2 मिनट में ब्रेन ट्यूमर का चलेगा पता, एमपी की छात्रा बना रही AI बेस्ड एप
Shreya Nakade | Jul 01, 2024, 13:36 IST
ब्रेन ट्यूमर के लिए एआई बेस्ट ऐप
मध्य प्रदेश के भोपाल में एक छात्रा ब्रेन ट्यूमर की जांच के लिए एप बना रही है। अभी डॉक्टर को ट्यूमर की जांच में 3 घंटे तक का समय भी लग जाता है। ऐप से 2 मिनट में ट्यूमर की जांच हो पाएगी...
ब्रेन ट्यूमर की जांच के लिए एक ऐसा ऐप बनाया जा रहा है जो 2 मिनट के अंदर ब्रेन ट्यूमर का पता लगा लेगा। यह एप पूरी तरह से AI पर बेस्ड होगा। एमआरआई ( MRI ) रिपोर्ट की जांच कर यह ट्यूमर का 2 मिनट में पता लगाएगा।
इससे डॉक्टर्स का काफी समय बचेगा। साथ ही मरीज का इलाज भी जल्दी शुरू हो पाएगा। यह एप भोपाल के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च (आइसर) की छात्रा श्रद्धा अग्रवाल ( shraddha agrawal ) बना रही हैं।
वर्तमान में एमआरआई रिपोर्ट के आधार पर ट्यूमर का पता मैनुअल स्टडी करके लगाया जाता है। इसमें कई बार 2 से 3 दिन का समय भी लग जाता है। एप के जरिए चंद मिनटों में ट्यूमर का पता चल जाएगा। इससे न सिर्फ डॉक्टर्स का बहुत सारा समय बचेगा, साथ ही मरीज का इलाज भी जल्दी शुरू हो जाएगा।
इंडियन इंस्टीट्यूट आफ एजुकेशन एंड रिसर्च की श्रद्धा अग्रवाल यह ऐप प्रोफेसर तन्मय बसु के मार्गदर्शन में विकसित कर रही है। इसका एल्गोरिदम तैयार हो चुका है।
यह ऐप एक MRI रिपोर्ट को स्कैन करेगा। इसके बाद उसके पिक्सल्स की स्टडी कर यह पता लगाएगा कि सिर के किस हिस्से में ट्यूमर है।
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श्रद्धा अग्रवाल बीते दिनों अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हुई हेल्थ इनफार्मेशन कांफ्रेंस में शामिल हुई थी। इस दौरान उन्होंने ट्यूमर की जांच करने वाले ऐप के मॉडल का प्रदर्शन किया था। वहां मौजूद विशेषज्ञों की टीम ने इस खोज को बहुत महत्वपूर्ण माना।
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श्रद्धा अग्रवाल द्वारा बनाया जा रहा एप MRI को टेक्नोलॉजी के जरिए पढ़ने का पहला तरीका होगा। यह एप AI पर आधारित है। अब तक MRI की स्टडी मैनुअल तरीके से ही होती आई है।
MRI रिपोर्ट आने पर ब्रेन डॉक्टर्स मैनुअली उसकी जांच करके ट्यूमर का पता लगाते हैं। क्रिटिकल केसेस में ऐसी स्टडी में 2-3 दिन भी लग जाते हैं।
श्रद्धा द्वारा बनाए जा रहे एप में 1 हजार से ज्यादा पुराने ब्रेन ट्यूमर केसेस के MRI अपलोड किए गए हैं। इसके अलावा इस पर डॉक्टर्स की स्टडी भी अपलोड की गई है। इसी आधार पर AI आधारित एप ट्यूमर का पता लगाएगा। अभी ऐसे ही और रिपोर्ट्स एप में अपलोड करनी हैं।
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ट्यूमर के इलाज
इससे डॉक्टर्स का काफी समय बचेगा। साथ ही मरीज का इलाज भी जल्दी शुरू हो पाएगा। यह एप भोपाल के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च (आइसर) की छात्रा श्रद्धा अग्रवाल ( shraddha agrawal ) बना रही हैं।
अभी दो से तीन दिन का समय लगता है
जल्द लॉन्च होगा एप
यह ऐप एक MRI रिपोर्ट को स्कैन करेगा। इसके बाद उसके पिक्सल्स की स्टडी कर यह पता लगाएगा कि सिर के किस हिस्से में ट्यूमर है।
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न्यूयार्क में मॉडल का प्रदर्शन
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अभी MRI की होती है मैन्युल स्क्रीनिंग
MRI रिपोर्ट आने पर ब्रेन डॉक्टर्स मैनुअली उसकी जांच करके ट्यूमर का पता लगाते हैं। क्रिटिकल केसेस में ऐसी स्टडी में 2-3 दिन भी लग जाते हैं।
श्रद्धा द्वारा बनाए जा रहे एप में 1 हजार से ज्यादा पुराने ब्रेन ट्यूमर केसेस के MRI अपलोड किए गए हैं। इसके अलावा इस पर डॉक्टर्स की स्टडी भी अपलोड की गई है। इसी आधार पर AI आधारित एप ट्यूमर का पता लगाएगा। अभी ऐसे ही और रिपोर्ट्स एप में अपलोड करनी हैं।
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