एक-दूसरे के खिलाफ थाने पहुंचे भिंड कलेक्टर श्रीवास्तव और BJP विधायक कुशवाह, शिकायतों में ये कहा
Sourabh Bhatnagar | Sept 02, 2025, 09:34 IST
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भिंड जिले में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बीच एक गंभीर विवाद उभर कर सामने आया है। यह विवाद अब थाने तक पहुंच चुका है।
भिंड जिले में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बीच हुआ विवाद अब थाने तक पहुँच गया है। चार दिन पहले हुई इस बहस के बाद दोनों ने कोतवाली थाने में एक-दूसरे के खिलाफ लिखित शिकायतें दर्ज कराई हैं। पुलिस ने दोनों शिकायतों को लेकर मामले की जांच सीनियर अधिकारियों को भेज दी है।
यह विवाद 27 अगस्त को शुरू हुआ, जब विधायक कुशवाह खाद संकट के मुद्दे पर अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के घर पहुंचे थे। उस दिन कलेक्टर स्वास्थ्य कारणों से आराम कर रहे थे, लेकिन विधायक और उनके समर्थकों के आगमन की सूचना मिलने पर कलेक्टर गेट तक आए।
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कलेक्टर और विधायक के बीच बातचीत जल्द ही बहस में बदल गई। विधायक ने कलेक्टर को हाथ से पीछे धक्का दिया, जिससे कलेक्टर गुस्से में आ गए और उंगली दिखाते हुए ‘औकात’ शब्द का प्रयोग किया। यह सुनकर विधायक भड़क गए और उन्होंने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए कलेक्टर से मारपीट की कोशिश की। इस दौरान कलेक्टर ने कहा, "मैं रेत की चोरी नहीं चलने दूँगा," जिसके जवाब में विधायक ने कहा, "तू सबसे बड़ा चोर है।"
यह घटना अब पुलिस तक पहुंच गई है, और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भिंड कलेक्टर-विधायक विवाद में नया मोड़, कुशवाह ने विस अध्यक्ष को लिखा पत्र तो IAS एसोसिएशन ने CM से की शिकायत
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आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने इस मामले में सीएम मोहन यादव से मिलकर शिकायत पत्र सौंपा। एसोसिएशन के सदस्यों ने सीएम से इस घटना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को अपमानजनक शब्दावली से बचाने के लिए सरकार को जल्द कदम उठाने चाहिए। इस मुद्दे पर एसोसिएशन के पदाधिकारी और आईएएस अधिकारी प्रदेश के मुख्य सचिव से मिलकर भी इस घटना पर सख्त एक्शन लेने की अपील करेंगे।
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भिंड में बुधवार को बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच हुई कहा-सुनी को संगठन ने गंभीरता से लिया। 29 अगस्त को विधायक को संगठन के पदाधिकारियों ने फटकार लगाई और चेतावनी दी।
चेतावनी मिलते ही विधायक ने अपनी बात बाजीगरी से रखना चाही, लेकिन संगठन के पदाधिकारियों ने उनकी बात को खारिज करते हुए उन्हें ताकीद दी कि वे भविष्य में ऐसा कोई भी कृत्य न करें जो सरकार की छवि को खराब करता हो। किसी भी कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि के ऐसे कृत्य को संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा।
कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने बार-बार उनसे अंदर बैठकर बात करने को कहा। इससे कुशवाह भड़क गए। इस बीच कलेक्टर ने विधायक कुशवाह को कहा कि वो रेत का अवैध कारोबार नहीं होने देंगे। इतना सुनते ही कुशवाह अपना आपा खो बैठे और कलेक्टर पर वसूली के आरोप लगाने लगे। इन सबके बीच अपनी सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्रीवास्तव ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर की अवैध रेत कारोबार की बात सुनकर आपा खो बैठे विधायक कुशवाह ने कलेक्टर के हाथ से मोबाइल छीनकर अपने पास रख लिया। इतना ही नहीं, विधायकजी मोबाइल अपने साथ ही ले गए।
वायरल हो रहे वीडियो में साफ तौर पर देखा और सुना जा सकता है कि कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह से दो टूक कह दिया कि वो अवैध रेत का कारोबार नहीं होने देंगे।
इसके बाद ही बीजेपी विधायक भड़के और कलेक्टर को मारने आगे बढ़े, लेकिन कलेक्टर के सुरक्षाकर्मियों ने विधायक को रोक दिया। इसके बाद विधायक अपने समर्थकों से कहते सुनाई दिए कि नारे लगाओ। इसके बाद समर्थक भी जोश में आए और मामले ने और तूल पकड़ लिया। इसी के बाद मोबाइल छीनने वाला घटनाक्रम हुआ।
