देश के पहले IPS बैच का आखिरी गवाह, हरिबल्लभ जोशी की कहानी अब तक अनकही

Sandeep Kumar | Mar 06, 2026, 16:47 IST
Share
hariballabh joshi
hariballabh joshi

हरिबल्लभ जोशी, देश के पहले आईपीएस बैच के अधिकारी हैं। वे मध्य प्रदेश के पूर्व डीजीपी रहे। उन्होंने चंबल के कुख्यात डकैतों को खत्म करने के लिए संघर्ष किया।

News in Short

  • हरिबल्लभ जोशी भारत के पहले आईपीएस बैच 1948 के आखिरी जीवित अधिकारी हैं।
  • 100 साल की उम्र में भी उनकी याददाश्त और बहादुरी की कहानियां जिंदा हैं।
  • जोशी ने जगमोहन गैंग के खिलाफ ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • जोशी ने मध्य प्रदेश के बीहड़ों में डकैतों के खिलाफ सफल अभियान चलाए।
  • जोशी को पुलिस सेवा में उनके योगदान के लिए कई मेडल से सम्मानित किया गया।

News in Detail

डाकू छोटा नत्थू ने जब अपनी एसएलआर उठाई, कांस्टेबल आत्माराम ने LMG से गोली चलाई। चंबल के बीहड़ों में हुई इस गोलीबारी को याद कर रहे हैं 100 साल के हरिबल्लभ मोहनलाल जोशी। मध्य प्रदेश के पूर्व पुलिस प्रमुख (DGP) जोशी नाम से नहीं हिचकिचाते। वह 1969, हथियार और इलाकों के बारे में खुलकर बात करते हैं। भिंड-मुरैना की तालमेल कमी और मुखबिरों की भूमिका पर भी चर्चा करते हैं। जब वह जगमोहन तोमर के साथ मारे गए 17 लोगों की बात करते हैं, उनकी आंखों में चमक आ जाती है।

Iran-Israel War: भारत में तेल की कीमतों पर नहीं पड़ेगा असर, रूस से बढाएगा खरीदी

आजाद भारत के पहले आईपीएस बैच अधिकारी

5 मार्च को हरिबल्लभ मोहनलाल जोशी 100 साल के हो गए। वे भारत के पहले इंडियन पुलिस सर्विस बैच 1948 के आखिरी जीवित ऑफिसर माने जाते हैं। यह बैच 39 अधिकारियों का था, जिन्होंने ब्रिटिश पुलिस की जगह ली थी। आजाद भारत के पहले आईपीएस बैच में शपथ लेने के बाद आठ दशक हो चुके हैं। जोशी आज भी अपने पैरों पर खड़े हैं। उनकी याददाश्त तेज और सटीक है। वे अपने घर पर बिना मदद के चलते हैं और खाना खाते हैं।

गोलमटोल बच्चा स्वस्थ नहीं, मोटापे का है शिकार, जानें क्या कहती है वर्ल्ड ओबेसिटी रिपोर्ट

ग्वालियर में DIG के तौर पर जॉइन किया

उनके गले में एक छोटी सी सीटी लटकी रहती है। इसका इस्तेमाल कभी-कभी घर में किसी को बुलाने के लिए किया जाता है। उनकी आवाज में एक अधिकार है। वह आदमी जिसने घाटियों के पार बटालियनों की कमान संभाली थी। हरिबल्लभ जोशी ने मीडिया को बताया, मैंने 13 मई, 1969 को ग्वालियर में DIG के तौर पर जॉइन किया। मेरे पहले वाले ने जगमोहन गैंग के खिलाफ कुछ ऑपरेशन फेल कर दिए थे। मुझे इसकी वजह की चिंता थी।

जोशी ने बताया, मैं एक इन्फॉर्मर से मिला। वह जगमोहन को खत्म करवाना चाहता था। जगमोहन ने उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ की थी। मैंने इन्फॉर्मर से पूछा कि ऑपरेशन क्यों फेल हुए। जवाब में एक कमी सामने आई। डकैत भिंड और मुरैना के SPs के बीच तालमेल की कमी का फायदा उठा रहे थे। जब भिंड में ऑपरेशन तेज होते, वे मुरैना में घुस जाते। जब मुरैना में एक्शन होता, वे वापस भिंड चले जाते। मैंने दोनों SPs को भरोसे में लिया और एक्शन को कोऑर्डिनेट करने को कहा। नतीजा, जगमोहन समेत 17 डकैतों का खात्मा हो गया।

दहेज में कार नहीं मिली तो पत्नी पर फेंका एसिड, बच्ची झुलसी

जोशी ने एंटी-डकैती कैंपेन चलाए

ग्वालियर रेंज के सात जिले डाकुओं से प्रभावित थे। डीआईजी रहते हुए जोशी ने एंटी-डकैती कैंपेन चलाए। उन्होंने सेक्शन लेवल पर LMGs को मंजूरी दी। स्पेशल आर्म्ड फोर्स यूनिट्स को मजबूत किया। सहरिया आदिवासियों को बीहड़ों की जानकारी के लिए भर्ती किया। गांव की डिफेंस कमेटियों को भी मजबूत किया।

वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व DGP हरिबल्लभ मोहनलाल जोशी ने कहा जब डकैत छोटा नत्थू ने अपनी SLR उठाई, कांस्टेबल आत्माराम ने LMG से फायर किया। यह 1969 का साल था, बीहड़ का इलाका था और पुलिस का तालमेल आज भी मेरी आंखों के सामने है।

मध्यप्रदेश में कुपोषण की तस्वीर : 33% बच्चे कम वजन, 8 साल से नहीं बढ़ी आंगनवाड़ी की पोषण राशि

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की

जोशी ने छोटा नत्थू के खिलाफ ऑपरेशन लीड किया। उन्हें बहादुरी के लिए प्रेसिडेंट पुलिस और फायर सर्विसेज मेडल मिले। उन्हें मेरिटोरियस सर्विस के लिए पुलिस मेडल भी मिला। 5 मार्च, 1926 को जोशी राजस्थान के किशनगढ़ रियासत के रलावता गांव में जन्मे। उन्होंने अकोला से BA किया और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। 1948 में नागपुर के मॉरिस कॉलेज से इंग्लिश में MA किया। उन्होंने स्टूडेंट दिनों में लोकमत और कृषक मंथली मैगजीन में काम किया। IPS में शामिल होने से पहले वे लेक्चरर भी रहे।

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • भारत
  • ग्वालियर
  • आईपीएस
  • इलाहाबाद यूनिवर्सिटी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज