आई लव मोहम्मद और आई लव महाकाल के बाद अब आई लव भील प्रदेश के लगे बैनर

Jitendra Shrivastava | Nov 18, 2025, 18:54 IST
Share
i love bhil pradesh
Photograph: (THESOOTR)

रतलाम में आई लव मोहम्मद और आई लव महाकाल के बाद अब आई लव भील प्रदेश बैनर चर्चा का विषय बन गया है। आदिवासी संगठनों ने इस बैनर के माध्यम से अपनी संस्कृति, पहचान और अधिकारों की सुरक्षा के लिए भील प्रदेश की मांग को मजबूत किया है।

आमीन हुसैन@RATLAM.

मध्यप्रदेश के रतलाम में आई लव भील प्रदेश का बैनर दिखाई दिया। आई लव मोहम्मद और आई लव महाकाल के बाद अब आई लव भील प्रदेश के बैनर ने नई चर्चा की शुरुआत कर दी है। आई लव मोहम्मद और आई लव महाकाल के बाद अब अचानक आई लव भील प्रदेश का पोस्टर शहर में चर्चा का विषय बनता जा रहा है।

आदिवासी वीरों को श्रद्धांजलि

मध्य प्रदेश के रतलाम में बीती रात इतिहास और भावनाओं का एक अनोखा संगम देखने को मिला। आदिवासी संगठनों ने बाजना बस स्टैंड पर एक कार्यक्रम आयोजित किया। मानगढ़ पहाड़ी पर अंग्रेजों के अत्याचार से शहीद हुए पंद्रह सौ से अधिक आदिवासी वीरों को श्रद्धांजलि दी गई।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मौन रखकर उन बलिदानियों को नमन किया और दीप जलाकर उनके साहस को याद किया। यह नजारा सिर्फ एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता और विरासत का प्रतीक भी बना।

ये खबर भी पढ़ें...

भील प्रदेश : मध्य प्रदेश में बढ़ी हलचल, दो धड़ों में बंटे भील नेता, एमपी समेत कई राज्यों के आदिवासी कर रहे मांग

आदिवासी प्रदेश के लिए अभियान

कार्यक्रम के दौरान एक बैनर ने सबका ध्यान खींचा, इस पर लिखा था “आई लव भील प्रदेश”। हाल ही में त्योहारों के दौरान आए “आई लव मोहम्मद” और “आई लव महाकाल” जैसे बैनर बहुत चर्चा में थे। अब यह नया बैनर उसी बहस को एक नई दिशा देता दिख रहा है। या यूं कहें कि यह अलग आदिवासी प्रदेश के अभियान में गति दे रहा है।

ये खबरें भी पढ़ें...

ममलेश्वर लोक परियोजना पर लगी रोक, भारी जनविरोध को देखते हुए लिया निर्णय

MP Weather Report: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड, राजगढ़ का पारा 5 डिग्री पर

संस्कृति और अधिकारों की सुरक्षा

इस बैनर के माध्यम से आदिवासी समाज स्पष्ट संदेश दे रहा है। आदिवासी अपनी अलग पहचान, अपनी संस्कृति और अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए अलग भील प्रदेश की मांग को मजबूती देना चाहते हैं। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, सभी की भावनाएं इस मांग के साथ जुड़ी दिखाई दीं।

ये खबर भी पढ़ें...

इंदौर में 12 साल पहले हुए 24 करोड़ के पैरामेडिकल छात्रवृत्ति घोटाले में लोकायुक्त के चालान से हड़कंप

इतिहास को जीवित रखने का प्रयास

मानगढ़ की शहादत को याद करते हुए यह आयोजन न केवल इतिहास को जीवित रखने का प्रयास है। बल्कि, वर्तमान में चल रही आदिवासी आवाजों को और बुलंद करने का एक माध्यम भी बन गया है। अब देखना है कि इस नए बैनर और उठती मांग पर आने वाले समय में कैसी प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।



Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • रतलाम
  • आदिवासी समाज
  • अलग भील प्रदेश की मांग
  • आई लव भील प्रदेश
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा