भोपाल में पीएनजी योजना पर उठने लगे सवाल, 64 साल का गणित चर्चा में

Pawan Modiya | Jun 12, 2026, 24:09 IST
Share
bhopal-png-lpg-free
bhopal-png-lpg-free

भोपाल में एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता घटाने के लिए पीएनजी नेटवर्क बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन की नई रणनीति के तहत एक समय में चार कॉलोनियों पर काम होगा। लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर पूरे शहर तक नेटवर्क पहुंचने में 64 साल लग सकते हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • भोपाल में पीएनजी नेटवर्क विस्तार जारी है।
  • 172 कॉलोनियों में गैस लाइन बिछ चुकी है।
  • शहर में 1200 से अधिक कॉलोनियां हैं।
  • नई रणनीति में चार कॉलोनियों पर एक साथ काम होगा।
  • एक अनुमान में 64 साल का आंकड़ा सामने आया।

क्या है पूरा विवाद

भोपाल में रसोई गैस की बढ़ती मांग के बीच पीएनजी विस्तार चर्चा में है। प्रशासन की ओर से शहर को एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता से बाहर लाने की बात कही जा रही है। इसी बीच एक गणितीय विश्लेषण ने नई बहस छेड़ दी है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर दावा किया गया है कि मौजूदा गति बनी रही तो पूरे शहर तक नेटवर्क पहुंचने में छह दशक से अधिक यानी लगभग 64 साल का समय लग सकता है। यह दावा प्रशासन की रणनीति और जमीनी प्रगति की तुलना के बाद सामने आया है।

अब तक कितनी प्रगति हुई

खाद्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शहर की 172 कॉलोनियों में गैस लाइन बिछ चुकी है। इनमें होशंगाबाद रोड, बावड़ियाकलां और साकेत नगर जैसे इलाके शामिल हैं। हालांकि भोपाल में 1200 से अधिक कॉलोनियां मौजूद हैं। ऐसे में अब तक का काम कुल लक्ष्य का सीमित हिस्सा माना जा रहा है। यही वजह है कि नेटवर्क विस्तार की गति पर सवाल उठ रहे हैं।

नई रणनीति क्या कहती है

फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार नई कार्ययोजना बनाई गई है। इस योजना में एक समय में केवल चार कॉलोनियों पर फोकस रहेगा। पहले इन चारों कॉलोनियों में शत-प्रतिशत कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके बाद अगली चार कॉलोनियों में काम शुरू होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे अधूरे काम की समस्या कम होगी। साथ ही कनेक्शन प्रक्रिया बेहतर तरीके से पूरी हो सकेगी।

भोपाल में पीएनजी गैस लाइन
भोपाल में पीएनजी गैस लाइन


क्या यह आधिकारिक समयसीमा है

यह समझना जरूरी है कि 64 साल का आंकड़ा आधिकारिक समयसीमा नहीं है। यह उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित एक अनुमान है। इस गणना में यह माना गया है कि पूरे समय काम इसी गति से चलता रहेगा। वास्तविक स्थिति में संसाधन, बजट और कार्यबल बढ़ सकते हैं। तकनीकी बदलाव भी काम की गति को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।

गैस आपूर्ति की चुनौती

भोपाल में घरेलू गैस की मांग लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार रोजाना 12 से 14 हजार सिलेंडर बुक हो रहे हैं। इसके मुकाबले आपूर्ति 9 से 10 हजार सिलेंडरों की बताई गई है। यानी मांग और उपलब्धता के बीच अंतर मौजूद है। इसी कारण पीएनजी नेटवर्क को दीर्घकालिक समाधान माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाइप से मिलने वाली गैस उपभोक्ताओं की निर्भरता कम कर सकती है।

नियम सख्त करने की कोशिश

रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार ने प्रक्रिया तेज करने के प्रयास किए हैं। इसके लिए आवश्यक मंजूरियों में देरी कम करने पर जोर दिया गया है।उद्देश्य यह है कि गैस नेटवर्क तेजी से बढ़ सके। साथ ही उपभोक्ताओं को जल्द कनेक्शन मिल सके। लेकिन कई जानकारों का मानना है कि केवल नियम पर्याप्त नहीं होंगे। जमीनी स्तर पर कार्यबल और परियोजना क्षमता भी बढ़ानी होगी।

आगे क्या है सबसे बड़ी चुनौती

भोपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती विस्तार की गति है। एक ओर गैस की मांग बढ़ रही है। दूसरी ओर पूरे शहर तक नेटवर्क पहुंचाना बड़ा काम है। यदि काम की गति तेज होती है तो अनुमान बदल सकता है। लेकिन मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि लक्ष्य अभी काफी दूर है। यही कारण है कि शहर में पीएनजी विस्तार की रणनीति चर्चा का विषय बनी हुई है।

जरूरी FAQ

    भोपाल में पीएनजी नेटवर्क विस्तार का मुद्दा क्यों चर्चा में है?

    शहर में गैस की मांग बढ़ रही है। इसी बीच उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित एक विश्लेषण में दावा किया गया कि मौजूदा गति बनी रही तो पूरे शहर तक नेटवर्क पहुंचने में 64 साल से अधिक लग सकते हैं। इस कारण योजना की रफ्तार चर्चा में है।

    64 साल का आंकड़ा कैसे निकाला गया?

    1200 कॉलोनियों में से 172 कॉलोनियों में काम पूरा माना गया। शेष 1028 कॉलोनियों को चार-चार के बैच में बांटा गया। प्रत्येक बैच के लिए तीन महीने मानकर गणना की गई। इससे कुल समय लगभग 64.25 वर्ष निकलता है।

    क्या 64 साल की अवधि सरकारी घोषणा है?

    नहीं। यह कोई आधिकारिक समयसीमा नहीं है। यह उपलब्ध आंकड़ों और मौजूदा रणनीति के आधार पर तैयार किया गया अनुमान है। वास्तविक समय परियोजना की गति, संसाधनों और नीतिगत फैसलों पर निर्भर करेगा।

    ये खबरें भी पढ़ें...

    ट्विशा शर्मा सुसाइड केस: लापरवाही के लिए एसआई पर 5 हजार रुपए का जुर्माना

    बीयू: प्रशासनिक अव्यवस्था और भ्रष्टाचार पर कुलगुरु के खिलाफ मोर्चे पर छात्र

    भोपाल मंडल से गुजरने वाली 10 स्पेशल ट्रेनें अब रेगुलर, यात्रियों को मिलेगा फायदा

    एमपी में पीएनजी कनेक्शन के लिए यहां करें फोन, नहीं तो 3 माह में एलपीजी कनेक्शन बंद

      Tags:
      • भोपाल
      • एलपीजी सिलेंडर
      • खाद्य विभाग
      • सिलेंडर
      • पीएनजी
      • रसोई गैस
      • फूड कंट्रोलर
      गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
      MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

      By Atul Dwivedi

      MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
      एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

      By Ramanand Tiwari

      एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
      मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

      By Ramanand Tiwari

      मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
      मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

      By Jitendra Shrivastava

      मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
      mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

      By Sanjay Dhiman

      mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
      झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

      By Sanjay Gupta

      झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
      बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

      By Arun Tiwari

      बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा