खंडवा में पशुओं की चर्बी से घी बनाने वाली अवैध फैक्ट्री ध्वस्त, निगम के दो अफसर सस्पेंड
Amresh Kushwaha | Apr 30, 2026, 13:05 IST
khandwa charbi kand factory dhwast do afsar suspend
खंडवा में पशुओं की चर्बी से घी बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा हुआ था। इस फैक्ट्री का लाइसेंस 2023 में ही खत्म हो गया था। तीन साल बाद जिला प्रशासन ने फैक्ट्री जमींदोज की है। साथ ही, दो निगम अफसरों को सस्पेंड किया गया है।
मुश्ताक मंसूरी @ खंडवा
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। परेशीपुरा बेगम पार्क के पास एक फैक्ट्री में पशुओं की चर्बी से घी बनाया जा रहा था। यह घी बाजार में बेचा जाता था। जब मामला सामने आया तो पूरे शहर में हड़कंप मच गया।
जांच में पता चला कि इस फैक्ट्री का ट्रेड लाइसेंस 31 मार्च 2023 को ही खत्म हो गया था। इसके बाद भी फैक्ट्री धड़ल्ले से चलती रही। यानी करीब तीन साल तक यह धंधा पूरी तरह अवैध तरीके से जारी रहा। खंडवा नगर निगम के जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे बैठे रहे।
गुरुवार, 30 अप्रैल को जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ फैक्ट्री पर हथौड़ा चलाया। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। सीएमओ यानी सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह और निगम आयुक्त प्रियंका राजावत खुद मौके पर पहुंचे।
फैक्ट्री तक पहुंचना आसान नहीं था। गली बेहद संकरी थी, इसलिए जेसीबी (JCB) अंदर नहीं जा सकती थी। ऐसे में निगम कर्मचारियों ने हाथ में हथौड़े उठाए और करीब 5 हजार वर्ग फुट में फैली फैक्ट्री को धीरे-धीरे जमींदोज कर दिया।
इस मामले में दो अफसरों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। प्रभारी सहायक राजस्व निरीक्षक अमित अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने फैक्ट्री को बंद कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया और अपने वरिष्ठ अफसरों को भी जानकारी नहीं दी।
प्रभारी अधिकारी पशुवध गृह जाकिर अहमद पर आरोप हैं कि उन्होंने पशुवध गृह में अवैध काम होने दिया, गंदगी फैलने दी और रिपोर्टिंग में लापरवाही बरती। दोनों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम के तहत हटा दिया गया है।
अब अमित अग्रवाल को जनगणना कार्यालय जोन-04 में तैनात किया गया है, जबकि जाकिर अहमद का नया विभाग जलप्रदाय होगा।
निगम आयुक्त प्रियंका राजावत ने इस कार्रवाई के बाद साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आगे भी जांच होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
पशुओं की चर्बी से बना घी खाना गंभीर बीमारियों को न्योता देता है। यह मिलावट न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है, बल्कि लीवर, पेट और अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। खंडवा जैसे शहर में यह घी किन-किन दुकानों या घरों तक पहुंचा, यह अभी जांच का विषय है।
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) के नियमों के तहत इस तरह की मिलावट एक संज्ञेय अपराध है। इसमें भारी जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।
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News In Short
- खंडवा में पशुओं की चर्बी से नकली घी बनाने की फैक्ट्री का खुलासा हुआ था।
- फैक्ट्री का लाइसेंस मार्च 2023 में ही खत्म हो चुका था।
- तीन साल तक यह अवैध धंधा बिना रोकटोक के चलता रहा है।
- जिला प्रशासन ने फैक्ट्री को जमींदोज कर दिया है।
- दो निगम अफसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
News In Detail
जांच में पता चला कि इस फैक्ट्री का ट्रेड लाइसेंस 31 मार्च 2023 को ही खत्म हो गया था। इसके बाद भी फैक्ट्री धड़ल्ले से चलती रही। यानी करीब तीन साल तक यह धंधा पूरी तरह अवैध तरीके से जारी रहा। खंडवा नगर निगम के जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे बैठे रहे।
कैसे हुई बड़ी कार्रवाई?
फैक्ट्री तक पहुंचना आसान नहीं था। गली बेहद संकरी थी, इसलिए जेसीबी (JCB) अंदर नहीं जा सकती थी। ऐसे में निगम कर्मचारियों ने हाथ में हथौड़े उठाए और करीब 5 हजार वर्ग फुट में फैली फैक्ट्री को धीरे-धीरे जमींदोज कर दिया।
किन अफसरों पर गिरी गाज?
प्रभारी अधिकारी पशुवध गृह जाकिर अहमद पर आरोप हैं कि उन्होंने पशुवध गृह में अवैध काम होने दिया, गंदगी फैलने दी और रिपोर्टिंग में लापरवाही बरती। दोनों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम के तहत हटा दिया गया है।
अब अमित अग्रवाल को जनगणना कार्यालय जोन-04 में तैनात किया गया है, जबकि जाकिर अहमद का नया विभाग जलप्रदाय होगा।
जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ सहन नहीं होगा: निगम आयुक्त
जनस्वास्थ्य को कितना खतरा?
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) के नियमों के तहत इस तरह की मिलावट एक संज्ञेय अपराध है। इसमें भारी जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।
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