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News In Short
ग्वालियर चंबल में गिरोह ने PMJJBY योजना में जीवित लोगों को मरा बताया।
नकली मौत के कागज बनाकर 2-2 लाख रुपए की बीमा राशि निकाली।
दीपमाला मिश्रा, जिगनेश प्रजापति जैसे लोग मुख्य आरोपी बने।
ईओडब्ल्यू ने श्योपुर, मुरैना, भिंड में कई केस दर्ज किए।
2020 से 2024 तक करोड़ों का नुकसान शासन को हुआ।
News In Detail
ग्वालियर चंबल की सड़कों पर एक बड़ा खेल चल रहा था। लोग जीवित थे लेकिन कागजों में मरे हुए थे। गिरोह ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना को निशाना बनाया और करोड़ों रुपए की चपत लगाई थी। यह सब कैसे हुआ, चलिए विस्तार से जानते हैं।
PMJJBY योजना सरल शब्दों में जानें
यह योजना गरीबों के लिए बनाई गई है। सालाना सिर्फ 436 रुपए देकर 2 लाख रुपए का बीमा मिलता है। 18 से 50 साल के लोग इस योजना में शामिल हो सकते हैं। मौत पर नामी को पैसे मिलते हैं। बैंक या ऑनलाइन आवेदन होता है।
वहीं, ग्वालियर चंबल में इसका गलत इस्तेमाल हुआ है। जीवित लोगों को मरा बताया गया और नकली कागज बनाए गए। नगर निगम के कर्मचारियों ने मदद की, जबकि बैंक वालों ने आंखें बंद रखीं।
श्योपुर में कैसे फंसा घोटाला जाल
श्योपुर में स्टार यूनियन दाईची लाइफ ने 50 क्लेम दिए थे। 6 की जांच हुई, जिसमें 1 सही निकला, जबकि बाकी 5 फर्जी थे। हर क्लेम में 2 लाख रुपए की राशि थी। इससे कुल 10 लाख का नुकसान हुआ था। दीपमाला मिश्रा ने इस गिरोह का नेतृत्व किया, और जिगनेश प्रजापति ने साथ दिया था।
नवीन मित्तल और पूजा कुमारी भी इस मामले में फंसे हैं। नगर निगम ग्वालियर के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले कर्मचारियों पर शक है। श्योपुर ब्रांच के यूनियन बैंक के कर्मचारियों ने पैसे ट्रांसफर किए थे। ईओडब्ल्यू ने धारा 318, 319, 336, 338, 340, 61(2) के तहत केस दर्ज किए है।
8 बीमा कंपनियों को चूना लगाया
न्यू इंडिया, स्टार यूनियन दाईची, भारतीय एक्सा लाइफ, एक्सिस मैक्स लाइफ, यूनाइटेड इंडिया, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, एसबीआई लाइफ, और एलआईसी ने भी क्लेम दिए। यह घोटाला जनवरी 2020 से दिसंबर 2024 तक हुआ था। सभी पर जांच चल रही है।
गिरोह ने ऐसे रची क्लेम की साजिश
गिरोह ने जीवित लोगों के नाम से क्लेम लिया और मौत के नकली कागज बनाए थे। इससे सरकार को भारी नुकसान हुआ है। ईओडब्ल्यू को शिकायत मिली और तुरंत जांच शुरू कर दी गई है।
पहले दर्ज केसों की पूरी कहानी
एक्सिस मैक्स और एसबीआई लाइफ के 15 केस चेक किए गए थे। ग्वालियर के 5 केस में अपराध नंबर 117/25 दर्ज हुए थे। दीपमाला मिश्रा बेलदारपुरा से, जिगनेश प्रजापति लश्कर से, और विवके दुबे उत्कर्ष बैंक से जुड़े थे।
मुरैना के 5 केस में अपराध नंबर 118/25, और भिंड के 5 केस में 119/25 दर्ज हुए थे। जांच जारी है। यह घोटाला गरीबों की सुरक्षा को ठगने जैसा है। ईओडब्ल्यू लगातार नई जानकारी जुटा रही है, और आरोपी सामने आ सकते हैं।
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