जबलपुर में 4 पटवारियों के अपहरण का दावा, मझौली से पटवारी लापता! कलेक्टर बोले पुलिस के पास जाएं

Neel Tiwari | Oct 09, 2026, 23:00 IST
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जबलपुर पटवारी हड़ताल: 4 के अपहरण का आरोप, एक लापता
जबलपुर पटवारी हड़ताल: 4 के अपहरण का आरोप, एक लापता

JABALPUR. जबलपुर में पटवारियों की हड़ताल के बीच प्रशासन पर दबाव बनाकर काम कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। गोरखपुर के बाद कुंडम में चार पटवारियों के कथित अपहरण और मझौली से एक पटवारी के लापता होने की सूचना सामने आई है। जबलपुर कलेक्टर ने घटना की जानकारी से ही इनकार कर दिया है।

हड़ताल या पटवारियों पर दबाव की मुहिम?

पटवारियों की हड़ताल ( Patwari Strike ) और प्रशासन के बीच टकराव अब गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। सुबह गोरखपुर तहसील में महिला पटवारियों को बुलाकर स्वामित्व योजना का काम कराने के दबाव का मामला सामने आया। शाम होते-होते कुंडम में चार पटवारियों के कथित अपहरण और मझौली से एक पटवारी के लापता होने की जानकारी सामने आ गई।

'द सूत्र' के पास पटवारी संघ के व्हाट्सएप ग्रुप के कुछ स्क्रीनशॉट पहुंचे हैं। संघ अध्यक्ष जागेंद्र पीपरे ने भी इन घटनाओं से जुड़ी शिकायतों की पुष्टि की है। हालांकि, अपहरण और बंधक बनाए जाने के आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

वायरल वीडियो में रोती दिखी महिला पटवारी

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया है। वीडियो में एक महिला पटवारी रोती हुई नजर आ रही है। उसके साथ मौजूद महिला उसे पानी पिलाती दिखाई देती है। पटवारी संघ से जुड़े आरोपों के मुताबिक, कुंडम एसडीएम प्रगति गनवीर के निर्देश पर महिला पटवारियों को कथित तौर पर जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया।

आरोप यह भी है कि इसके बाद उनके मोबाइल फोन ले लिए गए और पटवारी संघ के व्हाट्सएप ग्रुप में चल रही बातचीत देखी गई। इसी दौरान कर्मचारियों पर काम करने का दबाव बनाए जाने की बात कही जा रही है। दावा है कि एक महिला पटवारी की तबीयत बिगड़ गई और उसे पैनिक अटैक आया। इन आरोपों पर एसडीएम का पक्ष सामने नहीं आया है।

जबलपुर पटवारी हड़ताल: महिला पटवारियों को जबरन काम कराने का आरोप, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वामित्व योजना का दबाव | Jabalpur Patwari Strike: Allegations of forced work on women patwaris, pressure for Swamitva Yojana in rural areas
महिला पटवारियों को जबरन बुलाकर काम कराने के आरोप पर बवाल, हड़ताल के बीच ग्रामीण काम कराने का दबाव
09 Oct 2026 ,
By Neel Tiwari
JABALPUR. जबलपुर की गोरखपुर तहसील में महिला पटवारियों को स्वामित्व योजना का काम सौंपने पर विवाद हो गया। पटवारी संघ ने हड़ताल के बावजूद दबाव बनाने और शहरी क्षेत्र की कर्मचारियों से ग्रामीण काम कराने का आरोप लगाया है। संघ ने कहा कि हमारी मांगें मानते ही काम शुरू कर देंगे।
JABALPUR. जबलपुर की गोरखपुर तहसील में महिला पटवारियों को स्वामित्व योजना का काम सौंपने पर विवाद हो गया। पटवारी संघ ने हड़ताल के बावजूद दबाव बनाने और शहरी क्षेत्र की कर्मचारियों से ग्रामीण काम कराने का आरोप लगाया है। संघ ने कहा कि हमारी मांगें मानते ही काम शुरू कर देंगे।

4 पटवारियों के अपहरण और मोबाइल छीनने के आरोप

पटवारी संघ से मिली जानकारी के अनुसार, कुंडम में चार पटवारियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध ले जाने का आरोप लगाया गया है। संघ को यह शिकायत भी मिली कि कर्मचारियों के मोबाइल फोन लेकर उनकी निजी बातचीत और संगठन के व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी देखी गई।

यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो मामला केवल हड़ताल के दौरान काम कराने के दबाव तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें कर्मचारियों की स्वतंत्रता और उनके साथ किए गए कथित व्यवहार पर भी सवाल उठेंगे। फिलहाल इन घटनाओं की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होना बाकी हैं। संबंधित अधिकारियों और पुलिस का पक्ष सामने आना जरूरी है।

