सरकारी खजाने में बड़ी सेंध! भोपाल कलेक्टर के फर्जी साइन से 2.26 करोड़ उड़ा ले गए ठग
Amresh Kushwaha | Mar 25, 2026, 10:13 IST
bhopal collector fake signature fraud 2 crore duda case
भोपाल में एक बड़ा मामला सामने आया है। कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए सरकारी खाते से 2.26 करोड़ रुपए निकाल लिए गए। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 5 फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह रकम डूडा (DUDA) के बैंक खाते से निकाली गई है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जालसाजी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। शातिर ठगों ने न केवल सिस्टम की सुरक्षा में सेंध लगाई, बल्कि जिले के सबसे बड़े अधिकारी यानी कलेक्टर के ही फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी खाते से 2.26 करोड़ रुपए पार कर दिए।
कलेक्टर और
यह पूरा मामला जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा - DUDA) के बैंक खाते से जुड़ा है। जालसाजों ने बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) की सैफिया कॉलेज शाखा में सेंधमारी की।
ठगों ने बेहद शातिराना तरीके से भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे के फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए और सरकारी फंड पर हाथ साफ कर दिया।
इस मामले में क्राइम ब्रांच ने अब पांच फर्म संचालकों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
ठगी की इस बिसात को बेहद योजनाबद्ध तरीके से बिछाया गया था। 5 मार्च 2026 को आरोपियों ने सबसे पहले कलेक्टर के फर्जी लेटरहेड (Letterhead) का सहारा लिया।
उन्होंने बैंक में एक आवेदन दिया कि खाते के साथ मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी लिंक कर दी जाए। इस आवेदन पर न केवल फर्जी हस्ताक्षर थे, बल्कि सरकारी विभाग की कूटरचित सील का भी इस्तेमाल किया गया था, ताकि बैंक को जरा भी शक न हो।
जैसे ही बैंक रिकॉर्ड में संपर्क सूत्र बदले गए, ठगों का रास्ता साफ हो गया। 9 मार्च 2026 को आरोपियों ने पांच अलग-अलग चेक बैंक में दिए। इन चेकों के माध्यम से कुल 2 करोड़ 26 लाख 71 हजार रुपए की भारी-भरकम राशि सरकारी खाते से निकाल ली गई। चूंकि मोबाइल नंबर पहले ही बदल दिए गए थे, इसलिए लेन-देन के अलर्ट भी असली अधिकारियों तक नहीं पहुंचे।
इस बड़ी जालसाजी का खुलासा तब हुआ जब डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे को खाते में गड़बड़ी की भनक लगी। इसके बाद 17 मार्च 2026 को उन्होंने तुरंत क्राइम ब्रांच में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई।
जांच में पता चला कि जिन चेकों का इस्तेमाल हुआ, उन पर किए गए साइन पूरी तरह फर्जी थे। सरकारी मशीनरी अब इस बात की जांच कर रही है कि बैंक स्तर पर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच में उन पांच फर्मों के नाम सामने आ गए हैं, जिनके बैंक खातों में यह पैसा ट्रांसफर किया गया था। पुलिस अब इन संचालकों की कुंडली खंगाल रही है:
गिरे, संभले और फिर सफलता के शीर्ष पर छा गए आईएएस कौशलेंद्र विक्रम सिंह
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के खिलाफ HC ने जारी किया वारंट, जानिए क्यों?
70 लाख की रिकवरी नहीं करा पा रहे कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कोर्ट ने दिया ये आदेश
भोपाल के नए कलेक्टर होंगे कौशलेंद्र विक्रम सिंह, हर्षिका सिंह बनीं इन्दौर की नई निगम कमिश्नर
कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के किए फर्जी साइन
ठगों ने बेहद शातिराना तरीके से भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे के फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए और सरकारी फंड पर हाथ साफ कर दिया।
इस मामले में क्राइम ब्रांच ने अब पांच फर्म संचालकों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
5 मार्च को बिछाया गया जाल
उन्होंने बैंक में एक आवेदन दिया कि खाते के साथ मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी लिंक कर दी जाए। इस आवेदन पर न केवल फर्जी हस्ताक्षर थे, बल्कि सरकारी विभाग की कूटरचित सील का भी इस्तेमाल किया गया था, ताकि बैंक को जरा भी शक न हो।
चंद घंटों में करोड़ों का वारा-न्यारा
17 मार्च को खुला राज
जांच में पता चला कि जिन चेकों का इस्तेमाल हुआ, उन पर किए गए साइन पूरी तरह फर्जी थे। सरकारी मशीनरी अब इस बात की जांच कर रही है कि बैंक स्तर पर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
इन पांच फर्मों के खातों में पहुंची रकम
- एन.एस. इंटरप्राइजेज
- ब्लेक आई
- राजकुमार इंटरप्राइजेज
- दास इंटरप्राइजेज
- मनी इंटरप्राइजेज
गिरे, संभले और फिर सफलता के शीर्ष पर छा गए आईएएस कौशलेंद्र विक्रम सिंह
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के खिलाफ HC ने जारी किया वारंट, जानिए क्यों?
70 लाख की रिकवरी नहीं करा पा रहे कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कोर्ट ने दिया ये आदेश
भोपाल के नए कलेक्टर होंगे कौशलेंद्र विक्रम सिंह, हर्षिका सिंह बनीं इन्दौर की नई निगम कमिश्नर
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari