इंदौर लोहा व्यापारियों की संस्था इल्वा कॉलेज में झालानी को प्रिंसिपल बनाने पर विवाद

Sanjay Gupta | Jun 15, 2026, 13:00 IST
Share
ilva college principal appointment controversy
ilva college principal appointment controversy

माहेश्वरी कॉलेज से इस्तीफा देने वाले डॉ. राजीव झालानी को इल्वा कॉलेज का प्रिंसिपल बनाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। ट्रस्ट में नियुक्ति प्रक्रिया, इंटरव्यू मेरिट और पूर्व विवादों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जबकि पदाधिकारी किसी भी विवाद से इनकार कर रहे हैं।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • माहेश्वरी कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. राजीव झालानी को इल्वा कॉलेज का प्रिंसिपल बनाया जा रहा है।
  • नियुक्ति को लेकर इल्वा ट्रस्ट और व्यापारियों के बीच सवाल उठ रहे हैं।
  • आरोप है कि ट्रस्ट बोर्ड को पूरी जानकारी दिए बिना नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
  • इंटरव्यू में दो महिला उम्मीदवारों को अधिक योग्य माना गया था, जबकि झालानी तीसरे स्थान पर थे।
  • पदाधिकारियों का कहना है कि नियुक्ति पूरी सहमति और योग्यता के आधार पर की जा रही है।
इंदौर माहेश्वरी कॉलेज में एक साल तक विवाद और ड्रामे का दौर चला था। इसके बाद डॉ. राजीव झालानी ने प्रिंसिपल पद से इस्तीफा दे दिया था। इस मामले में वित्तीय मामलों को लेकर मैनेजमेंट ने उन्हें नोटिस जारी किया था।

वहीं अब झालानी इंदौर के लोहा व्यापारियों की संस्था इल्वा के कॉलेज में प्रिंसिपल बन रहे हैं। वहीं, इसके पहले वहां भी विवाद खड़ा हो गया।

माहेशवरी कॉलेज में यह हुआ था विवाद

इंदौर के माहेश्वरी कॉलेज में डॉ. पुरुषोत्तम पसारी व मैनेजमेंट के अन्य पदाधिकारियों के साथ तत्कालीन प्रिंसिपल राजीव झालानी का जमकर विवाद हुआ। इसके बाद नोटिस हुए और कई शिकायतें थाने तक पहुंचीं।

मामला वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उठा था। आखिर में झालानी ने इस्तीफा दे दिया। अब उन्हें इंदौर लोहा व्यापारियों की सबसे बड़ी संस्था इल्वा ट्रस्ट के तहत संचालित इल्वा कॉलेज में प्रिंसिपल बनाया जा रहा है। इसे लेकर विवाद हो गया है।

क्यों हो रहा है विवाद

विवाद की मुख्य वजह ट्रस्ट बोर्ड में किसी भी तरह की जानकारी सामने न आना बताया जा रहा है। इसके साथ ही चेयरमैन धर्मेंद्र खंडेलवाल द्वारा अपने स्तर पर नियुक्तियां करने को भी कारण माना जा रहा है।

इसे लेकर पहले कॉलेज के चेयरमैन कमल लालवानी ने मोर्चा खोला और आपत्ति ली। कारण था कि वर्तमान प्रिंसिपल रूपेश शुक्ला उनके करीबी हैं। वहीं झालानी, खंडेलवाल के काफी नजदीकी बताए जाते हैं।

खंडेलवाल ने अपने स्तर पर ही नियुक्ति करा दी। जब संस्था में विवाद उठा तो गुपचुप बैठक की गई और लालवानी को मनाया गया। इसकी खबर लगते ही व्यापारियों के एसोसिएशन में विरोधियों ने मैसेज चलाने और सवाल पूछने शुरू कर दिए।

उन्होंने पूछा कि आखिर माहेश्वरी कॉलेज में जिन पर दाग लगे, उन्हें संस्था में क्यों लाया जा रहा है। हालांकि इस पूरे मामले पर एसोसिएशन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

इंटरव्यू में दो महिला उम्मीदवार आगे थीं

वहीं किसी को प्रिंसिपल बनाने के लिए यूनिवर्सिटी स्तर पर कमेटी इंटरव्यू लेती है। इसमें चार उम्मीदवार पहुंचे, जिनमें दो महिलाएं भी थीं।

इस कमेटी ने पहली दो प्राथमिकताओं पर दोनों महिला उम्मीदवारों को अधिक योग्य माना। वहीं झालानी को तीसरे नंबर पर रखा।

वहीं, इसके बाद भी ट्रस्ट ने यह कहते हुए झालानी को चुना कि वह अधिक योग्य हैं। साथ ही, महिला प्रिंसिपल इल्वा कॉलेज को संभाल नहीं प्रिंसिपल पाएंगी। जबकि पहले इल्वा में दो बार महिला प्रिंसिपल रह चुकी हैं।

क्या बोल रहे पदाधिकारी

इस मामले में चेयरमैन खंडेलवाल का कहना है कि कोई विवाद वाली बात नहीं है। झालानीजी कॉलेज को संभालने के लिए योग्य व्यक्ति हैं। कॉलेज चेयरमैन लालवानी को भी कोई आपत्ति नहीं है। सभी को बताकर ही नियुक्ति की जा रही है।

वहीं लालवानी ने भी खंडेलवाल की बात पर हां मिलाते हुए कहा कि हम सभी एक हैं और नियुक्ति को लेकर कोई विवाद नहीं है। हम सभी कॉलेज को बेहतर बनाने के लिए योग्य व्यक्ति को ला रहे हैं।
ये भी पढ़ें...

नकली मंगलसूत्र मामले में मंत्री का खुलासा: महंगाई के कारण दी आर्टिफिशियल चेन

सोनम रघुवंशी बोली- नहीं भागी नेपाल, सब मेरे बारे में झूठ बोल रहे, अभी नहीं आऊंगी इंदौर

स्कूलों में नहीं चलेगी नेतागिरी, अभिभावकों के हाथों में प्रबंधन समिति की कमान

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कार ड्रेन में गिरी, 4 साल के बच्चे समेत 2 की मौत

Tags:
  • इंदौर
  • विवाद
  • चेयरमैन
  • लालवानी
  • इल्वा
  • इंदौर माहेश्वरी कॉलेज
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा