सरकारी जमीन मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट सख्त, विधि-राजस्व सचिवों को किया तलब
Jitendra Shrivastava | Aug 08, 2025, 20:24 IST
Photograph: (thesootr)
ग्वालियर हाईकोर्ट ने सरकारी जमीनों के खुर्दबुर्द मामले में विधि और राजस्व विभाग के प्रमुख सचिवों को 11 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। कोर्ट ने पूछा कि सरकारी जमीनों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
मध्यप्रदेश कीग्वालियर हाईकोर्ट ने सरकारी जमीनों की सुरक्षा से जुड़े एक मामले में विधि और राजस्व विभाग के प्रमुख सचिवों को तलब किया है। याचिकाकर्ता दीपक कुमार ने मुरार क्षेत्र की सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप लगाया है, जिसके बाद कोर्ट ने इन अधिकारियों को 11 अगस्त को न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब देने का आदेश दिया है।
इस मामले में उच्च न्यायालय ने पहले भी सवाल उठाए थे कि सरकार सरकारी जमीनों की सुरक्षा में पूरी तरह से विफल रही है। इस मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की गई है।
ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने सरकारी जमीनों को खुर्दबुर्द किए जाने के मामले में विधि और राजस्व विभाग के प्रमुख सचिवों को तलब किया है। मुरार की सरकारी जमीन मामला उस वक्त चर्चा में आया जब दीपक कुमार नामक याचिकाकर्ता ने मुरार क्षेत्र की सरकारी जमीन में हुए कथित हेराफेरी का मामला उठाया।
याचिकाकर्ता का कहना है कि ग्राम मुरार के सर्वे क्रमांक 703, 705, 706, 707, 708 की कुल 4 बीघा 1 बिस्वा सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी कर कुछ व्यक्तियों ने अपने नाम नामांतरण करवा लिए हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
मौसम पूर्वानुमान (9 अगस्त) : देश के कई हिस्सों में मानसून की बेरूखी, दक्षिण में भारी बारिश की आशंका
ग्वालियर हाईकोर्ट ने पहले 6 अगस्त को वर्चुअल सुनवाई की उम्मीद जताई थी, लेकिन विधानसभा सत्र के कारण दोनों सचिवों की उपस्थिती नहीं हो पाई। अब कोर्ट ने उन्हें 11 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर इस मामले में उठाए गए सवालों का जवाब देने का आदेश दिया है।
अदालत ने पूछा है कि सरकारी जमीनों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं। कोर्ट की इस सख्त कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि वह इस मामले को लेकर गंभीर है।
यह मामला दीपक कुमार द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने मुरार क्षेत्र की सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप लगाया है। याचिकाकर्ता ने सीबीआई से इस मामले की जांच की मांग की है। दीपक कुमार का कहना है कि सरकारी जमीनों का हेराफेरी कर निजी व्यक्तियों के नाम पर जमीनों का नामांतरण किया गया है, जिससे सरकारी संपत्ति का नुकसान हो रहा है।
ये खबर भी पढ़ें...
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी वाले बयान पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पलटवार
कोर्ट की टिप्पणी और
ग्वालियर हाईकोर्ट ने 9 अप्रैल 2025 को इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि सरकारी जमीनों की सुरक्षा में सरकार का प्रदर्शन चिंताजनक है।
अदालत ने इस मुद्दे पर राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव से पूछा था कि उन्होंने जमीनों की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए हैं। प्रमुख सचिव ने शपथ पत्र पेश किया, लेकिन कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने श्योपुर कलेक्टर के 7 फरवरी 2024 के पत्र को लेकर चिंता व्यक्त की थी, जिसमें आदिवासी जमीनों के फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया था।
ये खबर भी पढ़ें...
राहुल गांधी का आरोप: चुनाव आयोग ने बंद की MP, राजस्थान और बिहार की साइट, जानें सच्चाई
मुरार क्षेत्र की सरकारी जमीन के बारे में याचिकाकर्ता दीपक कुमार का आरोप है कि कई व्यक्तियों ने सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अपनी जमीन के रूप में नामांतरण करा लिया है। इन जमीनों में कुल 4 बीघा 1 बिस्वा जमीन शामिल है, जो मुरार क्षेत्र के सर्वे क्रमांक 703, 705, 706, 707, और 708 के तहत आती है। याचिकाकर्ता ने इस मामले को लेकर सीबीआई से जांच की मांग की है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सरकारी संपत्तियों के साथ कोई धोखाधड़ी न हो रही हो।
ये खबर भी पढ़ें...
सैफ अली खान को पैतृक संपत्ति विवाद में मिली राहत, हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल यह उठता है कि सरकारी जमीनों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं। ग्वालियर हाईकोर्ट ने इस पर कई बार अपनी चिंता व्यक्त की है।
अब, प्रमुख सचिवों से इस बात का जवाब मांगा गया है कि सरकारी संपत्तियों को बचाने के लिए क्या रणनीतियां तैयार की गई हैं। कोर्ट की सख्ती से यह स्पष्ट है कि सरकार को इस मुद्दे पर तुरंत और गंभीर कदम उठाने होंगे।
thesootr links
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
इस मामले में उच्च न्यायालय ने पहले भी सवाल उठाए थे कि सरकार सरकारी जमीनों की सुरक्षा में पूरी तरह से विफल रही है। इस मामले में सीबीआई जांच की भी मांग की गई है।
सरकारी जमीन मामले में अहम सुनवाई
याचिकाकर्ता का कहना है कि ग्राम मुरार के सर्वे क्रमांक 703, 705, 706, 707, 708 की कुल 4 बीघा 1 बिस्वा सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी कर कुछ व्यक्तियों ने अपने नाम नामांतरण करवा लिए हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
मौसम पूर्वानुमान (9 अगस्त) : देश के कई हिस्सों में मानसून की बेरूखी, दक्षिण में भारी बारिश की आशंका
मुख्य सचिवों से तलब किया गया जवाब
अदालत ने पूछा है कि सरकारी जमीनों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए हैं। कोर्ट की इस सख्त कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि वह इस मामले को लेकर गंभीर है।
जनहित याचिका और सीबीआई जांच की मांग
ये खबर भी पढ़ें...
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वोट चोरी वाले बयान पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पलटवार
कोर्ट की टिप्पणी और प्रमुख सचिव का शपथ पत्र
अदालत ने इस मुद्दे पर राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव से पूछा था कि उन्होंने जमीनों की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए हैं। प्रमुख सचिव ने शपथ पत्र पेश किया, लेकिन कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने श्योपुर कलेक्टर के 7 फरवरी 2024 के पत्र को लेकर चिंता व्यक्त की थी, जिसमें आदिवासी जमीनों के फर्जीवाड़े का खुलासा किया गया था।
ये खबर भी पढ़ें...
राहुल गांधी का आरोप: चुनाव आयोग ने बंद की MP, राजस्थान और बिहार की साइट, जानें सच्चाई
मुरार की सरकारी जमीन का मामला
ये खबर भी पढ़ें...
सैफ अली खान को पैतृक संपत्ति विवाद में मिली राहत, हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
जमीनों की सुरक्षा को लेकर सरकार के कदम
अब, प्रमुख सचिवों से इस बात का जवाब मांगा गया है कि सरकारी संपत्तियों को बचाने के लिए क्या रणनीतियां तैयार की गई हैं। कोर्ट की सख्ती से यह स्पष्ट है कि सरकार को इस मुद्दे पर तुरंत और गंभीर कदम उठाने होंगे।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA