विधायक पत्नी बोली घर से निकलो, अब प्रचार के साथ झोपड़ी में अलग खाना बना रहे BSP उम्मीदवार कंकर मुंजारे
Sandeep Kumar | Apr 16, 2024, 14:42 IST
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बालाघाट में लोकसभा चुनाव के पहले एक रोचक मामला सामने आया है। यहां पर राजनीति के चलते पति-पत्नी के बीच का ये वैचारिक मतभेद प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
BHOPAL. मध्य प्रदेश की बालाघाट लोकसभा सीट पर राजनीतिक लड़ाई मुंजारे परिवार के घर तक पहुंच गई है। BSP उम्मीदवार पति के अपनी पत्नी और कांग्रेस से विधायक अनुभा मुंजारे से राजनीतिक मतभेद इस कदर बढ़ गए हैं कि उन्होंने पत्नी से खुद का चूल्हा बर्तन तक अलग कर लिया है। बालाघाट की विधायक अनुभा मुंजारे ( Anubha Munjare ) ने मीडिया को बताया कि उनके पति कंकर मुंजारे ( Kankar Munjare ) ने विचारधारा में अंतर के कारण उन्हें अलग रहने के लिए कहा है, लेकिन फिलहाल तो वही घर से बाहर रह रहे हैं। विधायक ने कहा कि अगर वे एक छत के नीचे रहेंगे, तो लोगों को लगेगा कि आपस में कुछ ‘मैच फिक्सिंग’ है।
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बीएसपी प्रत्याशी कंकर मुंजारे ने अपनी विधायक पत्नी पर आरोप लगाए हैं कि जब ओलावृष्टि हुई और किसानों की फसल बर्बाद हो गई तो अनुभा मुंजारे कहां थीं? उन्होंने पत्नी पर तंज कसते हुए कहा कि विधायक क्षेत्र के किसानों को अपने हाल पर छोड़कर काशी-मथुरा घूम रही थीं। अब ये वो अनुभा मुंजारे नहीं रहीं। ये भ्रष्टाचारियों के साथ मिल गई हैं।
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बीएसपी प्रत्याशी कंकर मुंजारे ने बताया कि झोपड़ी से कुछ ही दूरी पर लकड़ियां रखी हैं। यहां चूल्हा भी बना है। यहीं पर उनका खाना बनता है। वे कहते हैं मैं तो वनवास काट रहा हूं। दरअसल जिस दिन कंकर मुंजारे ने बसपा से नामांकन दाखिल किया था, उसी दिन से उनका पत्नी से वैचारिक अलगाव सामने आया था। उनसे पूछा कि घर छोड़ने की क्या जरूरत थी, तो बोले- मैंने लोकसभा का टिकट कांग्रेस से मांगा था। मुझे नेताओं ने भरोसा तो दिया, मगर टिकट सम्राट सिंह सरस्वार को दे दिया। तब मैंने बसपा से चुनाव लड़ने का फैसला किया। मैंने पत्नी अनुभा मुंजारे को कहा कि आपको कांग्रेस की राजनीति करना है तो दूसरा घर देख लीजिए। एक ही घर में दो पार्टी के झंडे नहीं लगेंगे। अनुभा ने कहा कि मैं इस घर में ब्याह कर आई हूं इसलिए घर छोड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
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कंकर मुंजारे तो झोपड़ी में रहकर चुनाव लड़ रहे हैं। इधर अनुभा मुंजारे बालाघाट में अपने मकान में हैं। वे रोज सुबह कांग्रेस उम्मीदवार सम्राट सिंह सरस्वार के प्रचार में जुट जाती हैं। सम्राट सिंह सरस्वार के पिता अशोक सिंह सरस्वार के सामने वे दो बार चुनाव लड़ चुकी हैं।
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कंकर मुंजारे अपनी सभाओं में सबसे ज्यादा अनुभा मुंजारे का ही जिक्र करते हैं। किसी गांव में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ये तक कह दिया कि अगर अनुभा मुंजारे उनकी पत्नी नहीं होतीं, तो क्या कभी विधायक बन पातीं? कांग्रेस की यहां जमानत जब्त होती रही है। हमारे नाम पर खुद तो जीतीं, एक और उम्मीदवार के क्षेत्र में प्रचार कर मेरे नाम पर वोट मांगा।
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पति ने विधायक पत्नी पर लगाए ये आरोप
बीएसपी प्रत्याशी कंकर मुंजारे ने अपनी विधायक पत्नी पर आरोप लगाए हैं कि जब ओलावृष्टि हुई और किसानों की फसल बर्बाद हो गई तो अनुभा मुंजारे कहां थीं? उन्होंने पत्नी पर तंज कसते हुए कहा कि विधायक क्षेत्र के किसानों को अपने हाल पर छोड़कर काशी-मथुरा घूम रही थीं। अब ये वो अनुभा मुंजारे नहीं रहीं। ये भ्रष्टाचारियों के साथ मिल गई हैं।
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मैं तो वनवास काट रहा हूं: कंकर
बीएसपी प्रत्याशी कंकर मुंजारे ने बताया कि झोपड़ी से कुछ ही दूरी पर लकड़ियां रखी हैं। यहां चूल्हा भी बना है। यहीं पर उनका खाना बनता है। वे कहते हैं मैं तो वनवास काट रहा हूं। दरअसल जिस दिन कंकर मुंजारे ने बसपा से नामांकन दाखिल किया था, उसी दिन से उनका पत्नी से वैचारिक अलगाव सामने आया था। उनसे पूछा कि घर छोड़ने की क्या जरूरत थी, तो बोले- मैंने लोकसभा का टिकट कांग्रेस से मांगा था। मुझे नेताओं ने भरोसा तो दिया, मगर टिकट सम्राट सिंह सरस्वार को दे दिया। तब मैंने बसपा से चुनाव लड़ने का फैसला किया। मैंने पत्नी अनुभा मुंजारे को कहा कि आपको कांग्रेस की राजनीति करना है तो दूसरा घर देख लीजिए। एक ही घर में दो पार्टी के झंडे नहीं लगेंगे। अनुभा ने कहा कि मैं इस घर में ब्याह कर आई हूं इसलिए घर छोड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
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पत्नी मकान से पति झोपड़ी से मैदान में !
कंकर मुंजारे तो झोपड़ी में रहकर चुनाव लड़ रहे हैं। इधर अनुभा मुंजारे बालाघाट में अपने मकान में हैं। वे रोज सुबह कांग्रेस उम्मीदवार सम्राट सिंह सरस्वार के प्रचार में जुट जाती हैं। सम्राट सिंह सरस्वार के पिता अशोक सिंह सरस्वार के सामने वे दो बार चुनाव लड़ चुकी हैं।
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पत्नी के खिलाफ पति का सियासी आक्रमक रवैया
कंकर मुंजारे अपनी सभाओं में सबसे ज्यादा अनुभा मुंजारे का ही जिक्र करते हैं। किसी गांव में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ये तक कह दिया कि अगर अनुभा मुंजारे उनकी पत्नी नहीं होतीं, तो क्या कभी विधायक बन पातीं? कांग्रेस की यहां जमानत जब्त होती रही है। हमारे नाम पर खुद तो जीतीं, एक और उम्मीदवार के क्षेत्र में प्रचार कर मेरे नाम पर वोट मांगा।
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