बता दें कि चंबल संभाग में अवैध रेत खनन कोई नई बात नहीं है। पहले भी वहां के स्थानीय विधायकों और मंत्रियों पर अवैध रेत खनन के आरोप लगते रहे हैं। कुछ महीने पहले ही मध्यप्रदेश के मंत्री एदल सिंह कषाना ने इन रेत माफियाओं को पेट माफिया कहा था और उनके इस बयान के बाद उनके ही बेटे पर अवैध रेत खनन के आरोप लगे थे।
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सरकारी दफ्तरों की सुस्त रफ्तार, बाजार में मुनाफाखोरी, शराब माफिया का आतंक और जनता की अनसुनी फरियादें, ये सब तब तक चलते हैं जब तक प्रशासन में कोई ऐसा अफसर न आए, जो सिस्टम को हिला कर रख दे।
आईएएस संजीव श्रीवास्तव ऐसे ही अफसर हैं, जिनकी कार्यशैली हर किसी से अलग है। वो न सिर्फ दफ्तर में बैठकर आदेश जारी करते हैं, बल्कि खुद मैदान में उतरकर कार्रवाई भी करते हैं, कभी भेष बदलकर, तो कभी खुलकर।
मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में जन्मे संजीव सामान्य परिवार से थे। बचपन से उनके मन में देश सेवा की लगन थी। पहले स्कूलिंग पूरी की। फिर शुरू मेहनत का दौर। लंबा संघर्ष हुआ। कई बार मन किया कि ये सब छोड़ दें, पर उन्होंने हार नहीं मानी। 43 की उम्र में वे राज्य प्रशासिनक सेवा में चयनित हुए। फिर कई जिलों में अपने काम का लोहा मनवाया। 2018 में उन्हें आईएएस अवॉर्ड हुआ।
नाम: संजीव श्रीवास्तव
जन्म दिनांक: 27-06-1968
जन्म स्थान: रायसेन जिला, मध्यप्रदेश
एजुकेशन: B.E., M.B.A., PGDCA
बैच: SCS; 2011 (मध्यप्रदेश)
2 सितंबर 2025 की स्थिति में आईएएस संजीव श्रीवास्तव भिंड कलेक्टर हैं। इससे पहले वे बतौर कलेक्टर उमरिया जिले की कमान भी संभाल चुके हैं। वे डिप्टी कलेक्टर बैतूल, आवंटन अधिकारी सम्पदा निदेशालय, एसडीएम छतरपुर, जिला उप प्रबंधक डीपीआईपी रायसेन, एसडीएम बैतूल, उप सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, उप सचिव श्रम, उप सचिव जनजाति कार्य, उप सचिव चिकित्सा शिक्षा, उप सचिव गृह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमरिया, मप्र राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड और आयुक्त रोजगार एवं उप सचिव खेल एवं युवा कल्याण भोपाल में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
रविवार शाम को थाने में कलेक्टर ने विधायक कुशवाह पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिसमें उनका फोन छीनने और अपशब्द कहने का जिक्र है। इसके कुछ देर बाद विधायक ने भी थाने में एक आवेदन देकर आरोप लगाया कि कलेक्टर ने उंगली दिखाकर उन्हें धमकाया और हत्या की धमकी दी।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
जब गुस्से में आ गए कलेक्टर-विधायक
यह घटना अब पुलिस तक पहुंच गई है, और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
थाने में दोनों ने क्या आवेदन दिए...किसने क्या लिखाकलेक्टर ये बोले-कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि विधायक अपने समर्थकों के साथ उनके निवास पर पहुंचे, जहाँ उन्होंने अभद्रता की, गालियां दीं और मारपीट के लिए हाथ उठाया। इसके अलावा, विधायक ने उनका मोबाइल छीन लिया और उन्हें 'चोर' कहा।साथ ही, विधायक ने अपने समर्थकों से 'चोर' के नारे भी लगवाए। कलेक्टर ने आरोप लगाया कि विधायक उनके घर में घुस आए और उन्हें मारने की कोशिश की। इस दौरान उनकी सार्वजनिक बेइज्जती की गई, लेकिन गार्ड की मदद से वे बच गए। विधायक ये बोले-विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने कहा कि वह कलेक्टर से सौहार्दपूर्ण बातचीत करने के लिए उनके पास गए थे, क्योंकि किसानों को खाद नहीं मिल रही थी। लेकिन कलेक्टर का रवैया सही नहीं था। जब उन्होंने खाद के मुद्दे पर बात की, तो कलेक्टर ने रेत के मुद्दे को उठाया।कलेक्टर ने उंगली दिखाते हुए 'औकात' जैसे शब्दों का प्रयोग कर उनका सार्वजनिक अपमान किया। विधायक ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने पहले भी एक छात्र से मारपीट की थी, तहसीलदार माला शर्मा को परेशान किया था, और सरकारी जमीन का भी उल्लेख किया था। | |
भिंड कलेक्टर-विधायक से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें...
आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने सीएम से की थी शिकायत
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आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने इस मामले में सीएम मोहन यादव से मिलकर शिकायत पत्र सौंपा। एसोसिएशन के सदस्यों ने सीएम से इस घटना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को अपमानजनक शब्दावली से बचाने के लिए सरकार को जल्द कदम उठाने चाहिए। इस मुद्दे पर एसोसिएशन के पदाधिकारी और आईएएस अधिकारी प्रदेश के मुख्य सचिव से मिलकर भी इस घटना पर सख्त एक्शन लेने की अपील करेंगे।
कुशवाह को संगठन पदाधिकारियों ने लगाई फटकार
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भिंड में बुधवार को बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच हुई कहा-सुनी को संगठन ने गंभीरता से लिया। 29 अगस्त को विधायक को संगठन के पदाधिकारियों ने फटकार लगाई और चेतावनी दी।
चेतावनी मिलते ही विधायक ने अपनी बात बाजीगरी से रखना चाही, लेकिन संगठन के पदाधिकारियों ने उनकी बात को खारिज करते हुए उन्हें ताकीद दी कि वे भविष्य में ऐसा कोई भी कृत्य न करें जो सरकार की छवि को खराब करता हो। किसी भी कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि के ऐसे कृत्य को संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा।
अवैध रेत कारोबार की बात पर भड़के विधायक कुशवाह
कलेक्टर के हाथ से छीना मोबाइल
भिंड जिला कलेक्टर और BJP विधायक की तनातनी विधायक ने लगवाए 'कलेक्टर चोर है' के नारे, कलेक्टर ने भी विधायक से कहा, औकात मे रहो, चोरी नहीं चलने दूंगा#Bhind #BJP #CollectorVsMLA #PoliticalDrama #BhindPolitics #CollectorChorHai #BJPMLA #PublicDispute #PoliticalTension… pic.twitter.com/ZlR37Jz306
— TheSootr (@TheSootr) August 27, 2025
इसके बाद ही बीजेपी विधायक भड़के और कलेक्टर को मारने आगे बढ़े, लेकिन कलेक्टर के सुरक्षाकर्मियों ने विधायक को रोक दिया। इसके बाद विधायक अपने समर्थकों से कहते सुनाई दिए कि नारे लगाओ। इसके बाद समर्थक भी जोश में आए और मामले ने और तूल पकड़ लिया। इसी के बाद मोबाइल छीनने वाला घटनाक्रम हुआ।
बता दें कि चंबल संभाग में अवैध रेत खनन कोई नई बात नहीं है। पहले भी वहां के स्थानीय विधायकों और मंत्रियों पर अवैध रेत खनन के आरोप लगते रहे हैं। कुछ महीने पहले ही मध्यप्रदेश के मंत्री एदल सिंह कषाना ने इन रेत माफियाओं को पेट माफिया कहा था और उनके इस बयान के बाद उनके ही बेटे पर अवैध रेत खनन के आरोप लगे थे।
IAS संजीव श्रीवास्तव की रॉबिनहुड सी छवि, जानें उनके बारे में
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सरकारी दफ्तरों की सुस्त रफ्तार, बाजार में मुनाफाखोरी, शराब माफिया का आतंक और जनता की अनसुनी फरियादें, ये सब तब तक चलते हैं जब तक प्रशासन में कोई ऐसा अफसर न आए, जो सिस्टम को हिला कर रख दे।
आईएएस संजीव श्रीवास्तव ऐसे ही अफसर हैं, जिनकी कार्यशैली हर किसी से अलग है। वो न सिर्फ दफ्तर में बैठकर आदेश जारी करते हैं, बल्कि खुद मैदान में उतरकर कार्रवाई भी करते हैं, कभी भेष बदलकर, तो कभी खुलकर।
मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में जन्मे संजीव सामान्य परिवार से थे। बचपन से उनके मन में देश सेवा की लगन थी। पहले स्कूलिंग पूरी की। फिर शुरू मेहनत का दौर। लंबा संघर्ष हुआ। कई बार मन किया कि ये सब छोड़ दें, पर उन्होंने हार नहीं मानी। 43 की उम्र में वे राज्य प्रशासिनक सेवा में चयनित हुए। फिर कई जिलों में अपने काम का लोहा मनवाया। 2018 में उन्हें आईएएस अवॉर्ड हुआ।
कॅरियर एक नजर
जन्म दिनांक: 27-06-1968
जन्म स्थान: रायसेन जिला, मध्यप्रदेश
एजुकेशन: B.E., M.B.A., PGDCA
बैच: SCS; 2011 (मध्यप्रदेश)
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FAQ
- भिंड में कलेक्टर और विधायक के बीच क्या विवाद हुआ था?
भिंड में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बीच एक विवाद तब हुआ, जब विधायक खाद समस्या को लेकर कलेक्टर के घर पहुंचे थे। बात करने के दौरान उनकी बहस तीव्र हो गई और दोनों के बीच मारपीट तक की नौबत आ गई। कलेक्टर ने विधायक पर अपशब्द कहने और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया, जबकि विधायक ने कलेक्टर पर धमकी देने का आरोप लगाया।
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