बुंदेली चुगली वीडियो से बवाल, BJP विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह पर अश्लील टिप्पणी का अपराध दर्ज
Pawan Modiya | May 10, 2026, 20:52 IST
10-1
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में सोशल मीडिया पर वायरल एक बुंदेली वीडियो को लेकर विवाद हो गया है। भाजपा विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह पर अश्लील और अभद्र टिप्पणी का आरोप है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने पन्ना और पवई थाने में अलग-अलग मामले दर्ज कराए हैं।
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- सोशल मीडिया पर एक बुंदेली वीडियो वायरल हुआ।
- इस वीडियो में भाजपा विधायक पर अश्लील टिप्पणी थी।
- पन्ना कोतवाली और पवई थाने में अलग-अलग मामले दर्ज हुए।
- दो अलग लोगों पर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई।
- पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बुंदेली वीडियो से भड़की चिंगारी
पन्ना में पहला मामला
पवई में भी दर्ज हुआ अपराध
विधायक बोले- ये मेरे खिलाफ साजिश
संगठन ने भी लिया संज्ञान
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आईटी (IT - Information Technology) एक्ट और आईपीसी (IPC - Indian Penal Code) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों से पूछताछ की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
सोशल मीडिया और राजनीति
सोशल मीडिया पर गलत या अपमानजनक सामग्री फैलाना अब आसान नहीं रहा। पुलिस और प्रशासन अब ऐसे मामलों में तेजी से एक्शन ले रहे हैं।
यह खबर क्यों जरूरी है?
3 जरूरी FAQ
उत्तर: सोशल मीडिया पर एक बुंदेली भाषा का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें भाजपा विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ अभद्र, अश्लील और अपमानजनक टिप्पणियां की गई थीं। इस वीडियो को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने पन्ना और पवई दोनों थानों में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं।
पन्ना और पवई थाने में किसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ?
उत्तर: पन्ना कोतवाली में कटरा निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज हुआ, जबकि पवई थाने में हिनौता निवासी मियाजी अब्दुल्ला सिद्दीकी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने विधायक के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाया।
सोशल मीडिया पर किसी नेता के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो फैलाने पर क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
उत्तर: भारत में सोशल मीडिया पर किसी के खिलाफ अभद्र या अश्लील सामग्री फैलाना आईटी (Information Technology) एक्ट 2000 की धारा 66A (पहले) और अन्य प्रावधानों तथा IPC (Indian Penal Code) की संबंधित धाराओं के तहत दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। पुलिस ऐसे मामलों में डिजिटल साक्ष्य जुटाकर कार्रवाई करती है।
ये खबरें भी पढ़ें...
सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान: एमपी में बनेंगी 2117 किमी ग्रामीण सड़कें, 987 गांवों को मिलेगा लाभ
एमपी के इस जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना में 152 करोड़ की गड़बड़ी
कौन है अवर सचिव अजय सिंह, जिसने एमपी में निगम-मंडलों की व्यवस्था को हिला डाला
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari