भोपाल के अरेरा कॉलोनी में अवैध कमर्शियल निर्माण पर PIL, सरकार से HC ने मांगा जवाब

The Sootr | Aug 04, 2025, 23:33 IST
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भोपाल की अरेरा कॉलोनी में अवैध व्यावसायिक निर्माण के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि आवासीय क्षेत्र में दुकानों, होटलों और कार्यालयों का निर्माण किया जा रहा है।

भोपाल की पॉश अरेरा कॉलोनी विवादों में घिरी गई है। हाईकोर्ट ने यहां बड़े पैमाने पर हो रहे 'अवैध' व्यावसायिक निर्माण पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि आवासीय क्षेत्र में दुकानें, होटल, रेस्तरां और कार्यालय बन गए हैं। यह नियमों का उल्लंघन है।

कमर्शियल निर्माण के खिलाफ याचिका

अरेरा कॉलोनी को 1968 में आवासीय उपयोग के लिए योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया गया था। उस समय यहां सिर्फ बंगलों के निर्माण की अनुमति थी। लेकिन, बीते कुछ सालों में इस इलाके का स्वरूप पूरी तरह से बदल गया है और यह एक व्यावसायिक हब बनता जा रहा है।

चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिविजनल बेंच इस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। इस याचिका में भोपाल के विकास के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता पर सवाल उठाए गए हैं, जिनकी वजह से अरेरा कॉलोनी में यह 'अवैध' निर्माण फल-फूल रहा है।

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इन विभागों को जारी हुआ नोटिस

कोर्ट ने इस मामले में मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव राजस्व और शहरी विकास को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा कमिश्नर, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, कैपिटल प्रोजेक्ट एडमिनिस्ट्रेशन, बीएमसी, कमिश्नर भोपाल, बीएमसीडी और एमडी एमपी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड को भी नोटिस भेजे गए हैं। सभी को चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करना है।

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आवासीय प्लाट का हुआ कमर्शियल इस्तेमाल

यह जनहित याचिका भोपाल के फ्रीलांस जर्नलिस्ट पुरेंदरू शुक्ला और पर्यावरणविद डॉ सुभाष पांडे ने दायर की है। याचिकाकर्ता के वकील शुबेन्दु शुक्ला ने कोर्ट को बताया कि दुकानों सहित अन्य कमर्शियल निर्माण एमपी टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं। आवासीय भूखंडों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत और निष्क्रियता के कारण अरेरा कॉलोनी में यह अवैध और अनियमित निर्माण हो रहा है। बड़े पैमाने पर हो रहे कमर्शियल कंस्ट्रक्शन से निवासियों के जीवन पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

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मास्टर प्लान की हुई अनदेखी

याचिका में कोर्ट को बताया गया कि यह 'अवैध निर्माण' मास्टर प्लान और क्षेत्र की मूल योजना के विपरीत है। मास्टर प्लान का उद्देश्य निवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना था। लेकिन यहां हो रही कमर्शियल गतिविधियों ने मास्टर प्लान को विफल कर दिया है।

3 पॉइंट्स में समझें पूरी स्टोरी

👉 भोपाल की अरेरा कॉलोनी में हो रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यहां आवासीय क्षेत्र में दुकानें, होटल, रेस्तरां और कार्यालय बनाए जा रहे हैं, जो कि मास्टर प्लान और नियमों का उल्लंघन हैं।

👉 अरेरा कॉलोनी को 1968 में आवासीय उपयोग के लिए विकसित किया गया था, जहां केवल बंगलों के निर्माण की अनुमति थी। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में यह इलाका व्यावसायिक हब बन चुका है। इससे कॉलोनी के स्वरूप में बदलाव आया है।

👉 याचिका में आरोप है कि भोपाल के विकास के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता और मिलीभगत से अरेरा कॉलोनी में अवैध निर्माण बढ़ रहे हैं। इससे स्थानीय निवासियों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

मास्टर प्लान में क्या था?

याचिका में बताया गया है कि 1968 में अरेरा कॉलोनी के ब्लॉक 1 से 6 को एक मास्टर प्लान के तहत विकसित किया गया था। इसमें केवल आवासीय विकास की अनुमति थी, यानी सिर्फ रहवासी घर बनाए जा सकते थे। भूखंडों को बंगलों के निर्माण के लिए आवंटित किया गया था। आवंटन के समय यह शर्त थी कि "बिना अनुमति के, भूखंड का उपयोग आवासीय घर बनाने के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा।"

हाईकोर्ट ने लगाई अवैध निर्माणों पर रोक

इस मामले में हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश भी दिया है। कोर्ट ने कहा, "इस बीच, सरकार, भोपाल नगर निगम और कंट्री एंड टाउन प्लानिंग कमिश्नर यह सुनिश्चित करेंगे कि स्वीकृत भवन योजना या क्षेत्र के मास्टर प्लान के अलावा कोई अनधिकृत अवैध निर्माण न हो।"

नियमों के विरुद्ध बने निर्माणों पर हो सकती है कार्यवाई

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हाईकोर्ट के आदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कोर्ट इस मामले में नए अवैध निर्माण को रोकने के लिए गंभीर है। संबंधित अधिकारियों को जवाब देने का निर्देश दिया गया है।

अब यह देखना होगा कि चार हफ्तों के भीतर सरकार और संबंधित विभाग इस मामले पर क्या जवाब दाखिल करते हैं। यह मामला भोपाल के शहरी विकास के नियमों के पालन पर सवाल खड़ा कर रहा है। अगली सुनवाई के बाद अवैध निर्माणों पर कार्यवाही संभव है।

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भोपाल के अरेरा कॉलोनी | MP News



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