भाजपा का बड़ा सियासी दांव, महेश केवट को बनाया तीसरा राज्यसभा प्रत्याशी
Ramanand Tiwari | Jun 08, 2026, 24:46 IST
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मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव 2026 का सियासी पारा चरम पर है। भाजपा ने महेश केवट को तीसरी सीट का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निवास पर बनी रणनीति के तहत भाजपा कांग्रेस की सुरक्षित मानी जाने वाली सीट पर सीधा मुकाबला चाहती है।
मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में अब मुकाबला सिर्फ उम्मीदवारों का नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति और संख्या बल का बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निवास पर हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद भाजपा ने राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। भाजपा ने तीसरी सीट पर प्रत्याशी उतारकर साफ संकेत दे दिया है कि पार्टी कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के लिए सुरक्षित मानी जा रही सीट पर भी सीधा मुकाबला चाहती है। इसके साथ ही भाजपा ने तीसरी सीट के लिए अपना पूरा चुनावी खाका भी तैयार कर लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, सीएम हाउस में हुई बैठक में उम्मीदवार के नाम के साथ-साथ चुनावी रणनीति, राजनीतिक प्रबंधन और विधायकों के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी अब तीसरी सीट को लेकर पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है। भाजपा ने राज्यसभा की तीसरी सीट पर महेश केवट को उम्मीदवार बनाया। मुख्यमंत्री निवास पर हुई अहम बैठक में चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।
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रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक को राज्यसभा चुनाव का अहम पड़ाव माना जा रहा है। बैठक में केवल उम्मीदवार के नाम पर ही नहीं, बल्कि पूरी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व ने तीसरी सीट को प्रतिष्ठा का मुकाबला मानते हुए संगठन और सरकार के स्तर पर जिम्मेदारियां तय की हैं। पार्टी का लक्ष्य केवल उम्मीदवार उतारना नहीं, बल्कि मुकाबले को पूरी तरह राजनीतिक रूप देना है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा तीसरी सीट पर महेश केवट को मैदान में उतारकर कांग्रेस के चुनावी गणित को चुनौती देना चाहती है। पार्टी इस सीट को लेकर आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है। इसी वजह से लगातार बैठकों का दौर चल रहा है और चुनावी प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भाजपा यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि तीसरी सीट पर लड़ाई पूरी ताकत के साथ लड़ी जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि बैठक में विपक्षी खेमे की रणनीति, राजनीतिक समीकरण और चुनावी गणित पर भी विस्तार से चर्चा हुई। भाजपा ने संभावित परिस्थितियों के हिसाब से अपनी रणनीति तैयार कर ली है। इसके लिए विशेष समन्वय व्यवस्था और राजनीतिक प्रबंधन की रूपरेखा भी बनाई गई है, ताकि चुनाव के दौरान हर परिस्थिति का सामना किया जा सके।
रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर दिनभर नेताओं और संगठन पदाधिकारियों का आना-जाना लगा रहा। कई दौर की बैठकों के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा की सक्रियता और बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा तीसरी सीट को लेकर बड़ा राजनीतिक दांव खेल रही है और इसी वजह से संगठन से लेकर सरकार तक लगातार गतिविधियां तेज हो गई हैं।
विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के अनुसार भाजपा दो सीटों पर मजबूत स्थिति में है, जबकि कांग्रेस एक सीट के लिए दावेदारी रखती है। हालांकि भाजपा द्वारा तीसरा उम्मीदवार उतारने से चुनाव का गणित पूरी तरह बदल गया है। अतिरिक्त वोट, राजनीतिक प्रबंधन और संभावित क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने तीसरी सीट को सबसे दिलचस्प मुकाबला बना दिया है।
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के साथ राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। भाजपा द्वारा महेश केवट को मैदान में उतारने के बाद मुकाबला अब सीधा और बेहद रोचक हो गया है। अब पूरे प्रदेश की नजर राज्यसभा चुनाव के मतदान और उसके राजनीतिक परिणामों पर टिकी हुई है। तीसरी सीट पर भाजपा का यह दांव आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन सकता है।
राज्यसभा की तीसरी सीट के भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का विवादों से भी नाता रहा है। केवट ने मई 2026 में ही मछुआ कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष पद संभाला। हालांकि महेश केवट की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। विपक्ष और भाजपा के कुछ कार्यकर्ता दावा कर रहे हैं कि केवट को वर्ष 2022 में नगरीय निकाय चुनाव के दौरान कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण भाजपा से निष्कासित किया गया था। तब महेश केवट ने निष्कासन संबंधी पत्र को फर्जी बताते हुए कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया था। उनकी नियुक्ति का आदेश 24 अप्रैल 2026 को जारी हुआ था, जबकि उन्होंने 11 मई 2026 को भोपाल में पदभार ग्रहण किया।
कर्नाटक की राज्यसभा सीट के लिए भाजपा ने प्रो. (डॉ.) एम. नागराज को मैदान में उतारा है। वे एक अकादमिक और सामाजिक पृष्ठभूमि वाले नेता हैं। कर्नाटक में विपक्षी दल की भूमिका में होने के बावजूद भाजपा ने यहां एक अनुभवी चेहरे पर भरोसा जताया है। कर्नाटक राज्यसभा की यह सीट पार्टी के लिए एक अहम चुनौती है। डॉ. नागराज को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि वह इस सीट पर पूरी ताकत लगाएगी।
कर्नाटक विधान परिषद के लिए भी भाजपा ने दो उम्मीदवार घोषित किए हैं। पहले उम्मीदवार लिंगराज पाटील हैं और दूसरे रघु कौटिल्य। दोनों नेताओं को केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी मिल चुकी है। विधान परिषद कर्नाटक विधानमंडल का उच्च सदन है। यहां जीत के लिए विधानसभा सदस्यों के वोट अहम भूमिका निभाते हैं। भाजपा के पास कर्नाटक विधानसभा में सीमित संख्या है, इसलिए यह चुनाव पार्टी के लिए कठिन माना जा रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक, सीएम हाउस में हुई बैठक में उम्मीदवार के नाम के साथ-साथ चुनावी रणनीति, राजनीतिक प्रबंधन और विधायकों के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी अब तीसरी सीट को लेकर पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है। भाजपा ने राज्यसभा की तीसरी सीट पर महेश केवट को उम्मीदवार बनाया। मुख्यमंत्री निवास पर हुई अहम बैठक में चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।
- कांग्रेस की सीट पर सीधा मुकाबला खड़ा करने की तैयारी।
- क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक प्रबंधन पर विशेष फोकस।
- विधायकों के समन्वय और चुनावी प्रबंधन की जिम्मेदारियां तय।
- संगठन और सत्ता स्तर पर लगातार बैठकों का दौर जारी।
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सीएम हाउस में क्या हुआ?
लक्ष्य सिर्फ उम्मीदवार उतारना नहीं
कांग्रेस की चिंता बढ़ाने वाली रणनीति
लगातार बैठकों से बढ़े सियासी संकेत
तीसरी सीट का गणित क्यों अहम?
आगे क्या?
विवादों में भी घिर चुके हैं केवट
कर्नाटक राज्यसभा: डॉ. नागराज पर दांव
कर्नाटक विधान परिषद के लिए दो नाम
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