इंदौर में जल संकट: अब विधायक रमेश मेंदोला के घर भीड़ लेकर पहुंचे बीजेपी के ही पार्षद
Sanjay Gupta | May 23, 2026, 13:03 IST
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इंदौर में जल संकट थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। बोरिंग सूख गई है, नर्मदा सप्लाई सीमित है। लोग पानी की तलाश में लगातार भटक रहे हैं। हालत यह है कि पार्षदों के घर धरना, प्रदर्शन के बाद अब विधायकों के घर भी लोग पहुंचने लगे हैं।
Indore. मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटों से जीत का रिकॉर्ड (1.07 लाख) बनाने वाले इंदौर विधानसभा-2 के विधायक रमेश मेंदोला को भी अब जल संकट पर सुननी पड़ रही है। उनकी ही विधानसभा के वार्ड 26 से भाजपा पार्षद लाल बहादुर वर्मा स्थानीय निवासियों को साथ लेकर विधायक के घर पहुंच गए। पाटनीपुरा इलाके के लोग एकजुट होकर भारी भीड़ के रूप में उनके निवास पर गए और वहां धरने पर बैठ गए।
इससे पहले इंदौर विधानसभा पांच के विधायक महेंद्र हार्डिया भी कह चुके हैं कि पानी की स्थिति विस्फोटक हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे तो वे महापौर के बंगले पर धरना देने जाएंगे।
हालांकि, बाद में संगठन से फटकार मिलने पर उन्होंने अपने सुर बदलते हुए कहा कि नगर निगम अच्छा काम कर रहा है। इंदौर में इस समय जल संकट को लेकर लगातार चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं।
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पार्षद और लोगों ने कहा कि उनके वार्ड में टैंकर नहीं आ रहे हैं। पानी की टंकी की भी जरूरत है। इसके चलते जल संकट गहरा गया है। साथ ही उनके वार्ड का पानी अन्य एरिया में जाने के भी आरोप लगाए गए। इस पर विधायक ने उनकी बातें सुनी और नई टंकी का काम करवाने और जल्द ही टैंकर की संख्या बढ़वाने की बात कही।
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इसके पहले भी लाल बहादुर वर्मा जल संकट को लेकर विरोध कर चुके हैं। तब उन्होंने कहा था कि महापौर ने टैंकर दिए हैं, लेकिन उनका क्या करूं? इन्हें भरने के लिए पानी ही नहीं मिल रहा है। दिन भर में एक टैंकर ही भर पा रहा है तो फिर पानी कैसे दूंगा।
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इसके पहले वार्ड 70 के बीजेपी पार्षद भरत रघुवंशी के घर पर महिलाएं पानी की मांग को लेकर पहुंच चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि यह वही पार्षद हैं जो कुछ दिन पहले जल संकट को लेकर उनके पास पहुंची महिलाओं को बोले चुके हैं कि, मुस्लिम जैसे अधिक बच्चे पैदा करो, तभी तरक्की होगी।
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उधर निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि इंदौर में 695 टैंकर चल रहे हैं। इसमें 616 निजी हैं जो निगम से अनुबंधित हैं और 79 टैंकर निगम के हैं। यह शहर के 85 वार्ड में पानी दे रहे हैं। उन्होंने शिकायत नंबर 9244999881 और 888985520 जारी किए हैं।
निगमायुक्त ने कहा कि कोई भी टैंकर से पानी बेचता हुआ पाया गया तो इस पर शिकायत करें। निगम के हर टैंकर पर यह स्टिकर लगा होना और निगम लिखा होना जरूरी है। ऐसे कुछ टैंकर भी निगमायुक्त ने पकड़े, जिस पर जुर्माना लगाया गया है।
हाल ही में पानी की समस्या को लेकर एसीएस अनुपम राजन भी इंदौर आए थे। इनसे सांसद, महापौर व अन्य विधायक 50 करोड़ के पैकेज की मांग कर चुके हैं। इससे टैंकर की संख्या बढ़ाने और हाइड्रेंट बढ़ाने की बात कही गई।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव का का कहना है कि छह हजार से अधिक बोरिंग है जिसमें से चार हजार से ज्यादा सूख चुके हैं। शहर में साल 2013 के बाद नर्मदा पानी की सप्लाई नहीं बढ़ी। वहीं जनसंख्या में बढ़ोतरी होती रही। इसके चलते यह जलसंकट आया है।
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इससे पहले इंदौर विधानसभा पांच के विधायक महेंद्र हार्डिया भी कह चुके हैं कि पानी की स्थिति विस्फोटक हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि हालात नहीं सुधरे तो वे महापौर के बंगले पर धरना देने जाएंगे।
हालांकि, बाद में संगठन से फटकार मिलने पर उन्होंने अपने सुर बदलते हुए कहा कि नगर निगम अच्छा काम कर रहा है। इंदौर में इस समय जल संकट को लेकर लगातार चक्काजाम और उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं।
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यह बोले रहवासी और पार्षद
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इसके पहले पार्षद बोल चुके टैंकर हैं लेकिन पानी नहीं
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पार्षद रघुवंशी के घर पहुंची महिलाएं
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निगमायुक्त ने जारी किए शिकायत नंबर
निगमायुक्त ने कहा कि कोई भी टैंकर से पानी बेचता हुआ पाया गया तो इस पर शिकायत करें। निगम के हर टैंकर पर यह स्टिकर लगा होना और निगम लिखा होना जरूरी है। ऐसे कुछ टैंकर भी निगमायुक्त ने पकड़े, जिस पर जुर्माना लगाया गया है।
महापौर, विधायक मांग चुके 50 करोड़ का पैकेज
महापौर पुष्यमित्र भार्गव का का कहना है कि छह हजार से अधिक बोरिंग है जिसमें से चार हजार से ज्यादा सूख चुके हैं। शहर में साल 2013 के बाद नर्मदा पानी की सप्लाई नहीं बढ़ी। वहीं जनसंख्या में बढ़ोतरी होती रही। इसके चलते यह जलसंकट आया है।
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