ब्राह्मण राजनीति में संजय शुक्ला की साख पर फैसला आज, समझाइश से गोलू आएं साथ

Sanjay Gupta | Mar 02, 2025, 12:09 IST
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sanjay shukla
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इंदौर से बड़ी खबर सामने आ रही है। शहर के कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज में पूर्व कांग्रेसी विधायक और वर्तमान बीजेपी नेता संजय शुक्ला की साख दांव पर लगी हुई है।

इंदौर के कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज में पूर्व कांग्रेसी विधायक और अब बीजेपी नेता संजय शुक्ला की साख दांव पर लगी है। अभी तक श्री कान्यकुब्ज विद्या प्रचारिणी सभा इंदौर में निर्विरोध सभापति (अध्यक्ष) बन रहे शुक्ला के खिलाफ, उनके ही करीबी विकास अवस्थी पैनल बनाकर मैदान में उतर आए हैं। चुनाव के लिए स्कीम 54 में रविवार दो मार्च को सुबह 10 से वोटिंग शुरू हो चुकी है। शाम 4 बजे तक है और रात होते ही रिजल्ट आ जाएगा। चुनाव में करीब 3 हजार 990 मतदाता है। उधर परिवार की समझाइश के बाद आखिरकार विधायक गोलू शुक्ला, चचेरे भाई संजय के साथ आ गए हैं।

विरोधी अवस्थी विधायक गोलू के कट्टर समर्थक

संजय शुक्ला के विरोध में उतरे विकास अवस्थी ने गोलू शुक्ला के लिए विधानसभा तीन में चुनाव का जिम्मा संभाला था, उस समय संजय शुक्ला भी कांग्रेस से इंदौर विधानसभा एक से चुनाव लड़ रहे थे। ऐसे में गोलू चुनाव से पहले तक असमंजस में ही रहे, किसका साथ दें। इस मामले में द सूत्र ने भी अंदर चल रही गहमागहमी की खबर दी थी। इसके बाद परिवारजन ने गोलू को समझाइश दी और इसके बाद गोलू शुक्ला ने संजय के साथ एक मंच साझा किया और कहा कि परिवार के लिए हम सभी एक हैं। हम सभी को मिलकर बाबूजी पैनल (संजय शुक्ला की) को जिताना है। चुनाव वोटिंग के दौरान भी गोलू कुछ देर के लिए पहुंचे और संजय शुक्ला के साथ रहें।
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इसके पहले भी हो चुकी है जुबानी जंग

चुनाव में विकास के उतरते ही संजय शुक्ला के समर्थक दुर्गेश शुक्ला और विकास अवस्थी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई थी। विकास अवस्थी ने पोस्ट जाली और कहा कि मैं 2023 में संजू भैय्या के लिए ब्राह्मण सम्मेलन करने के बाद विधानसभा चुनाव में गोलू भैय्या के क्षेत्र तीन में चला गया था। यही आपकी (दुर्गेश) पीड़ा है, अब गोलू भैय्या भी तो शुक्ला परिवार के ही हैं। आज शुक्ला परिवार का सम्मान केवल और केवल गोलू शुक्ला जी के कारण हैं और पूरे शहर और प्रदेश में हैं। उधर दुर्गेश ने कहा था कि मामला चाहे सामाजिक हो या पारिवारिक आपक फितरत है फूट डालने की, आप फिर घर फोड़ने में शुरू हो गए।

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उधर, 306 वोट पर असमंजस बाकी

उधर, चुनाव के पहले 306 वोट का पेंच फंसा हुआ है। दरअसल इन्होंने रसीद कटवा ली थी और आवेदन फॉर्म बाद में भरे थे। विकास अवस्थी पैनल चाहती है कि इनके वोट गिने जाएं। हाईकोर्ट ने इन सभी को वोट डालने के अधिकार दिए थे लेकिन इनके वोट अलग बॉक्स में डलेंगे और काउंटिंग नहीं होगी। वहीं चुनाव के दो दिन पहले भी हाईकोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई हुई, इसमें संजय शुक्ला पैनल की ओर से मांग उठी कि इन्हें वोट का अधिकार नहीं है, क्योंकि पुराने बायलॉज के हिसाब से संस्था में तीन महीने पहले बना व्यक्ति ही वोट डाल सकता है, इन्होंने आवेदन फॉर्म जनवरी 2025 में भरे, केवल रसीद पहले होने से वोट नहीं डाल सकते। इस पर फैसला अभी नहीं आया है। ऐसे में यह वोट आगे-पीछे निर्णायक साबित हो सकते हैं।

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इन पदों के लिए उतरी दो पैनल

संस्था में पंडित विष्णुप्रसाद शुक्ला के निधन के बाद से सभापति पद पर संजय शुक्ला आए थे। इस बार उनके करीबी विकास अवस्थी ने मंत्री पद की मांग की, लेकिन शुक्ला ने मना कर दिया और कमेटी मेंबर बनाने पर सहमति दी। इससे नाराज अवस्थी ने पारदर्शी पैनल बनाकर सभी पदों के लिए उम्मीदवार मैदान में उतार दिए। वहीं अब संजय शुक्ला ने भी पिता पंडित शुक्ला के सम्मान में बाबूजी पैनल बनाकर चुनाव में उम्मीदवार उतार दिए। इसमें वह खुद सभापति पद के लिए चुनाव मैदान में आए हैं। शुक्ला की पैनल बाबूजी का चुनाव चिन्ह कलश है और अवस्थी की पारदर्शी पैनल का चिन्ह शंख है।

इन पदों के लिए यह उम्मीदवार

सभापति के लिए – संजय शुक्ला विरुद्ध अरविंद मिश्रा
मंत्री पद के लिए- अनूप वाजपेयी विरुद्ध विकास अवस्थी
उपमंत्री के लिए- अर्चना अवस्थी विरुद्ध उमेश पांडे

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उपसभापति के लिए- तीन पद

संजय शुक्ला की पैनल से - राजेश्वरी तिवारी, सुरेंद्र वाजपेयी और सुलेखा शुक्ला
विकास अवस्थी की पैनल से- उमाशंकर पाण्डे, कमलेश पाण्डे और जगदीश दीक्षित
कोषाध्यक्ष पद के लिए- यूके दीक्षित विरुद्ध अखिलेश त्रिपाठी

कार्यकारिणी में कुल 14 पद हैं

संजय शुक्ला की पैनल से - अनिल दुबे, आनंद मिश्रा, ओम्रकाश शुक्ला, उमाशंकर चतुर्वेदी, दीपक शुक्ला, प्रकाश वाजपेयी , प्रकाश मिश्रा, रामचंद्र दुबे, विभूति शुक्ला, वंदना शुक्ला, सच्चिदानंद द्विवेदी, सतीश पाण्डेय, सतीश दुबे, सुनीता तिवारी हैं।

विकास अवस्थी की पैनल से - आलोक दीक्षित, आशुतोष दुबे, गायत्री शुक्ला, गीतांजली वाजपेयी, गौरव द्विवेदी, नीलेश तिवारी, पवन शुक्ला, प्रमोद अवस्थी, रमेश मिश्रा, लोकेशचंद्र वाजपेयी, संतोष शुक्ला, संस्कार पाण्डे, संतोष तिवारी, संतोष मिश्रा।

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