धार भोजशाला विवाद: वाग्देवी प्रतिमा या जैन अंबिका? मुस्लिम पक्ष ने रखे ऐतिहासिक पत्र और साक्ष्य

Jitendra Shrivastava | Apr 23, 2026, 23:23 IST
Share
bhojshala (2)
Photograph: (thesootr)

धार भोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट में 2003 के पत्र और पुस्तक का हवाला देते हुए ऐतिहासिक साक्ष्य पेश किए हैं। वाग्देवी प्रतिमा को ब्रिटिश म्यूजियम अनुसार जैन अंबिका बताया।

News In Short

  • सीनियर वकील सलमान खुर्शीद ने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज पेश किए।
  • 2003 के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र का उल्लेख किया गया।
  • लेखक रामसेवक गर्ग की पुस्तक से इतिहास के अंश पढ़े।
  • वाग्देवी प्रतिमा को ब्रिटिश म्यूजियम अनुसार जैन अंबिका बताया।
  • कोर्ट ने एएसआई वीडियोग्राफी सभी पक्षों को देने के निर्देश दिए।

News In Detail

मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला परिसर का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इंदौर हाईकोर्ट (Indore High Court) में चल रही नियमित सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने कई चौंकाने वाले साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने ऐतिहासिक दस्तावेजों और प्राचीन पुस्तकों के माध्यम से अपनी दलीलें पेश कीं। यह मामला अब केवल धार्मिक आस्था का नहीं बल्कि गहन ऐतिहासिक शोध और कानूनी व्याख्याओं का विषय बन गया है।

भोजशाला विवाद और कानूनी प्रक्रिया

धार भोजशाला विवाद (Dhar Bhojshala Dispute) वर्तमान में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष विचाराधीन है। गुरुवार को हुई सुनवाई में मुस्लिम पक्ष ने अपनी दलीलों को मजबूती देने के लिए ऐतिहासिक संदर्भों का सहारा लिया।

सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने अदालत को बताया कि धार का इतिहास अत्यंत प्राचीन और जटिल रहा है। उन्होंने तथ्यों के माध्यम से यह साबित करने की कोशिश की कि इतिहास में शहर का विध्वंस किसने किया।

ऐतिहासिक पुस्तक और साक्ष्य का महत्व

सुनवाई के दौरान वकील ने लेखक रामसेवक गर्ग की पुस्तक का विशेष रूप से हवाला दिया। इस पुस्तक के माध्यम से यह दावा किया गया कि 1100 ईस्वी के आसपास गुजरात के राजवंश ने धार पर आक्रमण किया था।

इस आक्रमण में शहर को काफी नुकसान पहुंचाया गया था। मुस्लिम पक्ष ने तर्क दिया कि बाद के मुस्लिम शासकों ने उजड़े हुए शहर को केवल व्यवस्थित किया। उन्होंने किसी नए मंदिर या ढांचे के विध्वंस को अंजाम नहीं दिया था।

वाग्देवी प्रतिमा और ब्रिटिश म्यूजियम पत्र

एक अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य ब्रिटिश म्यूजियम (British Museum) का वह पत्र है जिसे कोर्ट में पेश किया गया। मुस्लिम पक्ष ने दावा किया कि जिसे वर्तमान में वाग्देवी (Vagdevi) या सरस्वती की प्रतिमा कहा जा रहा है, वह असल में जैन धर्म की देवी अंबिका की मूर्ति है। इस दस्तावेज के आधार पर यह तर्क दिया गया कि भोजशाला से जुड़े पुराने दावों की अब पुनः वैज्ञानिक और ऐतिहासिक जांच की जानी आवश्यक है।

एएसआई का पक्ष और कानूनी स्थिति

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) की ओर से एडवोकेट अविरल विकास खरे ने कोर्ट में केंद्र सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 1904 से ही भोजशाला परिसर एक संरक्षित स्मारक (Protected Monument) घोषित है।

कानून के अनुसार इस परिसर पर केंद्र सरकार का पूर्ण अधिकार है। एएसआई का कहना है कि संरक्षित स्मारक होने के कारण इस पर किसी निजी स्वामित्व का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।

वीडियोग्राफी और अगली सुनवाई के निर्देश

हाईकोर्ट ने इस मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एएसआई को कड़े निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि एएसआई सर्वे की पूरी वीडियोग्राफी (Videography) सभी संबंधित पक्षों को 27 अप्रैल तक उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई के दौरान वीडियोग्राफी के आधार पर ही विस्तृत बहस की जाएगी। याचिकाकर्ता अब्दुल समद ने विश्वास जताया कि ये नए दस्तावेज इतिहास की सही तस्वीर पेश करेंगे।

धार्मिक संप्रदाय और सामाजिक सुधार

धार का यह विवाद न केवल स्थापत्य का है बल्कि यह धार्मिक संप्रदाय (Religious Sect) की पहचान से भी जुड़ा है। अदालत को यह तय करना है कि ऐतिहासिक तथ्यों और वर्तमान कानूनों के बीच सामंजस्य कैसे बिठाया जाए।

मुस्लिम पक्ष ने अनुच्छेद 26 और 25 की व्याख्या करते हुए अपनी धार्मिक स्वतंत्रता (Religious Freedom) की रक्षा की अपील की है। कानून के जानकार इस मामले में संवैधानिक नैतिकता (Constitutional Morality) के पहलुओं पर भी नजर रख रहे हैं।

ये खबरें भी पढ़ें...

भोजशाला केस में सलमान खुर्शीद ने रखी दलील याचिका हाईकोर्ट में चलने योग्य नहीं

धार भोजशाला में मुस्लिम पक्ष ने HC में रखे राजस्व रिकॉर्ड, सरकारी पोर्टल पर लिखा यह सरस्वती का मंदिर

धार भोजशाला में नया मोड़, मुस्लिम पक्ष ने कहा, मंदिर पूजा के सबूत नहीं, वाग्देवी प्रतिमा परिसर में नहीं मिली

भोजशाला पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने रखी सामाजिक सौहार्द की दलील, कहा ऐसे नियम बनाएं कि विवाद ना हो

Tags:
  • इंदौर हाईकोर्ट
  • केंद्र सरकार
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
  • धार भोजशाला विवाद
  • भोजशाला परिसर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती