बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में हंगामा: गेट पर जड़े ताले, प्रभारी कुलगुरु को बाहर ही रोका
Anjali Dwivedi | Jun 16, 2026, 12:22 IST
BU में कुलगुरु बाहर
भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में कुलगुरु के छुट्टी पर जाने के बाद रजिस्ट्रार ने गेट पर 4 ताले लगा दिए हैं। प्रभारी कुलगुरु प्रो. विवेक शर्मा को दफ्तर नहीं मिला इस कारण 18 जून को आपात EC बैठक होगी।
भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में कुलगुरु प्रो. एसके जैन के छुट्टी पर जाने के बाद प्रशासनिक विवाद शुरू हो गया है। रजिस्ट्रार ने कुलगुरु कार्यालय में चार ताले लगा दिए, जिससे प्रभारी कुलगुरु प्रो. विवेक शर्मा दफ्तर नहीं जा सके।
18 जून को आपात कार्यपरिषद बैठक बुलाई गई है। इसमें 36 बीएड कॉलेजों की संबद्धता और नर्सिंग कॉलेजों पर बड़ा फैसला हो सकता है। गाड़ियां भी वापस ली जा चुकी हैं और यूनिवर्सिटी में कुर्सी की लड़ाई अब विवादों में आ गई है।
कुलगुरु प्रो. एसके जैन को 25 जून तक के लिए छुट्टी पर भेजा गया है। इसके बाद से विश्वविद्यालय में खींचतान शुरू हो गई है।
रजिस्ट्रार डॉ. एसबी सिंह ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर कुलगुरु कार्यालय में दो की जगह चार ताले लगवा दिए हैं। इससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया है।
प्रभारी कुलगुरु की जिम्मेदारी प्रो. विवेक शर्मा को सौंपी गई है। वे पदभार संभालने के लिए विश्वविद्यालय पहुंचे, लेकिन गेट के बाहर ही खड़े रह गए। गार्ड के पास चाबी नहीं थी, इसलिए वे आधे घंटे तक इंतजार करते बाहर खड़े रहे।
आखिरकार सोमवार सुबह 9 बजे कार्यालय खुला, सफाई के बाद 10 बजे काम शुरू हो पाया। रविवार को छुट्टी होने के कारण यूनिवर्सिटी में वैसे भी नियमित काम नहीं हुआ था।
इस बीच सोमवार सुबह वायवा यानी मौखिक परीक्षा के लिए परीक्षक और विद्यार्थी दोनों पहुंचे थे। लेकिन गेट में ताले लगे होने के कारण वे लौट गए। ताले खुलने के बाद दोपहर में वायवा आयोजित हो सका।
कुलगुरु के छुट्टी पर जाने के बाद प्रो. एसके जैन सोमवार को अपने विश्वविद्यालय आवास पहुंचे। जहां उन्हें विश्वविद्यालय की गाड़ियां वापस करनी पड़ीं। यह पावर सौंपने का एक कानूनी तरीका है।
सबसे बड़ा मुद्दा अब 18 जून की आपात ईसी यानी कार्यपरिषद बैठक है। इसमें 36 बीएड कॉलेजों की संबद्धता (Affiliation) बहाली पर चर्चा होगी। कई कॉलेजों ने मान्यता के जरूरी नियम पूरे नहीं किए थे, इसीलिए सरकार ने उनका रिन्यूअल रोक दिया है।
नर्सिंग कॉलेजों की संबद्धता का मुद्दा भी इसी बैठक में उठेगा। अधिकारियों के मुताबिक इन कॉलेजों से स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है। बैठक में मिले जवाबों के आधार पर कार्रवाई होगी।
ABVP यानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ 33 घंटे का धरना दिया था। उसके बाद कुलगुरु को छुट्टी पर भेजा गया। इस पूरे घटनाक्रम को प्रशासनिक तनाव की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
महत्वपूर्ण फाइलों की आवाजाही और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर विश्वविद्यालय (Barkatullah University) में अनिश्चितता बनी हुई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सामान्य कामकाज बहाल हो चुका है, लेकिन खींचतान अभी खत्म नहीं हुई।
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18 जून को आपात कार्यपरिषद बैठक बुलाई गई है। इसमें 36 बीएड कॉलेजों की संबद्धता और नर्सिंग कॉलेजों पर बड़ा फैसला हो सकता है। गाड़ियां भी वापस ली जा चुकी हैं और यूनिवर्सिटी में कुर्सी की लड़ाई अब विवादों में आ गई है।
बीयू में ताले की राजनीति
रजिस्ट्रार डॉ. एसबी सिंह ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर कुलगुरु कार्यालय में दो की जगह चार ताले लगवा दिए हैं। इससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया है।
प्रभारी कुलगुरु रहे घंटों बाहर
आखिरकार सोमवार सुबह 9 बजे कार्यालय खुला, सफाई के बाद 10 बजे काम शुरू हो पाया। रविवार को छुट्टी होने के कारण यूनिवर्सिटी में वैसे भी नियमित काम नहीं हुआ था।
परीक्षार्थी और छात्र भी परेशान
कुलगुरु के छुट्टी पर जाने के बाद प्रो. एसके जैन सोमवार को अपने विश्वविद्यालय आवास पहुंचे। जहां उन्हें विश्वविद्यालय की गाड़ियां वापस करनी पड़ीं। यह पावर सौंपने का एक कानूनी तरीका है।
बीएड और नर्सिंग कॉलेजों पर फैसला 18 को
नर्सिंग कॉलेजों की संबद्धता का मुद्दा भी इसी बैठक में उठेगा। अधिकारियों के मुताबिक इन कॉलेजों से स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है। बैठक में मिले जवाबों के आधार पर कार्रवाई होगी।
ABVP का धरना और नई खींचतान
महत्वपूर्ण फाइलों की आवाजाही और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर विश्वविद्यालय (Barkatullah University) में अनिश्चितता बनी हुई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सामान्य कामकाज बहाल हो चुका है, लेकिन खींचतान अभी खत्म नहीं हुई।
FAQ
- बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में कुलगुरु के दफ्तर पर ताले क्यों लगाए गए?
कुलगुरु प्रो. एसके जैन के अवकाश पर जाने के बाद रजिस्ट्रार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कार्यालय में चार ताले लगाए। इससे प्रभारी कुलगुरु को दफ्तर में प्रवेश नहीं मिल सका। यह विश्वविद्यालय में चल रही प्रशासनिक खींचतान का हिस्सा है। - 18 जून की आपात EC बैठक में क्या होगा?
बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी की कार्यपरिषद की आपात बैठक में 36 बीएड कॉलेजों की संबद्धता बहाली पर फैसला होगा। नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता का मुद्दा भी उठेगा। इन कॉलेजों से पहले ही स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है।
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