन यादव की पहली प्रतिक्रिया, बोले- कानूनी परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेगी सरकार
By Sumit Kumar