इंदौर पुलिस घूसकांड: लोकायुक्त का बड़ा एक्शन, पूर्व इंस्पेक्टर,दो आरक्षकों पर FIR

Sanjay Gupta | Aug 24, 2026, 21:47 IST
Share
indore-crime-branch-bribe-case-lokayukta-fir
indore-crime-branch-bribe-case-lokayukta-fir

इंदौर क्राइम ब्रांच रिश्वत केस में लोकायुक्त ने तत्कालीन इंस्पेक्टर समेत चार लोगों पर मामला दर्ज किया। आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई रोकने के बदले 1.20 लाख रुपए रिश्वत मांगी गई थी।

इंदौर क्राइम ब्रांच से जुड़ा रिश्वत का मामला अब सुर्खियों में आया है। लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले में चार लोगों पर केस दर्ज किया। इनमें तत्कालीन इंस्पेक्टर, दो आरक्षक और एक निजी व्यक्ति शामिल हैं।

आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई रोकने के बदले रिश्वत मांगी गई। पूरी रकम एक लाख बीस हजार रुपए बताई गई है। शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त पुलिस के सामने तकनीकी सबूत भी प्रस्तुत किए। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया था। सत्यापन में उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच भी की गई थी। लोकायुक्त के मुताबिक शिकायत सही पाए जाने के बाद कार्रवाई हुई।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

मामले की शुरुआत इंदौर निवासी प्रीति हजारी की शिकायत से हुई। प्रीति हजारी ने दो अप्रैल को लोकायुक्त अधिकारियों को आवेदन दिया। शिकायत में क्राइम ब्रांच से जुड़े पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। उनके मुताबिक बेटे प्रांजल को क्राइम ब्रांच कार्यालय बुलाया गया। यह बुलावा एक शिकायत से जुड़े मामले की जांच के दौरान हुआ।

शिकायतकर्ता के अनुसार बेटे पर कार्रवाई होने की बात कही गई। इसके बाद कार्रवाई से बचाने के बदले रकम मांगी गई। शिकायत में रिश्वत की कुल रकम एक लाख बीस हजार बताई। इस घटनाक्रम को लेकर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई गई।

कार्रवाई से बचाने के बदले रकम मांगने का आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार बेटे को क्राइम ब्रांच में बुलाया गया था। वहां उसके खिलाफ आई शिकायत को लेकर बातचीत हुई थी। आरोप है कि कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया था।
इसके लिए एक लाख बीस हजार रुपये देने की मांग हुई।

शिकायत के अनुसार रकम अलग-अलग तरीकों से ली गई थी। पहली रकम यूपीआई ट्रांसफर के जरिए देने का आरोप है। इसके बाद बाकी रकम नकद लेने की बात सामने आई। लोकायुक्त को इस लेनदेन से जुड़े तकनीकी साक्ष्य भी मिले। जांच एजेंसी ने इन्हीं साक्ष्यों का सत्यापन कराया था।

50,800 रुपये यूपीआई से हुए ट्रांसफर

शिकायत के मुताबिक बीस मार्च को 50,800 रुपए ट्रांसफर हुए। यह भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार रकम दीपक पटेल के खाते में गई।

दीपक पटेल को मामले में निजी व्यक्ति बताया गया है। शिकायतकर्ता ने इस भुगतान से जुड़े तकनीकी दस्तावेज भी सौंपे। इसके अगले दिन 70 हजार रुपए नकद देने का आरोप है।

इस तरह कथित रकम कुल एक लाख बीस हजार बनी। लोकायुक्त ने शिकायत में बताए गए तथ्यों का परीक्षण कराया। इसके बाद चारों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।

इन चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

लोकायुक्त पुलिस ने तत्कालीन इंस्पेक्टर सुजीत श्रीवास्तव को आरोपी बनाया। उनके साथ अभय सिंह का नाम भी मामले में शामिल है। विकास सेंधव को भी आरोपी बनाकर विवेचना शुरू हुई। चौथे आरोपी के रूप में दीपक पटेल का नाम सामने आया।

दीपक पटेल को निजी व्यक्ति बताया गया है। लोकायुक्त ने चारों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा सात लगाई गई। इसके साथ बीएनएस की धारा 61(2) भी लगाई गई। अब आगे की जांच लोकायुक्त पुलिस द्वारा की जाएगी।

लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन कैसे किया

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त एसपी ने सत्यापन कराया था। सत्यापन प्रक्रिया में उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों को देखा गया। शिकायत में बताए गए लेनदेन की जानकारी भी जांची गई।

लोकायुक्त के अनुसार जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद 24 अगस्त को चारों पर अपराध दर्ज हुआ। मामले की विवेचना अब आधिकारिक तौर पर आगे बढ़ेगी। आरोपियों से पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए जाने हैं। जांच के दौरान अन्य तथ्यों की भी पड़ताल संभव है। हालांकि अभी आरोपों पर अंतिम न्यायिक फैसला नहीं आया है।

इस मामले में आगे क्या होगा

अब लोकायुक्त पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना करेगी। जांच के दौरान आरोपों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल होगी। यूपीआई लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड भी जांच में महत्वपूर्ण होंगे। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जाएगी।

लोकायुक्त टीम आरोपियों को पूछताछ के लिए नोटिस दे सकती है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अगली कार्रवाई होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी एफआईआर और प्रारंभिक विवेचना तक सीमित है। इसलिए आरोपों को अभी अंतिम रूप से सच नहीं माना जाएगा।अदालत में दोष सिद्ध होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा।

यह खबरें भी पढ़ें...

लोकायुक्त छापे पर बोली इंदौर निगम नेता प्रतिपक्ष, निगम का हर कर्मचारी अंबानी जैसा अमीर

इंदौर लोकायुक्त का निगम के सहायक राजस्व अधिकारी पर छापा, दोगुनी मिली कमाई

सिवनी में लोकायुक्त छापा: बाबू के पास सवा 6 करोड़ की संपत्ति, सभी पत्नी के नाम

रिटायरमेंट से एक दिन पहले AE रिश्वत लेते गिरफ्तार, ग्वालियर लोकायुक्त की कार्रवाई

Tags:
  • रिश्वत
  • इंदौर क्राइम ब्रांच
  • एफआईआर
  • शिकायत
  • लोकायुक्त पुलिस
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम
छत्तीसगढ़ पुलिस में 7 अधिकारियों की नई पोस्टिंग, CM सुरक्षा से राजभवन तक बदले अधिकारी, भाटापारा DSP भी बदले

By VINAY VERMA

छत्तीसगढ़ पुलिस में 7 अधिकारियों की नई पोस्टिंग, CM सुरक्षा से राजभवन तक बदले अधिकारी, भाटापारा DSP भी बदले
3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस, आयुक्त बोले-कैलेंडर बनाते समय ध्यान नहीं रहा

By Jageshwar prasad

3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस, आयुक्त बोले-कैलेंडर बनाते समय ध्यान नहीं रहा
जैसलमेर: शाहगढ़ में केंद्र सरकार की कैराकल संरक्षण की योजना, दो को लगाए गए रेडियो कॉलर

By Jageshwar prasad

जैसलमेर: शाहगढ़ में केंद्र सरकार की कैराकल संरक्षण की योजना, दो को लगाए गए रेडियो कॉलर
टिकट के दावेदारों से दिलावर बोले-प्रधान बनकर गड़बड़ी मत करना; चाबी मेरे पास, एक मिनट में हटा दूंगा

By Saurabh Mishra

टिकट के दावेदारों से दिलावर बोले-प्रधान बनकर गड़बड़ी मत करना; चाबी मेरे पास, एक मिनट में हटा दूंगा
इंदौर में दादा ने किया मोलेस्ट, तो पोती ने बैट से हमला कर ले ली जान, जानें क्या है पूरा मामला

By Manya Jain

इंदौर में दादा ने किया मोलेस्ट, तो पोती ने बैट से हमला कर ले ली जान, जानें क्या है पूरा मामला
छत्तीसगढ़ में लाइब्रेरी से घर लौट रही युवती पर एसिड अटैक, चेहरे और शरीर का ऊपरी हिस्सा झुलसा, आरोपी फरार

By Umeshwari Baghel

छत्तीसगढ़ में लाइब्रेरी से घर लौट रही युवती पर एसिड अटैक, चेहरे और शरीर का ऊपरी हिस्सा झुलसा, आरोपी फरार
एमपी कृषि विभाग में 3357 कर्मचारियों का प्रमोशन, CM मोहन यादव बोले-अब हर साल होगी DPC

By Sandeep Kumar

एमपी कृषि विभाग में 3357 कर्मचारियों का प्रमोशन, CM मोहन यादव बोले-अब हर साल होगी DPC