स्वास्थ्य विभाग की तबादला नीति: कर्मचारियों को SDM सर्टिफिकेट जरूरी

Amresh Kushwaha | Jun 08, 2026, 08:31 IST
Share
स्वास्थ्य विभाग की तबादला नीति में कर्मचारी के लिए नियम
स्वास्थ्य विभाग की तबादला नीति में कर्मचारी के लिए नियम

मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने नई तबादला नीति जारी की है। इसमें विधवा और परित्यक्ता महिला कर्मचारियों को एसडीएम या कोर्ट से प्रमाण पत्र लाना अनिवार्य किया गया है। अन्य विभागों में यह शर्त नहीं है। आवेदन 8 से 12 जून तक ऑनलाइन होंगे।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने नई तबादला नीति जारी की है।
  • विधवा और परित्यक्ता कर्मचारियों को एसडीएम या कोर्ट सर्टिफिकेट देना होगा।
  • यह शर्त सिर्फ स्वास्थ्य विभाग ने लगाई है, अन्य विभागों में नहीं है।
  • तबादले के आवेदन 8 से 12 जून तक ऑनलाइन लिए जाएंगे।
  • ऑनलाइन के अलावा दूसरे तरीके से कोशिश की तो कार्रवाई होगी।

विधवाओं को पहले देना होगा सबूत

मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस बार तबादला नीति में एक ऐसा प्रावधान जोड़ा है जो काफी चर्चा में है। नई नीति के मुताबिक, जो महिला कर्मचारी विधवा या परित्यक्ता* हैं, उन्हें तबादले के लिए आवेदन करते समय केवल शपथ पत्र देना काफी नहीं होगा। उन्हें एसडीएम (Sub-Divisional Magistrate) या किसी न्यायालय की ओर से जारी लिखित प्रमाण पत्र भी देना होगा।

यह प्रमाण पत्र तभी मिलेगा जब कर्मचारी पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, तलाक प्रमाण पत्र, या कोर्ट का आदेश जैसे दस्तावेज पेश करे। यानी पहले सरकारी दफ्तर या अदालत का चक्कर लगाओ, तब कहीं जाकर तबादले का आवेदन मान्य होगा।

*परित्यक्ता का अर्थ उस महिला से है जिसे उसके पति ने बिना किसी कानूनी तलाक के छोड़ या त्याग दिया हो।

सिर्फ हेल्थ विभाग में क्यों ये शर्त?

यह सवाल अब कर्मचारियों के बीच उठ रहा है। मध्यप्रदेश में इस समय तबादलों पर से प्रतिबंध हटाया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने हाल ही में अपनी तबादला नीति जारी की थी। उसमें विधवा या परित्यक्ता महिला कर्मचारियों के लिए कोई ऐसी अलग शर्त नहीं थी। वहां कर्मचारी को बस ऑनलाइन आवेदन में उस विकल्प पर टिक करना था। यही हाल दूसरे विभागों का भी है।

ऐसे में सवाल यह है कि अकेले स्वास्थ्य विभाग ने यह अतिरिक्त बोझ क्यों डाला? विभाग की तरफ से इस पर अभी कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। कुछ कर्मचारी इसे पारदर्शिता के लिए जरूरी बता रहे हैं। वहीं कई लोग इसे संवेदनशील परिस्थितियों में अनावश्यक औपचारिकता मान रहे हैं।

whatsapp-image-2026-06-07-at-201558_1780844085-583381
whatsapp-image-2026-06-07-at-201558_1780844085-583381


बच्चों की देखभाल वाले कर्मचारियों पर भी नियम

नई नीति में सिर्फ विधवा या परित्यक्ता महिलाएं ही नहीं, बल्कि वे महिला और पुरुष कर्मचारी भी इस दायरे में आते हैं जो 18 साल से कम उम्र के बच्चे की अकेले देखभाल कर रहे हों। ऐसे कर्मचारियों को भी तबादले के आवेदन के साथ शपथ पत्र या एसडीएम अथवा कोर्ट का प्रमाण पत्र लगाना होगा।

