आजाद नगर में नलों से निकल रहे कीड़े, उमंग सिंघार ने किया वाटर ऑडिट

इंदौर के भागीरथपुरा कांड और गंदे पानी की शिकायतों के बीच उमंग सिंघार ने वॉटर ऑडिट कराया। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल संकट को गंभीर माना।

author-image
Rahul Dave
New Update
indore bhagirathpura water audit umang singhar
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

इंदौर के भागीरथपुरा कांड और शहर के अलग-अलग इलाकों से लगातार गंदे पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज वॉटर ऑडिट कराया है। 

सिंघार ने कहा कि गंदे पानी को लेकर लोग जागरूक नहीं हुए तो ये घटना कहीं भी हो सकती है।आजाद नगर में भी भागीरथपुरा जैसी घटना हो सकती है। इस दौरान लोगों ने भी उन्हें जानकारी दी कि नल से पानी में कीड़े निकलते हैं। हमारी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं देता है। 

क्या जिम्मेदार सोए हुए हैं? 

उमंग सिंघार ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि इस क्षेत्र में लोगों को गंदा पानी पिलाया जा रहा है। कीड़े आ रहे पानी के अंदर। उन्होंने कहा कि क्या नगर निगम, महापौर, नगरीय प्रशासन मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री सोए हुए हैं।

water audit umang singhar

आपकी कालोनी, मोहल्ला भागीरथपुरा न बन जाए 

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तत्काल शहर वॉटर आडिट होना चाहिए। इंदौर को स्वच्छता के नाम पर कई बार पुरस्कार मिला है। आज क्यों इंदौर की जनता सोई हुई है मैं चाहता हूं कि इंदौर की जनता बाहर निकले। खुद कालोनी, मोहल्लों का आडिट करें। नहीं तो दूषित पानी से आपकी कालोनी, आपका मोहल्ला भागीरथपुरा बन जाएगी। मैं ये निवेदन करना चाहता हूं कि इस पर तत्काल कार्रवाई करना चाहिए। 

water audit umang singhar

 भागीरथपुरा कांड से जुड़ी खबरें पढ़िए...

इंदौर के भागीरथपुरा में नर्मदा के पानी को बोरिंग ने ऐसे बनाया जहर, सीवरेज का पानी ऐसे नर्मदा लाइन में पहुंचा

इंदौर भागीरथपुरा में 3 माह पहले विभाग संभालने वाले IAS रोहित सिसोनिया पर क्यों गिरी गाज, इसलिए रूकी थी टेंडर फाइल

भागीरथपुरा कांड-दूषित पानी से और दो लोगों की मौत, मृतक संख्या हुई 20

इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से आखिर कितनों की मौत, हाईकोर्ट में बताया 4, मुआवजा लिस्ट में 18, 5 माह का अव्ययान भी शामिल

मौके पर ही कराई जांच

इंदौर के आजाद नगर के मदीना नगर में निरीक्षण के दौरान उमंग सिंघार ने स्थानीय रहवासियों से बातचीत की और खुद नलों का पानी निकलवाकर देखा। मौके पर ही उन्होंने पानी के सैंपल लिए और प्राथमिक स्तर पर जांच करते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। उनका कहना था कि यह सिर्फ मदीना नगर की समस्या नहीं है, बल्कि इंदौर के कई हिस्सों में आज भी लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।

water audit umang singhar

सरकार और नगर निगम को ठहराया जिम्मेदार 

नलों से निकलने वाले पानी का रंग, गंध और उसमें मौजूद गंदगी साफ तौर पर यह संकेत दे रही थी कि हालात अब भी सामान्य नहीं है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर सरकार और नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है।

सिंघार ने कहा कि बार-बार शिकायतें मिलने, लोगों के बीमार होने और कई मौतों के बाद भी यदि स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। तब यह सरकार के निकम्मेपन और प्रशासनिक लापरवाही का यह साफ प्रमाण है। 

इसलिए कराया वॉटर ऑडिट 

उमंग सिंघार ने कहा कि जब प्रशासन दावा कर रहा है कि पानी पूरी तरह साफ है, तो फिर नलों से गंदा पानी क्यों निकल रहा है? इसी सवाल का जवाब ढूंढने के लिए उन्हें खुद मैदान में उतरकर वाटर ऑडिट करना पड़ रहा है।

सिंघार के मुताबिक यह ऑडिट किसी राजनीतिक दिखावे के लिए नहीं, बल्कि जनता के स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मुद्दे को उजागर करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हालात सुधारने के बजाय सरकार जमीनी सच्चाई छुपाने में लगी हुई है।

प्रशासन के दावों के विपरित स्थिति 

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि मदीना नगर ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य क्षेत्रों से भी दूषित पानी की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। वाटर ऑडिट के दौरान कई जगहों पर पानी में गंदगी, बदबू और रंग में बदलाव पाया गया है। यह स्थिति प्रशासन द्वारा किए जा रहे दावों के बिल्कुल विपरीत है।

भयावह रूप ले सकता है यह संकट 

उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते पूरे शहर में पाइपलाइन, टंकियों और जल स्रोतों की गहन जांच नहीं की गई, तो यह संकट और भी भयावह रूप ले सकता है। खासतौर पर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार, जो बोतलबंद या टैंकर का पानी खरीदने में सक्षम नहीं हैं, सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

सरकार रिपोर्ट सार्वजनिक करें 

उमंग सिंघार ने कहा कि दूषित पानी केवल असुविधा नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लोगों की जान से जुड़ा मामला है। उल्टी-दस्त, संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह पारदर्शी तरीके से जल जांच कराए और रिपोर्ट सार्वजनिक करे। भागीरथपुरा में दूषित पानी की सप्लाई 

विपक्ष विधानसभा तक उठाएगा मुद्दा 

नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो विपक्ष इस मुद्दे को सडक़ से लेकर विधानसभा तक उठाएगा। उनका कहना था कि शहर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी है, और इसमें कोई भी समझौता जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होगा।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इंदौर इंदौर के आजाद नगर भागीरथपुरा में दूषित पानी की सप्लाई भागीरथपुरा भागीरथपुरा कांड
Advertisment