कोर्ट से लेडी ऑफ जस्टिस हटाकर लोकमाता देवी अहिल्याबाई की प्रतिमा लगाने की मांग
Sanjay Gupta | Jul 24, 2026, 22:09 IST
Photograph: (THESOOTR)
INDORE. इंदौर जिला अभिभाषक संघ की ओर से एक नई तरह की मांग उठी है। कोर्ट रूम से लेडी जस्टिस (न्याय की देवी) की प्रतिमा हो हटाने की मांग हुई है। इनकी जगह लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमाएं लगाने का सुझाव दिया गया है।
सभी कोर्ट में ग्रीक/रोमन पंरपरा से आईं न्याय की देवी (लेडी जस्टिस) की प्रतिमा होती है। अब जिला अभिभाषक संघ इंदौर ने इनकी जगह पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग की है।
इंदौर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष राकेश पाल, सचिव धर्मेद्र गुर्जर सहित कार्यकारिणी और अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर प्रशासनिक न्यायमूर्ति को एक ज्ञापन सौंपा है।
इसके साथ ही, बार एसोसिएशन ने केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, भारत के सर्वोच्च न्यायालय और राज्य अधिवक्ता परिषद को भी पत्र भेजकर औपचारिक रूप से यह मांग रखी है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि ब्रिटिश काल से चली आ रही'लेडी ऑफ जस्टिस की अवधारणा विदेशी संस्कृति पर आधारित है, जबकि भारत की अपनी एक समृद्ध और न्यायपूर्ण ऐतिहासिक परंपरा रही है। इसलिए इन्हें हटाया जाना चाहिए।
संघ ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर ने अपने शासनकाल में बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष, पारदर्शी और मानवीय दृष्टिकोण से न्याय की मिसाल कायम की थी। उनकी न्याय प्रणाली न केवल प्रजा के लिए हितकारी थी, बल्कि आज भी न्यायिक व्यवस्था के लिए प्रेरणास्रोत है।
अभिभाषक संघ का मानना है कि भारतीय न्यायालयों में अहिल्याबाई की प्रतिमा लगाने से न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर और भारतीय न्यायिक मूल्यों को सम्मान मिलेगा, बल्कि यह अदालतों में स्वदेशी चेतना और न्याय के प्रति जनसामान्य के विश्वास को भी सुदृढ़ करेगा। संघ ने केंद्र सरकार और न्यायपालिका से इस प्रस्ताव पर शीघ्र विचार कर सकारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया है।
इधर
वहीं हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इंदौर ने भी भी समस्याओं को लेकर मांग उठाई है। एसोसिएशन अध्यक्ष मनीष यादव ने कहा कि उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों द्वारा लंबे समय से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
न्यायाधीशों की अपर्याप्त संख्या, प्रकरणों का देरी से आना, मेंशन लेने की समस्या, जमानत प्रकरणों में विलंब तथा पार्किंग व्यवस्था आदि है। इनके संबंध में माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश महोदय, उच्च न्यायालय, जबलपुर को विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जा चुका है। इनके जल्द निराकरण के लिए सभी अधिवक्ता सोमवार 27 जुलाई को हाथ में सफेद पट्टी बांधकर काम करेंगे।
ये खबरें भी पढ़ें...
इंदौर छात्र प्रदर्शन में युवाओं ने क्यों पहनी ना मर्दों के प्रदेश मप्र..., वाली टी शर्ट
सुमित्रा ताई बोलीं-करोड़ों खर्च कर पूछा गोपाल मंदिर का क्या करें, मैंने कहा मेरे सिर पर रख दो
दिग्विजय सिंह ने मचा दी सांवेर में सनसनी, मंत्री तुलसी सिलावट खेमा चिंता में, सोनकर खुश
भोजशाला के पास आज भी नमाज नहीं, जगह पर उलझन, सुप्रीम कोर्ट में केस लिस्ट नहीं
यह की गई मांग
इसके साथ ही, बार एसोसिएशन ने केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, भारत के सर्वोच्च न्यायालय और राज्य अधिवक्ता परिषद को भी पत्र भेजकर औपचारिक रूप से यह मांग रखी है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि ब्रिटिश काल से चली आ रही'लेडी ऑफ जस्टिस की अवधारणा विदेशी संस्कृति पर आधारित है, जबकि भारत की अपनी एक समृद्ध और न्यायपूर्ण ऐतिहासिक परंपरा रही है। इसलिए इन्हें हटाया जाना चाहिए।
मां अहिल्याबाई की प्रतिमा क्यों
अभिभाषक संघ का मानना है कि भारतीय न्यायालयों में अहिल्याबाई की प्रतिमा लगाने से न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर और भारतीय न्यायिक मूल्यों को सम्मान मिलेगा, बल्कि यह अदालतों में स्वदेशी चेतना और न्याय के प्रति जनसामान्य के विश्वास को भी सुदृढ़ करेगा। संघ ने केंद्र सरकार और न्यायपालिका से इस प्रस्ताव पर शीघ्र विचार कर सकारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया है।
इधर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की यह मांग
न्यायाधीशों की अपर्याप्त संख्या, प्रकरणों का देरी से आना, मेंशन लेने की समस्या, जमानत प्रकरणों में विलंब तथा पार्किंग व्यवस्था आदि है। इनके संबंध में माननीय कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश महोदय, उच्च न्यायालय, जबलपुर को विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जा चुका है। इनके जल्द निराकरण के लिए सभी अधिवक्ता सोमवार 27 जुलाई को हाथ में सफेद पट्टी बांधकर काम करेंगे।
ये खबरें भी पढ़ें...
इंदौर छात्र प्रदर्शन में युवाओं ने क्यों पहनी ना मर्दों के प्रदेश मप्र..., वाली टी शर्ट
सुमित्रा ताई बोलीं-करोड़ों खर्च कर पूछा गोपाल मंदिर का क्या करें, मैंने कहा मेरे सिर पर रख दो
दिग्विजय सिंह ने मचा दी सांवेर में सनसनी, मंत्री तुलसी सिलावट खेमा चिंता में, सोनकर खुश
भोजशाला के पास आज भी नमाज नहीं, जगह पर उलझन, सुप्रीम कोर्ट में केस लिस्ट नहीं
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava