बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम होगा वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय, कार्यपरिषद का फैसला

Sandeep Kumar | Jun 03, 2026, 23:19 IST
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barkatullah university
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बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल यूनिवर्सिटी होगा। यूनिवर्सिटी के कार्यपरिषद ने प्रस्ताव पास किया है। बताया जा रहा है कि राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू होगा।

5 पॉइंट्स में समझें पूरा मामला

  • बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का नाम वाग्देवी भोजपाल यूनिवर्सिटी बनने जा रहा है।
  • नाम परिवर्तन कार्य परिषद द्वारा प्रस्तावित और पारित किया गया।
  • राज्य मंत्रिमंडल और विधानसभा की मंजूरी के बाद नाम आधिकारिक होगा।
  • नए नाम से सभी प्रमाणपत्र, डिग्रियां और बोर्ड जारी होंगे।
  • यूनिवर्सिटी की स्थापना 1970 में हुई थी, परिसर में प्रशासनिक और शैक्षणिक सुविधाएं हैं।

वाग्देवी भोजपाल यूनिवर्सिटी

भोपाल का प्रतिष्ठित बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी अब वाग्देवी भोजपाल यूनिवर्सिटी बनने जा रहा है। विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने प्रस्ताव पास किया। मध्य प्रदेश शासन और विधानसभा की मंजूरी के बाद नाम आधिकारिक होगा। डिग्रियां, प्रमाणपत्र और बोर्ड नए नाम से जारी होंगे।

नाम परिवर्तन का प्रस्ताव

बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी कार्य परिषद ने नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पास किया। अब प्रशासन इसे उच्च शिक्षा विभाग को भेजेगा।

इसके बाद राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी और विधानसभा में संशोधन विधेयक (Amendment Bill) पास होगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद नाम आधिकारिक रूप से लागू होगा।

नाम लागू होने के बाद सभी प्रमाणपत्र, डिग्रियां और यूनिवर्सिटी के बोर्ड नए नाम वाग्देवी भोजपाल यूनिवर्सिटी के अनुसार जारी किए जाएंगे।

मौलाना बरकतउल्ला कौन थे ?

सात जुलाई 1854 को भोपाल के इतवारा में मौलाना बरकतउल्ला भोपाली का जन्म हुआ। वे स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारी सेनानी थे। कई भाषाओं के विद्वान मौलाना ब्रिटिश शासन के कट्टर विरोधी थे। उन्होंने जापान, अमेरिका, जर्मनी और अफगानिस्तान में जाकर भारत की आजादी के लिए समर्थन जुटाया।

1915 में अफगानिस्तान के काबुल में भारत की पहली निर्वासित सरकार बनाई गई। मौलाना बरकतउल्ला को प्रधानमंत्री बनाया गया और राजा महेंद्र प्रताप इसके अध्यक्ष थे। यह ब्रिटिश शासन को चुनौती देने का ऐतिहासिक प्रयास था। उनकी स्मृति को जीवित रखने के लिए 1970 में स्थापित भोपाल यूनिवर्सिटी का नाम 1988 में उनके नाम से जोड़ दिया गया।

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क्या बोले बीयू के कुलसचिव

बीयू के कुलसचिव समर बहादुर सिंह ने नाम बदलने को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि कार्यपरिषद की बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से नाम बदलने की अनुशंसा की। प्रस्ताव पारित कर आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया। अंतिम निर्णय सरकार लेगी।

यूनिवर्सिटी की स्थापना

बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी की स्थापना 1970 में हुई थी। शुरूआती नाम भोपाल यूनिवर्सिटी था। 1988 में इसे स्वतंत्रता सेनानी प्रो. बरकतुल्लाह की स्मृति में नामित किया गया। यूनिवर्सिटी परिसर लगभग 400 एकड़ में फैला है।

यूनिवर्सिटी में प्रशासनिक भवन, पुस्तकालय, विभिन्न विभागीय ब्लॉक, छात्रावास, शारीरिक शिक्षा भवन, अतिथि गृह, डाकघर, बैंक शाखा, मुद्रण प्रेस और संकाय क्लब जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। प्रादेशिक क्षेत्र आठ जिलों तक फैला है – भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन, होशंगाबाद, हरदा, बेतूल और रायगढ़। इसके अलावा बैतूल और ब्यावरा में भी विस्तार केंद्र हैं।

यूनिवर्सिटी से संबंधित प्रमुख कॉलेज

यूनिवर्सिटी से जुड़े कॉलेजों में इंजीनियरिंग, शिक्षा, मेडिकल, तकनीकी और भाषा संस्थान शामिल हैं। यूनिवर्सिटी कला, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, चिकित्सा, वाणिज्य, प्रबंधन, विधि, इंजीनियरिंग, शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के पाठ्यक्रम प्रदान करता है। उच्च शिक्षा के लगभग सभी क्षेत्र शामिल हैं।

नाम परिवर्तन से यूनिवर्सिटी की प्रशासनिक पहचान और सांस्कृतिक महत्व बढ़ेगा। नई पहचान से अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता बढ़ेगी। इसके अलावा डिग्रियों और प्रमाणपत्रों में स्पष्टता आएगी।

FAQ

  1. बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का नया नाम क्या होगा?
    बरकतउल्ला विश्वविद्यालय अब वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा।
  2. विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन की प्रक्रिया क्या है?
    कार्य परिषद प्रस्ताव पास करेगी, राज्य मंत्रिमंडल और विधानसभा से मंजूरी, राज्यपाल की स्वीकृति और राजपत्र में प्रकाशन।

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