इसी तरह यदि कोई कर्मचारी खुद या उसके परिवार का सदस्य किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है जैसे कैंसर, किडनी फेल्योर, हृदय रोग या मानसिक रोग, तो मेडिकल बोर्ड, सिविल सर्जन या सीएमएचओ का प्रमाण पत्र देना जरूरी होगा।

ऑनलाइन ही होंगे सभी आवेदन

विभाग ने साफ कर दिया है कि राज्य स्तर के सभी तबादले आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से होंगे। इसके लिए ई-एचआरएमएस (e-HRMS: Electronic Human Resource Management System) पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत लॉगिन आईडी, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या आईएफएमआईएस (IFMIS) आईडी से https://hrms.mp.gov.in पर लॉग इन करके आवेदन कर सकेंगे।

आवेदन करने की समय सीमा 8 जून से 12 जून तक रखी गई है। एक कर्मचारी अधिकतम पांच जगहों के लिए तबादला विकल्प चुन सकता है। 13 जून तक सभी आवेदनों की जांच पड़ताल पूरी की जाएगी।

whatsapp-image-2026-06-07-at-201557-730x700_1780844125-497669
whatsapp-image-2026-06-07-at-201557-730x700_1780844125-497669


प्रोबेशनर और नए कर्मचारियों को राहत नहीं

जो कर्मचारी अभी प्रोबेशन (परिवीक्षा अवधि) पर हैं या जिन्होंने तीन साल की सेवा पूरी नहीं की है, वे स्वैच्छिक तबादले के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। यह नियम पहले भी लागू था और अब भी बरकरार है।

सभी राज्य स्तरीय तबादले आयुक्त लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी होंगे। जिला स्तर पर होने वाले तबादलों की प्रक्रिया ऑफलाइन रहेगी।

हेल्प डेस्क और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान

तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कत आने पर कर्मचारी मदद ले सकेंगे। विभाग ने हर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को हेल्प डेस्क खोलने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि कोई कर्मचारी ऑनलाइन प्रक्रिया के अलावा किसी और तरीके से तबादले की कोशिश करता पाया गया तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है। यानी सिफारिश या अन्य माध्यम से तबादला करवाने की कोशिश अब भारी पड़ सकती है।

नई तबादला नीति ठीक नहीं

लक्ष्मीनारायण शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की नई तबादला नीति ठीक नहीं है। अब सब कुछ ऑनलाइन होना है और कर्मचारियों के पास ऐसे जरूरी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए समय ही बहुत कम बचा है। लोग कहां जाएंगे, ये तय करना मुश्किल हो गया है।

FAQ

  1. मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग की नई तबादला नीति में विधवा कर्मचारियों के लिए क्या नियम है?
    मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की नई तबादला नीति के अनुसार, विधवा और परित्यक्ता महिला कर्मचारियों को तबादले का आवेदन करते समय केवल शपथ पत्र देना पर्याप्त नहीं है। उन्हें एसडीएम या किसी न्यायालय द्वारा जारी लिखित प्रमाण पत्र भी संलग्न करना अनिवार्य है।
  2. MP स्वास्थ्य विभाग तबादला 2026 के लिए आवेदन कैसे और कब करें?
    मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग के राज्य स्तरीय तबादलों के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से लिए जाएंगे। कर्मचारी ई-एचआरएमएस पोर्टल यानी https://hrms.mp.gov.in पर अपनी लॉगिन आईडी या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉग इन करके आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की समय सीमा 8 जून से 12 जून तक है।
ये खबरें भी पढ़िए...

शिक्षकों के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस जरूरी, वरना नहीं मिलेगा तबादला

MP News: सिविल सेवा के नियम 2026 जारी: 2 से ज्यादा बच्चे तो सरकारी नौकरी नहीं

MP Govt New Transfer Policy: काम नहीं तो इनाम नहीं, एमपी की नई तबादला नीति में बड़ा बदलाव

मध्यप्रदेश तबादला नीति 2026 लागू, मंत्रियों और कलेक्टरों के हाथ में कमान! जानें ट्रांसफर के नए नियम

Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग
  • Transfer Policy
  • मध्यप्रदेश तबादला नीति
  • तबादला नीति
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच