खंडवा में पिपलानी सहकारी समिति घोटाले में करोड़ों डूबे, FIR तक नहीं
Anjali Dwivedi | Mar 16, 2026, 13:36 IST
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खंडवा के पिपलानी में सहकारी समिति ने 25-30 करोड़ रुपए का घोटाला कर दिया। इससे डूब प्रभावित किसानों की मुआवजा राशि भी फंस गई। कलेक्टर के आदेश के बाद भी न तो चांज पूरी हुई और ना ही FIR हुई।
News In Short
- खंडवा जिले के पिपलानी की सहकारी समिति में 25 से 30 करोड़ का घोटाला हुआ है।
- समिति ने अच्छे ब्याज का लालच देकर ग्रामीणों से रकम जमा करवाई।
- करीब छह महीने पहले खाताधारकों का बैलेंस अचानक शून्य हो गया।
- कलेक्टर के FIR के आदेश के बाद भी पांच महीने से जांच अधूरी है।
- डूब प्रभावित किसान भी अपनी मुआवजा राशि के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
News In Detail
ब्याज का लालच और करोड़ों का गबन
जांच में सामने आया कि समिति प्रबंधक ने यह रकम गबन कर ली है। अब तक 15 करोड़ से ज्यादा का गबन सामने आ चुका है। पूरे मामले में 25 से 30 करोड़ रुपए की राशि फंसी बताई जा रही है।
किसान रामबक्श की दर्दभरी कहानी
7 लाख, 6.75 लाख और 2 लाख रुपए, यानी कुल 16 लाख रुपए जमा हुए। इसका मतलब है 7.25 फीसदी ब्याज से एक साल में 17 लाख मिलने थे, लेकिन समिति ने जो 10 लाख का चेक दिया, वह भी बाउंस हो गया। अब रामबक्श बैंक और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
30 साल पुरानी संस्था में लंबा खेल
कलेक्टर का आदेश, विभाग ने दबाया
जिला पंजीयक सहकारिता संजय आर्य को जांच सौंपी गई है। पांच महीने से ज्यादा बीत चुके हैं, जांच अभी भी अधूरी है। दोषी पर FIR न होना सबसे बड़ा सवाल है। आखिर किसके दबाव में मामला दबाया जा रहा है?
खाताधारक कलेक्ट्रेट के लगा रहे चक्कर
सहकारिता विभाग पर गंभीर सवाल
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