कांग्रेस ने RSS कार्यालय को सौंपा विरोध-पत्र, कर्नल सोफिया कुरैशी के अपमान पर जताया आक्रोश
Neel Tiwari | May 17, 2025, 21:59 IST
Photograph: (THESOOTR)
मार्च के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार के उन मंत्रियों पर हमला बोला जिनके कथनों ने सेना की गरिमा और निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। विरोध का मुख्य उद्देश्य सेना को राजनीतिक सत्ता के प्रचार मेंं परिवर्तित करने की कोशिशों के खिलाफ संदेश दिया जाए।
शनिवार को जबलपुर के राइट टाउन क्षेत्र में कांग्रेस कमेटी ने भारतीय सेना और उसकी महिला अधिकारियों के विरुद्ध दिए गए अपमानजनक बयानों के विरोध में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय की ओर मार्च निकाला। इस मार्च के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार के उन मंत्रियों पर सीधा हमला बोला जिनके कथनों ने सेना की गरिमा और निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
विरोध का मुख्य उद्देश्य था कि सेना को राजनीतिक सत्ता के प्रचार तंत्र में परिवर्तित करने की कोशिशों के खिलाफ एक स्पष्ट और प्रभावशाली संदेश दिया जाए।
![jabalpur]()
![jabalpur]()
कांग्रेस का सवाल, क्या यही है आज का ‘
![jabalpur]()
राज्य के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा दिया गया यह बयान “भारतीय सेना प्रधानमंत्री मोदी के चरणों में नतमस्तक है,” कांग्रेस सहित कई राजनीतिक व सामाजिक हलकों में गहरी नाराजगी का कारण बना। कांग्रेस का कहना है कि यह कथन न केवल सेना की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि इससे यह भी झलकता है कि सरकार किस तरह सेना जैसी संस्था को अपनी राजनीतिक छवि चमकाने के लिए इस्तेमाल करना चाहती है।
वहीं दूसरी ओर, मंत्री विजय शाह द्वारा सेना की वरिष्ठ महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर लगाए गए आरोप की “वे पाकिस्तान के भेजे गए आतंकियों की बहन हैं” को कांग्रेस ने न सिर्फ शर्मनाक कहा, बल्कि इसे भारत की बहादुर बेटियों का घोर अपमान करार दिया। इन दोनों बयानों ने एक साथ न केवल सेना की संस्था को बल्कि उसमें कार्यरत महिला अधिकारियों के आत्मसम्मान को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।
ये खबर भी पढ़ें...
अक्षत की मुट्ठी में छिपी सेवा पुस्तिका! अभियंता का 'टोटकानुमा' फरमान वायरल
कार्यक्रम की शुरुआत राइट टाउन स्थित गौ माता चौक से हुई, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में तिरंगे, बैनर और नारे-पत्रों के साथ इकट्ठा हुए। उपस्थित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘सेना का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’, ‘बेटी का सम्मान देश का अभिमान’, और ‘चुप है RSS, क्यों?’ जैसे नारों से विरोध की शुरुआत की। इसके बाद कार्यकर्ताओं का काफिला पैदल मार्च करता हुआ 'केशव कुटी' RSS के स्थानीय कार्यालय की ओर रवाना हुआ। मार्च शांतिपूर्ण किंतु दृढ़ स्वरूप में आयोजित किया गया, जिसमें महिला कार्यकर्ताओं की भी विशेष उपस्थिति रही। मार्च में शामिल लोगों के चेहरों पर आक्रोश और राष्ट्रहित की चिंता स्पष्ट झलक रही थी।
ये खबर भी पढ़ें...
Top News : खबरें आपके काम की
विरोध मार्च के समापन पर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक है कि जब सेना और उसकी महिला अधिकारी का सार्वजनिक रूप से अपमान किया जा रहा है, तब स्वयं को राष्ट्रवादी बताने वाले संगठन RSS ने एक शब्द तक नहीं कहा। उन्होंने कहा कि “RSS को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह अब राष्ट्रवाद के नाम पर केवल सत्ता की रक्षा करेगा? या वह वास्तव में भारतीय सेना, उसकी परंपरा और उसके अनुशासन के साथ खड़ा है?” सौरभ शर्मा ने यह भी जोड़ा कि यह चुप्पी देश की जनता को गुमराह करने वाली है और इसे चुनौती देना ज़रूरी है।
ये खबर भी पढ़ें...
इंदौर में DAVV के सेल्फ फाइनेंस कर्मचारियों ने कुलपति को घेरा, कार से उतरकर पैदल जाना पड़ा
‘केशव कुटी’ पहुंचने के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने संघ के स्थानीय प्रमुख को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र सौंपा। इस पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह मांग की गई कि जिन मंत्रियों ने सेना के सम्मान के विरुद्ध बयान दिए हैं, उन्हें न केवल तुरंत मंत्रिपद से बर्खास्त किया जाए, बल्कि उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि RSS वास्तव में राष्ट्रवादी संगठन है, तो उसे ऐसे मामलों में अपनी चुप्पी तोड़नी होगी और सरकार पर उचित कदम उठाने का दबाव बनाना होगा।
ये खबर भी पढ़ें...
सुप्रीम कोर्ट से एमपी ई-टेंडरिंग प्रकरण में ईडी का प्रकरण खारिज
यह पूरा घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म देता है कि क्या लोकतंत्र में सेना जैसी संवेदनशील संस्था को सत्ता पक्ष के प्रचार औजार में तब्दील किया जा सकता है? कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सेना को हमेशा निष्पक्ष, निर्लिप्त और देशहित में कार्य करने वाली संस्था के रूप में देखा जाना चाहिए न कि किसी नेता या सरकार के प्रति समर्पित संस्था के रूप में। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सरकारें सेना की गरिमा को अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने लगेंगी, तो वह देश की लोकतांत्रिक नींव को कमजोर करने वाला खतरनाक संकेत होगा।
विरोध का मुख्य उद्देश्य था कि सेना को राजनीतिक सत्ता के प्रचार तंत्र में परिवर्तित करने की कोशिशों के खिलाफ एक स्पष्ट और प्रभावशाली संदेश दिया जाए।
jabalpur
jabalpur
कांग्रेस का सवाल, क्या यही है आज का ‘राष्ट्रवाद ’?
jabalpur
राज्य के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा दिया गया यह बयान “भारतीय सेना प्रधानमंत्री मोदी के चरणों में नतमस्तक है,” कांग्रेस सहित कई राजनीतिक व सामाजिक हलकों में गहरी नाराजगी का कारण बना। कांग्रेस का कहना है कि यह कथन न केवल सेना की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि इससे यह भी झलकता है कि सरकार किस तरह सेना जैसी संस्था को अपनी राजनीतिक छवि चमकाने के लिए इस्तेमाल करना चाहती है।
वहीं दूसरी ओर, मंत्री विजय शाह द्वारा सेना की वरिष्ठ महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर लगाए गए आरोप की “वे पाकिस्तान के भेजे गए आतंकियों की बहन हैं” को कांग्रेस ने न सिर्फ शर्मनाक कहा, बल्कि इसे भारत की बहादुर बेटियों का घोर अपमान करार दिया। इन दोनों बयानों ने एक साथ न केवल सेना की संस्था को बल्कि उसमें कार्यरत महिला अधिकारियों के आत्मसम्मान को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।
ये खबर भी पढ़ें...
अक्षत की मुट्ठी में छिपी सेवा पुस्तिका! अभियंता का 'टोटकानुमा' फरमान वायरल
गौ माता चौक से ‘केशव कुटी’ तक विरोध यात्रा
ये खबर भी पढ़ें...
Top News : खबरें आपके काम की
RSS की चुप्पी पर उठाए सवाल
ये खबर भी पढ़ें...
इंदौर में DAVV के सेल्फ फाइनेंस कर्मचारियों ने कुलपति को घेरा, कार से उतरकर पैदल जाना पड़ा
प्रार्थना पत्र में यह की गई मांग
ये खबर भी पढ़ें...
सुप्रीम कोर्ट से एमपी ई-टेंडरिंग प्रकरण में ईडी का प्रकरण खारिज
सेना और सत्ता में दूरी जरूरी
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA