विधानसभा में उठा 'The Sootr' के खुलासे का मुद्दा, स्कूल शिक्षा मंत्री ने कबूल की भ्रष्टाचार की बात
Sanjay Sharma | Feb 27, 2026, 20:15 IST
Photograph: (thesootr)
विधानसभा में 'The Sootr' के खुलासे के बाद सरकारी स्कूलों में करोड़ों के भ्रष्टाचार का मामला गरमाया। कांग्रेस और बीजेपी विधायकों ने मुद्दा उठाया, मंत्री ने भ्रष्टाचार कबूल किया।
News In Short
- स्कूलों में निर्माण और मरम्मतीकरण का मामला।
- 'द सूत्र' ने किया था करोड़ों के गबन का खुलासा।
- कांग्रेस और बीजेपी विधायकों ने सदन में उठाए सवाल।
- स्कूल शिक्षा मंत्री ने कबूल की भ्रष्टाचार की बात।
- 'द सूत्र' की खबर के बाद कांग्रेस ने बोला था हमला।
- ध्यानाकर्षण सत्र में लखन घनघोरिया ने उठाया मुद्दा।
- बीजेपी विधायक चतुर्वेदी ने भी सरकार को घेरा।
News In Detail
स्कूल शिक्षा मंत्री ने इस भ्रष्टाचार को स्वीकार करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी। सरकार ने पूरे प्रदेश के स्कूलों में भ्रष्टाचार की जांच के आदेश दिए। 'द सूत्र' ने एक स्कूल में करीब पांच करोड़ रुपए के गबन का खुलासा किया था।
हो के मायूस न यूं शाम से ढलते रहिए।
जिंदगी भोर है सूरज से निकलते रहिए।
एक ही ठांव पे ठहरेंगे तो थक जाएंगे।
धीरे-धीरे ही सही राह पे चलते रहिए।
कवि कुंवर बेचैन की ये पंक्तियां आज अचानक याद आने की वजह काफी बड़ी है। दरअसल, 'द सूत्र' भी कुछ इसी फिलॉसफी पर यकीन करता है। हम सबसे तेज पर नहीं, बल्कि धीरे और सटीक पर भरोसा करते हैं। हम सनसनी नहीं फैलाते सार्थक खबर दिखाते हैं। हम वायरल के पीछे नहीं भागते, वैल्यू को तवज्जो देते हैं और हमारी ये फिलॉसफी जब जमीन पर रंग दिखाती है तो खुशी होती है।
'द सूत्र' ने किया था खुलासा
खबर दिखाने के अगले ही दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरा। जिस पर हमने उनसे बात की थी। बातचीत के दौरान सिंघार ने भरोसा दिलाया था कि वो ये मुद्दा विधानसभा के बजट सत्र में उठाएंगे। हुआ भी बिल्कुल वही।
जबलपुर पूर्व से कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण सत्र में यही मुद्दा उठाया। साथ ही मैहर से बीजेपी विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने भी स्कूलों में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछा।
इस सवाल के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भ्रष्टाचार की बात कबूल की और प्रदेश के सभी जिलों के स्कूलों की जांच कराने के निर्देश दिए। यानी 'द सूत्र' ने जो खुलासे किए थे। उन पर विधानसभा का ध्यानाकर्षण सत्र जमकर गरमाया। पूरा मामला जानने के लिए देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट...
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विधानसभा में उठाया मुद्दा
हमारे न्यूज बुलेटिन सूत्रधार और स्पेशल वीडियो सैगमेंट में घोटाले की परतें उधेड़ने के बाद मामले की गूंज विधानसभा तक सुनाई पड़ी। मैहर से बीजेपी विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी और कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण सत्र में सरकार से तीखे सवाल पूछे।
बीजेपी विधायक ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) के संचालक, उप संचालक और संयुक्त संचालक स्तर के अफसरों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और सस्पेंड कर नौकरी से हटाने की मांग की। जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भ्रष्टाचार की बात कबूल की।
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मामला संगीन है: विधानसभा अध्यक्ष
education corruption
वहीं, मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मंत्री से कहा कि मामला संगीन है। अगर कोई अफसर जांच को प्रभावित कर सकता है तो उन्हें हटाकर जांच कराएं। इसके बाद मंत्री ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में भ्रष्टाचार की गंभीरता से जांच कराने की बात कही।
इससे पहले फरवरी के पहले हफ्ते में 'द सूत्र' के खुलासे के अगले ही दिन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर यही मुद्दा उठाकर सरकार से जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। 'द सूत्र' से बातचीत में सिंघार ने कहा था कि कांग्रेस ये मामला विधानसभा के बजट सत्र में उठाएगी।
विधायक घनघोरिया ने उठाए सवाल...
घनघोरिया ने लोक शिक्षण संचालनालय में सालों से एक ही जगह जमे अफसरों का मुद्दा भी उछाला। उन्होंने कहा कि DPI में एक ही जगह पर बैठे अफसरों ने कॉकस बना लिया है। संचालक, उप-संचालक और संयुक्त संचालक सीधे प्रस्ताव मंगवा लेते हैं, बिना टेंडर काम होते हैं, ये मामला भले ही मैहर जिले से सामने आया हो, लेकिन समस्या पूरे प्रदेश के स्कूलों की है।
घनघोरिया ने लोक शिक्षण संचालनालय के बीते तीन साल के कामों की जांच कराने की मांग की, साथ ही ऐसी नीति बनाने का आग्रह किया जिससे सरकारी कामों में बंदरबांट न हो। आखिर में कांग्रेस विधायक ने कहा कि जब स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह गड़बड़ी कबूल करहे हैं तो अफसरों को हटाया क्यों नहीं जा रहा है।
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बीजेपी विधायक चतुर्वेदी ने पूछे सवाल
कांग्रेस और बीजेपी विधायक के सवाल के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री ने मैहर जिले के स्कूलों में गड़बड़ी की बात मानी और बताया कि मामले में अब तक कुल 17 आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। जिन ठेकेदारों ने फर्जी बिल लगाए, उन पर भी कार्रवाई होगी। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों के सरकारी स्कूलों में भ्रष्टाचार की जांच कराई जाएगी।
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