अवैध कमाई पर सीडीए जबलपुर के सहायक लेखाधिकारी की मौत के बाद भी परिवार को 3 साल की जेल

Neel Tiwari | Aug 20, 2025, 23:54 IST
Share
illegal-income-cda-jabalpur
illegal-income-cda-jabalpur

जबलपुर की ईडी कोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोपों में लिप्त एक परिवार को ऐतिहासिक सजा सुनाई है। इस फैसले में, मृतक आरोपी सूर्यकांत गौर की पत्नी, बेटे और बहू को 3 साल की जेल और जुर्माना अदा करने का आदेश दिया गया।

जबलपुर की ED कोर्ट ने ऐसा फैसला सुनाया है जो भ्रष्टाचार के आरोपों में लिप्त अधिकारियों के पैरों तले से जमीन खिसका देगा। अमूमन भ्रष्टाचार के बड़े से बड़े आरोपों में घिरे अधिकारी रिटायरमेंट के बाद अपने आप को सुरक्षित मानने लगते हैं। लेकिन जबलपुर की ED कोर्ट ने आरोपी की मौत के बाद भी इस मामले में लिप्त उसके परिवार को 3 साल की जेल की सजा सुना दी है।

आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के चर्चित मामले में जबलपुर की ईडी कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट (CDA) जबलपुर में पदस्थ रहे सहायक लेखाधिकारी सूर्यकांत गौर की मौत के बाद भी उसके परिवार को दोषी करार दिया है।

इस फैसले के तहत उनकी पत्नी विनिता गौर, बेटे शिशिर गौर और बहू सुनीता गौर को तीन-तीन साल का कारावास और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया गया। यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया तो तीनों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

a196b69d-72c
a196b69d-72c


4713f112-44b
4713f112-44b


ये भी पढ़ें...इंदौर के राऊ–देवास बायपास मेंटेनेंस का खर्च 68 करोड़, फिर भी गढ्ढे, सुप्रीम कोर्ट इसी तरह के अन्य मामले में हुआ नाराज

ईडी कोर्ट का पहला बड़ा फैसला

जबलपुर की ईडी कोर्ट ने यह फैसला सुनाकर एक नया इतिहास रच दिया है, क्योंकि यह इस कोर्ट का पहला बड़ा निर्णय है। इस मामले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत गौर का मामले की सुनवाई के दौरान ही निधन हो चुका था, लेकिन उनकी पत्नी, बेटे और बहू के खिलाफ मुकदमा जारी रहा और आखिरकार कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया।

ये भी पढ़ें...असिस्टेंट जियो हाइड्रोलॉजिस्ट भर्ती विवाद: हाईकोर्ट ने खारिज की M.Tech डिग्री धारकों की याचिका

करोड़ों की अवैध संपत्ति का खेल

अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक विक्रम सिंह ने दलील दी कि सहायक लेखाधिकारी पद पर रहते हुए सूर्यकांत गौर ने 2011 तक के अपने कार्यकाल के दौरान पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने अपनी पत्नी, पुत्र और पुत्रवधु के नाम पर तकरीबन 90 लाख 85 हजार 901 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की। इसके अलावा गौर परिवार ने करीब 9 लाख रुपये ऐसे खर्च किए जिनका कोई संतोषजनक स्रोत नहीं बताया जा सका।

ये भी पढ़ें...कोर्ट में खुलेआम घूमते दिखे यूरो प्रतीक कंपनी के डायरेक्टर, धोखाधड़ी के आरोप में हैं फरार

कोर्ट ने माना अपराध सिद्ध

लंबी सुनवाई और गवाहियों के बाद कोर्ट ने माना कि गौर परिवार ने अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की है। नतीजतन, तीनों आरोपियों को जेल की सजा सुनाई गई। मुख्य आरोपी के निधन के बावजूद कोर्ट ने साफ कर दिया कि भ्रष्टाचार में शामिल अन्य दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

ये भी पढ़ें...स्कूल के अंदर चाकूबाजी, छात्र पर जानलेवा हमला, हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी नहीं रुक रही घटनाएं

जबलपुर में मिसाल बना फैसला

यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि जबलपुर की ईडी कोर्ट ने पहली बार कोई फैसला सुनाया है और वह भी आय से अधिक संपत्ति जैसे गंभीर अपराध में। इस मामले में यह भी साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार करने के मामलों में आरोपी की मौत भी हो जाए तो मामले में शामिल परिवार को इसका हर्जाना भुगतना पड़ता है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले के बाद प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों पर और कड़ा संदेश जाएगा।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢 🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • ED
  • MP
  • जबलपुर
  • भ्रष्टाचार
  • ईडी कोर्ट
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज