लाड़ली बहना योजना की वजह से विभागों के बजट में अड़ंगा,छात्रवृत्ति अटकी
Pratibha Rana | Feb 11, 2024, 09:09 IST
मप्र के 6 लाख ओबीसी स्टूडेंट्स की 482 करोड़ रुपए की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप रुकी
मप्र के 6 लाख ओबीसी स्टूडेंट्स की 482 करोड़ रुपए की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप रुक गई है। यह वो पैसा है, जो उन्होंने निजी शिक्षण संस्थानों में फीस के रूप में जमा करा दिया है।
BHOPAL. शिवराज सरकार ( former cm shivraj singh chauhan )की सबसे पॉपुलर योजना लाड़ली बहना ( Ladli Behna Yojana )ने प्रदेश का बजट बिगाड़ दिया है। इस योजना को पूरा करने के लिए नवनियुक्त मोहन सरकार ने करोड़ों का कर्ज भी लिया। हाल ही में 10 फरवरी 2024 को मोहन सरकार ने लाड़ली बहना योजना की 9वीं किस्त जारी की। अब तक आठ किस्त जारी की जा चुकी है। लाड़ली बहनों को तो उनकी राशि मिल गई है, लेकिन इस योजना की वजह से कई विभागों के बजट में अड़ंगा लग गया है। मप्र के 5 लाख ओबीसी स्टूडेंट्स की करीब 482 करोड़ रुपए की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप ( post matric scholarship stopped )रुक गई है।
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जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 5 लाख से ज्यादा ओबीसी स्टूडेंट्स ( 5 lakh OBC students scholarship stopped ) की करीब 482 करोड़ रुपए की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप रुक गई है। यह वो पैसा है, जो उन्होंने निजी शिक्षण संस्थानों में फीस के रूप में जमा करा दिया है। इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई की पूरी फीस के साथ ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के स्टूडेंट्स को मिलने वाला पैसा भी इसमें शामिल है। इसके साथ-साथ हॉस्टल और गैर हॉस्टल में रहने का किराया भी छात्रों को नहीं मिला है।
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वहीं इस पूरे मामले में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नोटशीट लिखने के बाद भी उनका रुका हुआ पैसा जारी नहीं किया गया है।
लाड़ली बहना योजना की वजह से कई विभागों के बजट में दिक्कत आ गई है। इसमें स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप भी शामिल है। यह इंजीनियरिंग की 30-35 हजार रुपए और मेडिकल की 5 हजार रुपए से लेकर 10 लाख तक है। बताया गया है कि कुछ पैसा 15 फरवरी के करीब जारी हो सकता है, पर नए वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही अब पूरी राशि मिलेगी।
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बता दें, 2021-22 में दी जाने वाली स्कॉलरशिप 350 करोड़ होती है, इसमें से 150 करोड़ ही अभी तक मिले हैं। करीब 200 करोड़ रुपए बाकी हैं। इसमें किराए और पूर्व के सालों के रिनुअल वाले प्रकरण भी शामिल हैं। मतलब 2022-23 में वित्त विभाग से कुल 482 करोड़ मिलने हैं। इसी तरह 2022-23 का 600 करोड़ तो अभी मिला ही नहीं। साथ ही 2023-24 के बजट की अभी कोई बात ही नहीं हो रही। जानकारी के मुताबिक प्री मैट्रिक की स्कॉलरशिप 250 करोड़ होती है। ये स्कॉलरशिप स्टूडेंट्स को मिल रही है। लेकिन पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप रुकी हुई है।
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प्रदेश में छात्रवृत्ति अटकी
जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 5 लाख से ज्यादा ओबीसी स्टूडेंट्स ( 5 lakh OBC students scholarship stopped ) की करीब 482 करोड़ रुपए की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप रुक गई है। यह वो पैसा है, जो उन्होंने निजी शिक्षण संस्थानों में फीस के रूप में जमा करा दिया है। इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई की पूरी फीस के साथ ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट के स्टूडेंट्स को मिलने वाला पैसा भी इसमें शामिल है। इसके साथ-साथ हॉस्टल और गैर हॉस्टल में रहने का किराया भी छात्रों को नहीं मिला है।
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बार-बार नोटशीट लिखने के बाद भी नहीं मिला पैसा
वहीं इस पूरे मामले में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नोटशीट लिखने के बाद भी उनका रुका हुआ पैसा जारी नहीं किया गया है।
लाड़ली बहना योजना की वजह से कई विभागों के बजट में दिक्कत आ गई है। इसमें स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप भी शामिल है। यह इंजीनियरिंग की 30-35 हजार रुपए और मेडिकल की 5 हजार रुपए से लेकर 10 लाख तक है। बताया गया है कि कुछ पैसा 15 फरवरी के करीब जारी हो सकता है, पर नए वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही अब पूरी राशि मिलेगी।
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पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप रुकी
बता दें, 2021-22 में दी जाने वाली स्कॉलरशिप 350 करोड़ होती है, इसमें से 150 करोड़ ही अभी तक मिले हैं। करीब 200 करोड़ रुपए बाकी हैं। इसमें किराए और पूर्व के सालों के रिनुअल वाले प्रकरण भी शामिल हैं। मतलब 2022-23 में वित्त विभाग से कुल 482 करोड़ मिलने हैं। इसी तरह 2022-23 का 600 करोड़ तो अभी मिला ही नहीं। साथ ही 2023-24 के बजट की अभी कोई बात ही नहीं हो रही। जानकारी के मुताबिक प्री मैट्रिक की स्कॉलरशिप 250 करोड़ होती है। ये स्कॉलरशिप स्टूडेंट्स को मिल रही है। लेकिन पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप रुकी हुई है।
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