मझौली से पटवारी तेज सिंह लापता

कुंडम के घटनाक्रम के बीच मझौली से पटवारी तेज सिंह के लापता होने की जानकारी भी सामने आई है। पटवारी संघ के अनुसार, तेज सिंह से संपर्क नहीं हो पा रहा है। संघ को आशंका है कि उन्हें कहीं रोककर रखा गया हो सकता है।

हालांकि, उन्हें बंधक बनाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इस सूचना के बाद संघ अपने कर्मचारियों की स्थिति का पता लगाने और उनकी सहायता करने में जुटा है। एक ही दिन में अलग-अलग क्षेत्रों से आई इन शिकायतों ने पटवारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

जबलपुर में 18 पटवारी निलंबित, 164 को नोटिस: काम में लापरवाही पर प्रशासन का बड़ा एक्शन | 18 Patwaris Suspended in Jabalpur, 164 Issued Notices: Big Action by Administration for Negligence in Work
जबलपुर में 17 पटवारी सस्पेंड, 164 को नोटिस, काम में लापरवाही पर प्रशासन का बड़ा एक्शन
09 Oct 2026 ,
By Sumit Kumar
मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिला प्रशासन ने पटवारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। सरकारी काम में लापरवाही के आरोप में 17 पटवारी निलंबित किए गए हैं। वहीं, 164 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनसे काम में लापरवाही और सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करने पर जवाब मांगा गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले के राजस्व विभाग में हलचल बढ़ गई है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिला प्रशासन ने पटवारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। सरकारी काम में लापरवाही के आरोप में 17 पटवारी निलंबित किए गए हैं। वहीं, 164 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनसे काम में लापरवाही और सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करने पर जवाब मांगा गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले के राजस्व विभाग में हलचल बढ़ गई है।

कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित: पटवारी संघ अध्यक्ष

पटवारी संघ अध्यक्ष जागेंद्र पीपरे ने कहा कि गोरखपुर में महिला पटवारियों को बुलाकर काम कराने का विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि कुंडम और मझौली से नई शिकायतें सामने आने लगीं। उन्होंने कहा कि संगठन अपने कर्मचारियों की स्थिति का पता लगाने और उन्हें सहायता देने की कोशिश कर रहा है।

संघ का आरोप है कि हड़ताल के दौरान पटवारियों पर काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। संगठन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह सरकारी काम का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि अपनी मांगें पूरी होने और कर्मचारियों पर कथित दबाव बंद होने की मांग कर रहा है।

कलेक्टर बोले पुलिस के पास जाएं पटवारी

इस पूरे मामले में प्रशासन की प्रतिक्रिया भी सवालों के घेरे में है। द सूत्र ने कुंडम एसडीएम प्रगति गनवीर से संपर्क करने की कोशिश की। उनके दो मोबाइल नंबरों में से एक स्विच ऑफ मिला, जबकि दूसरे नंबर पर कई बार फोन करने के बावजूद जवाब नहीं मिला। उन्हें संदेश भी भेजा गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

इसके बाद जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह से मामले की जानकारी मांगी गई। उन्हें एक पटवारी के लापता होने और महिला पटवारी की तबीयत बिगड़ने की सूचना दी गई। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने पहले घटना की जानकारी होने से इनकार किया।

वीडियो भेजने की बात कहने पर उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटना हुई है, तो संबंधित लोग पुलिस के पास जा सकते हैं। इससे यह समझ में आ रहा है कि प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को टालने की कोशिश की जा रही है।

मुख्य सचिव का कलेक्टरों को अल्टीमेटम: स्वामित्व योजना में काम नहीं हुआ तो जाएगी कलेक्टरी! | Chief Secretary's Ultimatum to Collectors: If work on Ownership Scheme is not done, Collectorate will be lost!
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल का कलेक्टरों को सात दिन का अल्टीमेटम, स्वामित्व योजना पर सख्ती, काम नहीं हुआ तो जाएगी कलेक्टरी
08 Oct 2026 ,
By Sanjay Dhiman
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कलेक्टरों को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। स्वामित्व योजना का काम पटवारियों से न करा पाने वाले कलेक्टरों को भोपाल बुलाया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उन्होंने तहसीलदारों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए। पटवारी आंदोलन के बीच आई यह चेतावनी सरकार की सख्ती दिखाती है। वहीं डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के साथ पटवारियों की बैठक टल गई है।
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कलेक्टरों को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। स्वामित्व योजना का काम पटवारियों से न करा पाने वाले कलेक्टरों को भोपाल बुलाया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उन्होंने तहसीलदारों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए। पटवारी आंदोलन के बीच आई यह चेतावनी सरकार की सख्ती दिखाती है। वहीं डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के साथ पटवारियों की बैठक टल गई है।

सवाल यह है, किसके खिलाफ होगी कार्रवाई?

यहीं से मामला और पेचीदा हो जाता है। यदि किसी अधिकारी के निर्देश पर कर्मचारी को जबरन ले जाने या उस पर दबाव बनाने का आरोप है, तो संबंधित कर्मचारी शिकायत लेकर किसके पास जाए? पुलिस के पास शिकायत करना कानूनी रास्ता है, लेकिन आरोप यदि प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ हों, तो निष्पक्ष जांच और शिकायतकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

केवल आरोपों के आधार पर किसी अधिकारी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन गंभीर शिकायतों की अनदेखी भी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह घटनाक्रम की जांच कराए और स्थिति स्पष्ट करे।

सुबह विवाद, शाम को तीन और निलंबन आदेश

इस घटनाक्रम के बीच कुंडम से तीन अन्य पटवारियों के निलंबन का आदेश भी सामने आया है। इससे पहले भी पटवारियों पर कार्रवाई को लेकर संघ नाराजगी जता चुका है। संघ का आरोप है कि स्वामित्व योजना की रजिस्ट्रियां कराने के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।

प्रशासनिक कार्रवाई के पीछे क्या कारण हैं, यह संबंधित आदेशों और अधिकारियों के पक्ष से स्पष्ट होगा। लेकिन हड़ताल, निलंबन और कर्मचारियों को जबरन ले जाने के आरोप एक साथ सामने आने से विवाद और गहरा गया है।

आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी

जबलपुर में पटवारियों और प्रशासन के बीच विवाद अब केवल काम करने या हड़ताल करने की लड़ाई नहीं रह गया है। कुंडम में कथित अपहरण, मोबाइल फोन छीनने और महिला पटवारी की तबीयत बिगड़ने के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। मझौली के पटवारी तेज सिंह की स्थिति भी स्पष्ट होनी चाहिए।

'द सूत्र' इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों से इन सवालों के स्पष्ट जवाब अपेक्षित हैं। यदि आरोप गलत हैं, तो प्रशासन तथ्यों के साथ स्थिति साफ करे। यदि किसी कर्मचारी के साथ जबरदस्ती हुई है, तो जिम्मेदार लोगों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।

कार्यकारी अध्यक्ष मुक्ता चौकसे भी निलंबित

पटवारी संघ की कार्यकारी अध्यक्ष मुक्ता चौकसे को भी किया निलंबित
पटवारी संघ की कार्यकारी अध्यक्ष मुक्ता चौकसे को भी किया निलंबित
गोरखपुर तहसील में कार्यरत थी पटवारी मुक्ता चौकसे, देर शाम कुंडम के तीन पटवारी को निलंबित करने के आदेश के बाद एक और पटवारी पर गिरि गाज। हालांकि, प्रशासन को भी यह पता है कि बिना कारण बताओ नोटिस और पक्ष रखने क्या मौका दिए किए गए निलंबन (Patwari Suspension) किसी भी तरह कोर्ट के सामने नहीं टिकेंगे। इसके बाद भी लगातार पटवारियों के खिलाफ दबाव बनाने के लिए निलंबन आदेश जारी किए जा रहे हैं।

आपको बता दें कि कानूनी जानकारी के अनुसार बिना जांच और पक्ष रखने का मौका दिए कोई भी आदेश यदि जारी किया जाता है तो वह नियम विरुद्ध है। इस तरह का कोई भी कर्मचारी यदि कोर्ट पहुंचता है तो पहली ही सुनवाई में उसे राहत मिल जाएगी। प्रशासन को यह बखूबी पता है कि एक ही सुनवाई में यह आदेश रद्द हो जाएगा। उसके बाद ही प्रशासन लगातार दबाव बनाने की कोशिश में इस तरह के आदेश जारी कर रहा है।

FAQ:

  1. जबलपुर पटवारी हड़ताल का कारण क्या है?
    जबलपुर पटवारी हड़ताल का मुख्य कारण कर्मचारियों पर स्वामित्व योजना के तहत काम करने का दबाव है, जिसके चलते पटवारी संघ ने हड़ताल का ऐलान किया है।
  2. कुंडम में पटवारियों के अपहरण का आरोप किस पर लगा है?
    पटवारी संघ ने कुंडम में चार पटवारियों के अपहरण का आरोप स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी पर लगाया है, जिसमें एसडीएम प्रगति गनवीर का नाम शामिल है।
  3. मझौली से लापता पटवारी तेज सिंह की स्थिति क्या है?
    मझौली से पटवारी तेज सिंह लापता हो गए हैं और पटवारी संघ को आशंका है कि उन्हें कहीं रोककर रखा गया हो सकता है।
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