“गरीबों को कमाने खाने दो…” मैकेनिक की दुकानों पर लगी PIL पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

Neel Tiwari | Mar 16, 2026, 16:14 IST
Share
high-court-news-jabalpur-mechanic-pil-dismissed
Photograph: (the sootr)

जबलपुर में सड़क किनारे मैकेनिक दुकानों पर लगी PIL पर हाईकोर्ट सख्त हुआ। कोर्ट ने कहा कि छोटे मैकेनिक लोगों की मदद करते हैं और उनका रोजगार नहीं छीना जाना चाहिए।

News in short

  • जबलपुर में सड़क किनारे मैकेनिक दुकानों को हटाने की मांग वाली जनहित याचिका दाखिल हुई।
  • रसल चौक और इनकम टैक्स चौराहे के पास अतिक्रमण का आरोप लगाया गया था।
  • हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा “गरीबों को कमाने-खाने दो।”
  • कोर्ट ने कहा कि पंचर गाड़ी वाला व्यक्ति 8-9 किमी दूर मैकेनिक जोन नहीं जाएगा।
  • कोर्ट के रुख के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।

Intro

जबलपुर में सड़क किनारे लगी छोटी-छोटी मैकेनिक दुकानों को हटाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख दिखाया। कोर्ट ने कहा कि सड़क किनारे पंचर या खराब गाड़ियों को ठीक करने वाले मैकेनिक दरअसल लोगों की मदद ही कर रहे हैं। इस तरह की याचिका से छोटे-छोटे मैकेनिक्स के रोजगार के साधन छीनने की कोशिश को भी कोर्ट ने गलत माना। डिवीजन बेंच की तीखी टिप्पणियों के बाद याचिकाकर्ता को आखिरकार अपनी याचिका वापस लेनी पड़ी।

News in Detail

जबलपुर में सड़क किनारे लगी छोटी-छोटी मैकेनिक दुकानों को हटाने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर की गई थी। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि शहर के कई प्रमुख चौराहों के पास मैकेनिक सड़क के किनारे काम करते हैं, जिससे अतिक्रमण होता है और यातायात प्रभावित होता है। मामले की सुनवाई जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच के सामने हुई।

रसल चौक और इनकम टैक्स चौराहे का दिया गया हवाला

याचिकाकर्ता संगठन ‘नागरिक उपभोक्ता मंच’ की ओर से अदालत को बताया गया कि जबलपुर के रसल चौक और इनकम टैक्स चौराहे के आसपास कई मैकेनिक सड़क के किनारे दुकान लगाकर काम करते हैं। याचिका में यह भी कहा गया कि पहले हाईकोर्ट के आदेश के बाद शहर में मैकेनिक जोन बनाया गया था और अतिक्रमण रोकने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद सड़क किनारे दुकानें लग रही हैं।

तस्वीरों पर भी कोर्ट ने उठाए सवाल

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कुछ तस्वीरें भी अदालत के सामने पेश की गईं। हालांकि कोर्ट ने इन तस्वीरों को देखकर ही सवाल उठा दिए। अदालत ने कहा कि तस्वीरों में कोई मैकेनिक सड़क के बीच काम करता हुआ नजर नहीं आ रहा, बल्कि आसपास बिना पार्किंग की जगह पर कारें खड़ी दिखाई दे रही हैं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि जहां मैकेनिक बैठे हैं, वहां उन्होंने कम से कम अवैध पार्किंग को तो रोके रखा है।

कोर्ट ने एक आम नागरिक की तरह समझा मामला

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई एक एक आम नागरिक की धरातल की समस्याओं को देखते हुए की। कोर्ट ने कहा कि अमूमन हम गाड़ियों के पार्ट्स जिस दुकान से खरीदते हैं उसके पास ही बैठे मैकेनिक से उन पार्ट्स को लगवा लेते हैं। और दुकानों के बाजू में बैठे हुए यह मैकेनिक अतिक्रमणकारी नहीं है।

मौखिक टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि अगर सड़क पर किसी की गाड़ी पंचर हो जाए या अचानक खराब हो जाए तो वह व्यक्ति 8-9 किलोमीटर दूर बने मैकेनिक जोन तक नहीं जाएगा। ऐसे में सड़क किनारे मौजूद मैकेनिक तुरंत मदद करके लोगों की समस्या हल कर देते हैं। अदालत ने कहा कि इस तरह से ये लोग जनता की मदद ही कर रहे हैं।

“गरीबों को परेशान मत करो”, कोर्ट की सख्त टिप्पणी

डिवीजन बेंच ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कि नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच द्वारा पहले भी कई जनहित याचिकाएं लगाई गई हैं, जिनमें एयर कनेक्टिविटी जैसे कई मुद्दों पर कोर्ट ने सुनवाई भी की है। लेकिन यह मामला जनहित का नहीं लगता। अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील से साफ कहा कि इस तरह से गरीब लोगों को परेशान नहीं करना चाहिए और उन्हें कमाने-खाने देना चाहिए।

कोर्ट का रुख देखकर याचिका वापस

सुनवाई के दौरान कोर्ट के कड़े रुख और टिप्पणियों को देखते हुए याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने अपनी जनहित याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। इसके बाद अदालत ने याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी और मामले का निपटारा हो गया।

यह खबरें भी पढ़ें...

धार भोजशाला देखने जाएगी हाईकोर्ट की बेंच, इसके बाद दो अप्रैल से करेगी फाइनल सुनवाई

शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना को हाईकोर्ट से झटका, DEO को सस्पेंड करने से पहले ही प्रभार बदलने पर उठे सवाल

बिना मान्यता वाले स्कूलों के एडमिशन विज्ञापन पर हाईकोर्ट सख्त, शिक्षा सचिव से मांगा शपथ पत्र

डेली कॉलेज भरेगा 1.5 करोड़ डायवर्सन टैक्स, पिंटू छाबड़ा को वसूली नोटिस गलत, हाईकोर्ट से स्टे

Tags:
  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
  • जबलपुर
  • अतिक्रमण
  • जनहित याचिका
  • नागरिक उपभोक्ता मंच
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज